Thu Sep 24, 2026 | 09:05 PM IST

बार-बार पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेना पड़ सकता है किडनी पर भारी? CDSCO ने जारी की एडवाइजरी

जो लोग बार-बार पेनकिलर या एंटीबायोटिक लेते हैं, उन्हें क्रोनिक किडनी डिजीज होने का रिस्क हो सकता है। ये एडवाइजरी सेंट्रल ड्रग्ज स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के न्यू ड्रग्स डिवीजन (CDSCO) ने रिलीज की है और साथ ही लोगों को इसे बिना वजह इस्तेमाल करने से मना किया है।
बार-बार पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेना पड़ सकता है किडनी पर भारी? CDSCO ने जारी की एडवाइजरीबार-बार पेनकिलर और एंटीबायोटिक लेना पड़ सकता है किडनी पर भारी? CDSCO ने जारी की एडवाइजरी

आमतौर पर लोगों जैसे ही दर्द होता है, तो वे पेनकिलर ले लेते हैं और अगर सर्दी-जुकाम हुआ, तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए तुरंत एंटीबायोटिक दवा शुरू कर दी जाती है। कई बार लोग एंटीबायोटिक का डोज बीच में ही छोड़ देते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं, तो हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने गाइडलाइंस जारी की है कि पेनकिलर्स और एंटीबायोटिक दवाओं का लगातार इस्तेमाल करना किडनी की बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकता है। इस एडवाइजरी के जरिए लोगों को दवाओं के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बढ़ाना है।

CDSCO ने दवाओं को लेकर क्या कहा?

CDSCO के सर्कुलर में कहा गया है कि ज्यादा पेनकिलर (NSAID) दवाओं को 1945 के शेड्यूल H में रखा गया है। इसलिए इन दवाओं को बिना रजिस्टर्ड डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के केमिस्ट को नहीं बेचना चाहिए।
इसी तरह ज्यादातर एंटीबायोटिक दवाओं को शेड्यूल H1 में शामिल किया गया है। इसके अनुसार, मेडिकल सलाह के बिना इस दवा का इस्तेमाल करना खतरनाक है और बिना रजिस्टर्ड डॉक्टर की पर्ची के इसे बेचना भी नहीं है।

आम लोगों के लिए क्या गाइडलाइंस हैं?

पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाएं लेने वाले लोगों के लिए इस सर्कुलर में सलाह दी गई है।

  • पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के या लंबे समय तक नहीं लेनी चाहिए।
  • एंटीबायोटिक दवाएं खुद से नहीं लेनी चाहिए और न ही ऐसी कंडीशन में लेनी चाहिए, जहां इसकी जरूरत ही नहीं है। जैसे नॉर्मल वायरल इंफेक्शन में इसे नहीं लेना चाहिए।
  • डॉक्टर द्वारा दिए गए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल उसी तरह से करना चाहिए, जिस तरह से सलाह दी गई है।
  • इन दवाओं को किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।
  • पहले से बची दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों की किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें पेनकिलर का इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।
  • अगर किसी को दर्द, बुखार या अन्य लक्षण है, उन्हें बार-बार पेनकिलर या एंटीबायोटिक दवाएं खुद से लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए।

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डॉक्टर्स के लिए गाइडलाइंस

  • पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाएं तभी लिखें, अगर उनकी जरूरत है।
  • मरीज की मेडिकल कंडीशन, उम्र और अगर अन्य बीमारियों की दवाएं साथ चल रही हैं, तो उसके रिस्क फैक्टर्स का ध्यान रखना चाहिए।
  • पेनकिलर लिखते समय किडनी की समस्या के रिस्क वाले मरीजों के लिए सबसे कम वाला डोज और कम समय के लिए देनी चाहिए।
  • किडनी की बीमारी, डिहाइड्रेशन, हार्ट से जुड़ी बीमारियों या अन्य ऐसी कंडीशन से जूझ रहे मरीजों के लिए खास सावधानियां बरती जानी चाहिए।
  • बिना वजह की कॉम्बिनेशन थेरेपी, गलत एंटीबायोटिक का इस्तेमाल, गलत खुराक और बिना वजह एंटीबायोटिक का इलाज लंबे समय तक नहीं करना चाहिए।

फार्मासिस्ट के लिए गाइडलाइंस

  • अनुसूची H, H1 और अन्य प्रिस्क्रिप्शन वाली दावओं को बेचने के लिए सभी जरूरी गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए।
  • ड्रग्स रूल्स, 1945 (Drugs Rules, 1945) के लागू प्रावधानों के अनुसार ही अनुसूची H और H1 दवाओं की रिटेल बिक्री की जाएगी।
  • फार्मासिस्ट और रिटेलर एंटीबायोटिक या पेनकिलर दवाओं का खुद से इस्तेमाल करने को बढ़ावा नहीं देंगे।
  • दवाओं के लेबल पर छपी सभी चेतावनियों और बेचने की शर्तों का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।

अस्पतालों के लिए गाइडलाइंस

अस्पतालों को सलाह दी गई है कि उन्हें पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं की सलाह देते हुए सभी तरह के नियमों का पालन करना चाहिए।

राज्यों और केंद्र शासित ड्रग कंट्रोल ऑथोरिटी के लिए गाइडलाइंस

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोल ऑथोरिटी से बताया गया है कि वे पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं के लगातार इस्तेमाल से जुड़े रिस्क के बारे में डॉक्टर्स, फार्मासिस्ट, रिटेलर्स और आम पब्लिक के बीच जागरूकता बढ़ाएं।

निष्कर्ष
पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल सही तरीके से करना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करनी चाहिए। अगर इसे लेने से किसी भी तरह के साइड इफेक्ट्स दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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FAQ

  • डायबिटीज और बीपी के मरीजों के लिए पेनकिलर या एंटीबायोटिक लेना अधिक खतरनाक क्यों है?

    डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों की किडनी की बहुत पतली नसें पहले से ही डैमेज होती हैं। जब ये मरीज बिना सलाह पेनकिलर लेते हैं, तो एक्यूट ऑन क्रोनिक रीनल फेलियर का रिस्क कई गुना बढ़ सकता है। 
  • दर्द से राहत पाने के लिए दवाओं के बिना या सुरक्षित विकल्प क्या हैं?

    हल्के-फुल्के दर्द के लिए पेनकिलर खाने के बजाय हॉट या कोल्ड सेंक, फिजियोथेरेपी, एक्यूप्रेशर और टॉपिकल जेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 24, 2026 19:34 IST

    Published By : Aneesh Rawat

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