Tue Oct 6, 2026 | 03:16 AM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या रात को ज्यादा खाना खाने से नींद खराब होती है? जानें क्या है इनका कनेक्शन

Heavy Meal Affects Sleep: रात को ज्यादा खाना खाने से नींद खराब होती है या नहीं, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है। अगर आप भी इन्हीं में से एक हैं, तो इस लेख को पूरा पढ़ें। यह भी जानें कि अच्छी नींद कैसे लें।
क्या रात को ज्यादा खाना खाने से नींद खराब होती है? जानें क्या है इनका कनेक्शनक्या रात को ज्यादा खाना खाने से नींद खराब होती है? जानें क्या है इनका कनेक्शन

कई बार ऐसा होता है कि दिन भर कामकाज करने के बाद रात का डिनर हम देर से करना पसंद करते हैं। इसे हम फैमिली टाइम भी कहते हैं, लेकिन आपने तमाम एक्सपर्ट को कहते सुना होगा कि रात को सोने से पहले हैवी मील नहीं लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि हैवी मील लेने से पचने में दिक्कत आती है, जिससे सीने में जलन या एसिडिटी की दिक्कत होती है। यहां एक सवाल जरूर उठता है कि क्या रात को ज्यादा खाना खाने से नींद भी खराब हो सकती है? आइए, Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से जानते हैं इनका आपस में क्या कनेक्शन है?

क्या रात को ज्यादा खाने से नींद खराब होती है?

how does heavy meal affects your sleep 01 (13)how does heavy meal affects your sleep 01 (13)

रात को कभी भी हैवी मील नहीं लेना चाहिए। यह सही नहीं है। खासकर, स्पाइसी फूड खाने से बचना चाहिए, क्योंकि रात को हैवी या स्पाइसी मील लेने की वजह से पेट में जलन, एसिडिटी या सीने में जलन जैसी परेशानी हो जाती है। वहीं, आप रात को ज्यादा खाना खा लेते हैं यानी हैवी मील लेते हैं, तो इससे नींद भी बाधित होती है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है? इस संबंध में एक्सपर्ट कहते हैं, "रात को सोने से पहले हैवी या स्पाइसी मील लेने से सीने में जलन या एसिडिटी हो, तो यह अपने आप नींद को बाधित करता है।" Sleep Foundation में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि अगर आप डाइट में पर्याप्त मात्रा में फैट, कार्ब्स और प्रोटीन नहीं लेते हैं तो आपको नींद प्रभावित होती है।

इसे भी पढ़ें: दिन में खाना खाने के बाद तुरंत सो जाने से क्या होता है? डॉक्टर से जानें

रात को हैवी मील लेने से नींद प्रभावित कैसे होती है?

पाचन संबंधी समस्याः निश्चित रूप से अगर आप रात को हैवी मील लेते हैं, तो इससे शरीर को पर्याप्त आराम करने का समय नहीं मिलता है। इससे पाचन संबंधी समस्या ट्रिगर हो सकती है और गहरी नींद में भी रुकावट आती है।

सीने में जलनः जैसा कि पहले भी जिक्र किया है कि रात को हैवी मील खाने से सीने में जलन और एसिडिटी की समस्या भी हो जाती है। दरअसल, जब पेट का एसिड वापस फूड पाइप (Food Pipe) में आ जाता है, तब एसिडिटी होती है। यह समस्या नींद को बाधित करती है।

सर्कैडियन रिदम का टूटनाः हमारे शरीर में एक नेचुरल क्लॉक होता है, जो हमें एक निश्चित समय पर जगने और सोने के लिए मोटिवेट करता है। जब आप देर रात को हैवी मील लेते हैं, तो इससे शरीर को कुछ ऐसे संकेत मिलते हैं, जिससे आप एक्टिव मोड में आ जाते हैं। इस तरह की डाइट फॉलो करने से मेलाटोनिन (नींद का हार्मोन) का स्तर प्रभावित होता है, जिससे नींद की गुणवत्ता गिर जाती है।

इसे भी पढ़ें: क्या नींद की कमी से दिल की धड़कन तेज हो सकती है? जानें डॉक्टर से

निष्कर्ष

विशेषज्ञों की राय है कि रात को सोने से दो से तीन घंटे पहले डाइट लें। रात को हमेशा लाइट मील लें और स्पाइसी फूड पूरी तरह नजरअंदाज करें। इसके अलावा, आप अच्छी नींद के लिए एक्सरसाइज करें और अपनी जीवनशैली में हेल्दी आदतें अपनाएं। यहां तक कि अपने वजन को संतुलित रखें। इस तरह आपको रात के समय अच्छी नींद लेने में मदद मिलेगी। हां, अगर आपको अनिद्रा की समस्या है, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप एक्सपर्ट की सलाह लें। अगर किसी बात का तनाव है, तो करीबियों से बातचीत करके अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं।

All Image Credit: Freepik

Read Next

→ अंडा-च‍िकन नहीं प्‍लांट प्रोटीन से पूरी करें डेली डोज, एक्‍सपर्ट से जानें सही तरीका

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 12, 2026 18:41 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 12, 2026 18:41 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Feb 12, 2026 18:41 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi