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Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स क्यों जरूरी है? बीच में छोड़ना कितना खतरनाक

एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स पूरा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि अधूरा कोर्स एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का कारण बन सकते हैं। डॉक्टर अक्षय चुघ बताते हैं कि इससे बीमारी दोबारा लौट सकती है और दूसरों में इंफेक्शन फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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जब भी हमें कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं देते हैं। अक्सर ऐसा होता है कि 2 से 3 दिन दवा खाने के बाद जब मरीज को बेहतर महसूस होने लगता है तो वह डॉक्टर से पूछे बिना एंटीबायोटिक का कोर्स बीच में ही लेना बंद कर देते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि लोगों को लगता है कि बीमारी ठीक हो गई है, तो बची हुई दवाइयां खाने की क्या जरूरत है। लेकिन, एंटीबायोटिक का अधूरा कोर्स आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।

एंटीबायोटिक का कोर्स पूरा करना क्यों जरूरी है?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं हैं, जो शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को मारती हैं या उन्हें बढ़ने से रोकती हैं। जब आप कोई बैक्टीरिया-जनित इंफेक्शन होने पर एंटीबायोटिक लेना शुरू करते हैं तो दवा शरीर में मौजूद बैक्टीरिया पर हमला करती है, जिससे शरुआत में वे बैक्टीरिया मरते हैं, जो सबसे कमजोर होते हैं। इसके बाद, जो बैक्टीरिया ज्यादा मजबूत या जिद्दी होते हैं, उन्हें खत्म होने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।

ऐसे में जब आप एंटीबायोटिक कोर्स पूरा होने से पहले ही दवा लेना बंद कर देते हैं तो कमजोर बैक्टीरिया तो मर चुके होते हैं, लेकिन जो थोड़े ताकतवर बैक्टीरिया बचे होते हैं, वे जिंदा बच जाते हैं और शरीर में दोबारा बढ़ सकते हैं।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2023 में BJGP Open जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स लेना इसलिए जरूरी माना जाता है ताकि शरीर से बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म हो जाएं और बीमारी दोबारा न उभरे। साथ ही, लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि इलाज अधूरा छोड़ने से बचे हुए बैक्टीरिया फिर से पनप सकते हैं और दवा के प्रति रेजिस्टेंस हो सकते हैं।

एंटीबायोटिक कोर्स बीच में छोड़ने के नुकसान

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, एंटीबायोटिक कोर्स बीच में छोड़ना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है और इससे कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं, जैसे-

1. एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस

एंटीबायोटिक कोर्स बीच में छोड़ने पर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस सबसे बड़ा और गंभीर खतरा होता है। जब आप अधूरा कोर्स करते हैं तो बचे हुए बैक्टीरिया दवा के संपर्क में आने के बाद उस एंटीबायोटिक के आदी हो जाते हैं। ऐसे में अगली बार जब आपको वही इंफेक्शन होगा तो उस एंटीबायोटिक दवा का असर नहीं होगा।

एंटीबायोटिक कोर्स बीच में छोड़ने से बैक्टीरिया म्यूटेंट होकर इतने ताकतवर बन जाते हैं, जिन्हें मेडिकल भाषा में सुपरबग कहा जाता है। ऐसे बैक्टीरिया का इलाज करना डॉक्टरों के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।

2. बीमारी का दोबारा लौट कर आना

शुरुआत में आपको लग सकता है कि आप ठीक हो गए हैं, जिस कारण आप बीच में एंटीबायोटिक दवा लेना बंद कर देते हैं। लेकिन, अंदर से इंफेक्शन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ होता है। जैसे ही आप दवा लेना बंद कर देते हैं, बचे हुए बैक्टीरिया फिर से तेजी से अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं और बीमारी दोबारा लौट आती है, जो इस बार पहले से ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है।

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3. इंफेक्शन दूसरों में फैलना

जब आप अधूरा एंटीबायोटिक कोर्स करते हैं और आपके शरीर में एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंस बैक्टीरिया जीवित रह जाते हैं, तो आप अनजाने में इन खतरनाक बैक्टीरिया को अपने परिवार या आस-पास के लोगों में फैला सकते हैं। इससे दूसरे लोगों में ऐसे इंफेक्शन फैलते हैं, जिनका इलाज करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

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एंटीबायोटिक लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि एंटीबायोटिक दवाएं लेते समय आपको इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है-

  • कोर्स कभी अपने मन से न रोकें- डॉक्टर ने अगर 5 दिन या 7 दिन का कोर्स लिखा है, तो भले ही आप दूसरे या तीसरे दिन पूरी तरह हेल्दी महसूस करने लगें, लेकिन दवा का कोर्स बीच में न छोड़ें।
  • समय का ध्यान रखें- एंटीबायोटिक दवाओं को डॉक्टर द्वारा बताए गए तय अंतराल जैसे हर 8 घंटे या 12 घंटे पर ही लें, ताकि शरीर में दवा का लेवल सही बना रहे।
  • डॉक्टर की पर्ची के बिना न लें- कभी भी केमिस्ट से पूछकर खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न खरीदें। वायरल इंफेक्शन जैसे नॉर्मल सर्दी-जुकाम या फ्लू होने पर एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं करती हैं, क्योंकि वे वायरस पर असर नहीं करतीं, सिर्फ बैक्टीरिया पर करती हैं।

निष्कर्ष
एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया इंफेक्शन या बीमारियों से आपको रिकवर करने में अहम भूमिका निभाती हैं। हालांकि, इसका गलत तरीके से इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए, अगर आप एंटीबायोटिक ले रहे हैं तो बीच में कोर्स लेना बंद न करें। हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही एंटीबायोटिक दवाएं लें और उनके बताए गए समय और खुराक को पूरा करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • ज्यादा एंटीबायोटिक दवाई खाने से क्या नुकसान होता है?

    ज्यादा एंटीबायोटिक खाने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस, पेट खराब होना और शरीर में अच्छे बैक्टीरिया खत्म होने जैसे नुकसान हो सकते हैं।
  • एंटीबायोटिक कितने दिन तक खाना चाहिए?

    एंटीबायोटिक दवाएं हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार जितने दिन बताई जाएं, कोर्स पूरा होने तक ही खानी चाहिए।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 30, 2026 09:52 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh