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शरीर में सिनोवियल सार्कोमा कैंसर की शुरुआत कैसे होती है? डॉक्टर से जानें

सिनोवियल सार्कोमा होने पर रोगी को जोड़ों के आसपास गांठ या ट्यूमर दिखाई दे सकता है। आगे जानते हैं इसके बारे में
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शरीर में सिनोवियल सार्कोमा कैंसर की शुरुआत कैसे होती है? डॉक्टर से जानें


शरीर में हार्मोनल और कई तरह के बदलाव लगातार होते रहते हैं। कोशिकाएं निरंतर बनती और खराब होती है। जब कोशिकाओं को निर्माण में बदलाव आता है, तो इससे कई तरह की समस्याएं शुरु हो सकती है। यह समस्या कई तरह की हो सकती है। कोशिकाओं के डीएनए में हुए बदलाव कैंसर का कारण माना जाता है। इस लेख में हम सिनोवियल सार्कोमा के बारे में बात रहे हैं। यह एक दुर्लभ रूप का कैंसर है, जो जोड़ों के आसपास के टिश्यू (ऊतकों) को प्रभावित करता है। यह मुख्य रूप से कंधे, टखने, कूल्हे या घुटनों को प्रभावित कर सकता है। यह कैंसर बेहद ही धीमी गति से बढ़ता है, इस वजह से इसके लक्षण भी धीरे-धीरे विकसित होते हैं। यह कैंसर 15 से 35 वर्ष के लोगों को होता है। बी.एम.टी नारायणा अस्पताल, हावड़ा के एकेडमिक हेड एंड सीनियर कंसलटेंट-मेडिकल एंड हेमाटो ऑन्कोलॉजी डॉक्टर चंद्रकांत एम.वी से जानते हैं कि सिनोवियल सार्कोमा क्यों होता है?

सिनोवियल सार्कोमा की शुरुआत कैसे होती है? - How synovial sarcoma occurs in body In Hindi 

सिनोवियल सार्कोमा कैंसर का एक दुर्लभ कैंसर होता है, जो आपके जोड़ों के आसपास के ऊतकों को प्रभावित करता है। इसकी शुरुआत के कारणों को जानने के लिए रिसर्च कार्य चल रहा है। लेकिन, सिनोवियल सार्कोमा व्यक्ति के क्रोमोसोम (chromosomes) में परिवर्तन से संबंधित हो सकते हैं। क्रोमोसोम आपकी कोशिका (Cells) का एक हिस्सा है जिसमें आपके जीन (Genes) होते हैं। कभी-कभी आपके क्रोमोसोम्स टुकड़ों में टूट जाते हैं। टुकड़ों को वापस एक साथ रखा जाता है, लेकिन यह उसी क्रम  में नहीं रह पाते हैं। यह कैंसर सॉफ्ट टिश्यू को प्रभावित करता है। कई बार सिनोवियल सार्कोमा आपके शरीर को तब तक प्रभावित नहीं करता है, जब तक कि आपके सॉफ्ट टिश्यू में कैंसरयुक्त ट्यूमर इतना बड़ा न हो जाए कि एक गांठ या गांठ बन जाए जिसे आप देख और महसूस कर सकें। इस समस्या में रोगी को गांठ के पास तेज दर्द महसूस हो सकता है। दरअसल, ट्यूमर जब सॉफ्ट टिश्यू की नसों को छूता है, तो ऐसे में रोगी को दर्द महसूस होता है। सिनोवियल सार्कोमा सिर, गर्दन, छाती, पेट और पीठ में भी हो सकता है। कुछ मामलों में, यह फेफड़े जैसे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। अगर इसके कारणों की बात की जाए तो इसका कोई निश्चित कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसे अनुवांशिकता से जुड़ी हुई बीमारी माना जाता है। यदि आपके परिवार में किसी को इस तरह की दुर्लभ बीमारी है, तो ऐसे आपको भी इस बीमारी के होने की संभावना अधिक हो सकती है। 

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सिनोवियल सार्कोमा की पहचान कैसे की जाती है? - How To Diagnosis synovial sarcoma In Hindi  

व्यक्ति के शरीर में उभरे ट्यूमर की जांच के लिए डॉक्टर एक्स-रे, एमआरआई या सीटी स्कैन की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा, हिस्टोलॉजिकल टेस्ट के लिए टिश्यू के सैंपल लेने के लिए बायोप्सी की जाती है। 

सिनोवियल सार्कोमा का इलाज कैसे किया जाता है? - Treatment of synovial sarcoma In Hindi 

सिनोवियल सार्कोमा के इलाज में डॉक्टर रोगी की स्थिति के आधार पर सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी को चुन सकते हैं। ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। इसके बाद कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रेडिएशन थेरेपी की जा सकती है। 

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सिनोवियल सार्कोमा एक दुर्लभ कैंसर है। यह अनुवांशिक रोग है। यदि, समय रहते कैंसर की पहचान कर ली जाए तो इससे रोगी को समय रहते ठीक किया जा सकता है। इसके लिए शरीर में होने वाले किसी भी ट्यूमर या गांठ को आप नजरअंदाज न करें। 

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