इन 4 कारणों से होलिका दहन पर कंडे (उपले) जलाना माना जाता है शुभ, कंडे की राख से मिलते हैं सेहत को कई फायदे

होल‍िका दहन पर जलाए जाने वाले गोबर के कंडे और उसकी राख को कई तरह से इस्‍तेमाल क‍िया जाता है, आइए जानते हैं इसके फायदे

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Mar 25, 2021Updated at: Mar 25, 2021
इन 4 कारणों से होलिका दहन पर कंडे (उपले) जलाना माना जाता है शुभ, कंडे की राख से मिलते हैं सेहत को कई फायदे

होल‍िका दहन के द‍िन गाय के गोबर से बने कंडे या उपलों को जलाना शुभ माना जाता है। हमारी परंपरा का ह‍िस्‍सा रहे इन कंडों की अहम‍ियत देश में अध‍िक है। गाय के गोबर से बॉयोगैस तैयार होता है ज‍िसके अपने अलग फायदे हैं पर होल‍िका दहन पर जलने वाले कंडे की राख के कई फायदे आयुर्वेदा में बताए गए हैं। गाय के गोबर में व‍िटाम‍िन बी12 पाया जाता है। होलिका दहन में कंडों के साथ आम, पलाश, बरगद, पीपल की पत्‍त‍ियों को भी हवन में डाला जाता है। पूजा के बाद आसपास के वातावरण में कीड़ या मच्‍छर भाग जाते हैं और वातावरण शुद्ध नजर आता है। कहते हैं गोबर के कंडे जलने से उनमें ऑक्‍सीजन की मात्रा बढ़ जाती है। इन कंडों के उपयोग या इस्‍तेमाल का कोई ठोस प्रमाण नहीं है पर फ‍िर भी इनका इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की। 

use of cow dung

1. जलन में राख का इस्‍तेमाल (Ashes of cow dung)

गाय के उपलों से बनी राख से त्‍वचा की जलन शांत होती है। राख को मक्‍खन में लगाकर प्रभाव‍ित जगह पर लगाए या मच्‍छर काटने पर इसे लगाएं तो जलन से आराम म‍िलेगा। खुजली दूर करने के ल‍िए भी राख का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। अगर क‍िसी तरह की कोई एलर्जी है तो आप डॉक्‍टर से पूछे ब‍िना इसका इस्‍तेमाल न करें। 

2. कंडे के धुएं से नहीं काटेंगे मच्‍छर (Mosquitoes)

mosquito replent

इस समय मच्‍छर की संख्‍या बढ़ गई है। इन्‍हें भगाने के लि‍ए आप गोबर के कंडे का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। होलिका दहन की पूजा में इस्‍तेमाल क‍िए कंडों को आप घर के क‍िसी कोने या कमरे में रख सकते हैं। गोबर के कंडे के छोटे टुकड़े को जलाकर उसका धुंआ पूरे कमरे में कर दें। इस धुंए से मच्‍छर और कीड़े दूर भागते हैं। आप चाहें तो इन द‍िनों मार्केट में गाय की गोबर से बनी धूपबत्‍ती भी म‍िलती है। आप उसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे मच्‍छर, मक्‍खी, मकड़ी कमरे में नहीं आएंगे। उरई के केनकाथा गौ संवर्धन गौ केंद्र के अध्‍यक्ष अनुज श्रीवास्‍तव ने बताया क‍ि गाय के गोबर से बनी धूपबत्‍ती आपको सभी गौ केंद्रों पर म‍िल जाएगी। 

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3. वातावरण शुद्ध करता है गोबर का कंडा (Cow dung)

एक्‍सपर्ट्स का मानना है क‍ि उपले जलाने के बाद उसमें ऑक्‍सीजन की मात्रा बढ़ जाती है ज‍िससे वातावरण शुद्ध होता है। होल‍िका दहन के बाद कई लोग साफ हवा महसूस करते हैं। हालांक‍ि जिन लोगों को अस्‍थमा या सांस की बीमारी है उन्‍हें क‍िसी भी तरह के धुंए से बचना चाह‍िए। 

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4. उपले की राख से स्‍वस्‍थ्‍य रहेंगे दांत (Healthy teeth)

healthy teeth

होल‍िका दहन पर हम सब अग्‍न‍ि के चारों ओर घूमकर पर‍िक्रमा लेंगे और पूजा करेंगे पर क्‍या आपको पता है क‍ि इस अग्‍न‍ि की राख स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए क‍ितनी लाभदायक है। अग्‍न‍ि की इस राख में गाय के गोबर से बने उपले भी मौजूद होते हैं ज‍िससे इनका महत्‍व और भी बढ़ जाता है। इस राख को आप घर ले जाएं और रोजाना अपने टूथपेस्‍ट में म‍िलाकर इससे मंजन करें। आपके दांत साफ हो जाएंगे क्‍योंक‍ि इसमें कॉर्बन की मात्रा अध‍िक होती है, ये दांतों के ल‍िए हेल्‍दी माना जाता है। अगर आपको दांतों की बीमारी है तो डेंट‍िस्‍ट से सलाह लेकर इसका इस्‍तेमाल करें। 

गोबर के उपले होली के त्‍यौहार पर शुभ माने जाते हैं, ऊपर द‍िए उपयोग घरेलू उपाय के तौर पर प्रचल‍ित हैं, डॉक्‍टर से सलाह ल‍ेकर ही इनका इस्‍तेमाल करें। 

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