आपका बॉडी बिल्डिंग प्रोटीन पाउडर असली है या नकली, ऐसे करें परीक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 10, 2018
Quick Bites

  • बॉडी बिल्डिंग प्रोटीन पाउडर असली है या नकली
  • प्रोटीन की शुद्धता की जांच कैसे करें 
  • किसी जिम वाले, पड़ोसी दोस्‍त या किसी स्‍टोर वाले के कहने पर प्रोटीन पाउडर लेने से बचें

 

बॉडी बनाने के फेर में अक्‍सर लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका खामियाजा अपनी सेहत को गवांकर चुकाना पड़ता है। इनमें से एक है गलत प्रोटीन पाउडर का चुनाव। कई लोग सस्‍ते सप्‍लीमेंट के चक्‍कर में मिलावटी प्रोटीन का सेवन करने लग जाते हैं जिसका प्रभाव काफी हानिकारक होता है। कई बार सप्‍लीमेंट बनाने वाली कंपनियां भी गलत सूचना देकर लोगों को भ्रमित करती हैं और बॉडीबिल्डिंग करने वाले लोग भी बिना जांच परख के उस सप्‍लीमेंट का इस्‍तेमाल करने लग जाते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ बातें बताने जा रहे हैं जिससे आप पता कर पाएंगे कि आपका प्रोटीन पाउडर असली है या नकली? 

 

क्‍या प्रोटीन पानी में मिक्‍स हो जाता है 

अगर आपको लगता है कि मार्केट से लाया गया प्रोटीन पाउडर नकली है तो उसकी शुद्धता की जांच किया जा सकता है। इसके लिए आप एक चम्‍मच प्रोटीन पाउडर को एक ग्‍लास पानी में पानी में घोल दें। अगर वह पूरी तरह नहीं घुला तो वह नकली सपलीमेंट है, क्योंकि असली प्रोटीन पानी में पूरी तरह से मि‍क्स हो जाता है। 

स्वाद कैसा लगता है 

बॉडी बिल्डिंग प्रोटीन पाउडर को पानी में डालकर टेस्‍ट करें। अगर प्रोटीन बेस्वाद लगता है और सिर्फ उसमें मीठापन आता है, तो वह नकली हो कता है। इस तरह का प्रोटीन रेत जैसा लगे तो भी मान लें कि नकली है। अगर आपको लगे कि बस मीठा पानी पी रहे हैं तो मान लें कि प्रोटीन नकली है। 

नकली प्रोटीन में दवा का होता है मिश्रण 

नकली प्रोटीन में प्रोटीन की मात्रा न के बराबर होती है, बल्कि इसका असर दिखाने के लिए इसमें दो तरह की दवाएं डाली जाती हैं। इनमें एक दवा ऐसी है जिससे वाटर रिटेंशन होता है और दूसरी से भूख बढ़ती है। सप्लीमेंट में अगर वाटर रिटेन करने वाली दवा डाली गई है तो सप्लीमेंट इस्तेमाल करने वाले की बॉडी अचानक फूलने लगती है और आपको लगता है कि आप मोटे हो रहे हैं। इसका असर 30 दिन में ही दिखने लगता है। दूसरी दवा से भूख तेज हो जाती है। ये एक किस्म का स्टेरॉइड होती है। अगर अचानक बॉडी में बदलाव महसूह होने लगे तो भी सप्‍लीमेंट नकली होने के संकेत हैं।  

नकली प्रोटीन के दुष्‍प्रभाव 

नकली प्रोटीन पाउडर को जब आप लेना बंद करते हैं तब दवा का असर कम होने लगता है और बॉडी अपनी नॉर्मल शेप में वापस आ जाती है। इस पूरी कहानी में सबसे ज्यादा नुकसान आपको होता है। आप पैसे खर्च करने के बाद जहर से मिलती जुलती चीज खाते हैं। कई लोगों को लिवर की दिक्कतें होने लगती हैं और कुछ को पीलिया भी हो जाता है। 

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असली प्रोटीन खरीदने के लिए ध्‍यान रखें ये बातें 

  • ज्‍यादातर फूड सप्‍लीमेंट कंपनियां अब खुद ऑनलाइन स्‍टोर खोल रही हैं। ऐसे में समझदारी इसी में है कि आप ऑनलाइन माल ऑर्डर करें। 
  • किसी जिम वाले, पड़ोसी दोस्‍त या किसी स्‍टोर वाले के कहने पर प्रोटीन पाउडर लेने से बचें, इसमें उसका फायदा हो सकता है। 
  • प्रोटीन पाउडर लेने से पहले किसी अच्‍छे फिटनेस एक्‍सपर्ट या डॉक्‍टर की सलाह लें। 
  • जिस कंपनी का पाउडर ले रहे हैं उसकी पूरी जानकारी करने के बाद ही माल खरीदें। 
  • अंत में सबसे जरूरी बात ये हैं कि आप कोशिश ये करें कि प्रोटीन हमेशा नेचुरल सोर्स (हाई प्रोटीन डाइट) से लें, जो आप अपने रोजाना के आहार से लेते हैं। इससे आपको कभी कोई नुकसान नहीं होगा। 
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