कई लोगों को सड़क किनारे पानी पूरी या गोलगप्पे खाने का शौक होता है। चटपटे मसालेदार गोलगप्पे और खट्टी-मीठी चटनी भले ही स्वाद में अच्छी लगे, लेकिन यह सेहत के लिहाज से अच्छी नहीं मानी जाती है। पानी पूरी तेल में तलकर तैयार होती है, मीठी चटनी में स्वाद के लिए चीनी की अधिक मात्रा हो सकती है और तीखे स्वाद के लिए मिर्च-मसालों का इस्तेमाल सेहत को बिगाड़ सकता है। साथ ही, पुरानी प्याज, आलू का इस्तेमाल, दूषित पानी से फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। आइए जानें सेहत के लिए क्यों हानिकारक है पानी पूरी का सेवन? बेहतर जानकारी के लिए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।
साल 2024 में Pantnagar Journal Of Research में प्रकाशित एक अध्ययन से बात सामने आई कि पानी पूरी में सिर्फ इस्तेमाल होने वाला पानी ही नहीं, बल्कि मसाला, परोसने के बर्तन और बेचने वाले के हाथ भी बैक्टीरिया से दूषित हो सकते हैं। इस अध्ययन में कुल 2,250 पानी पूरी सैंपल की जांच की गई। इनमें 16.04% सैंपल में E. coli, 11.20% में Salmonella और 13.38% में Staphylococcus बैक्टीरिया पाए गए।
1. साल्मोनेला इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग
pani-puri-khane-ke-nuksan
जो लोग सड़क किनारे पानी पूरी का सेवन करते हैं उन्हें साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया से साल्मोनेला इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। इससे बुखार, पेट में ऐंठन, दस्त और उल्टी की समस्या हो सकती है।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक,
साल्मोनेला (Salmonella) या ई. कोलाई (E. coli) जैसे कुछ कीटाणुओं के शरीर में जाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। फूड पॉइजनिंग होने पर दस्त, पेट दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, बुखार जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
2. टाइफाइड का खतरा
टाइफाइड Salmonella Typhi बैक्टीरिया के कारण होने वाला इंफेक्शन है। यह पानी पूरी के दूषित पानी और अन्य दूषित भोजन के जरिए फैल सकता है। अस्वच्छ तरीके से तैयार की गई पानी पूरी खाने से इसका खतरा हो सकता है। इससे लंबे समय तक बुखार, सिरदर्द, थकान और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, टाइफाइड बुखार उन जगहों पर आम है जहां साफ-सफाई की कमी है और पीने का सुरक्षित पानी उपलब्ध नहीं है। पीने का सुरक्षित पानी, अच्छी साफ-सफाई, खाना बनाने या परोसने वालों की साफ-सफाई और टाइफाइड का टीका लगवाकर आप सुरक्षित रहने में मदद मिल सकती है।
3. पेट फूलना, गैस, एसिडिटी और सीने में जलन
pani-puri-side-effects
पानी पूरी में इस्तेमाल होने वाले मसाले, चटनी और तीखी सामग्रियों से कुछ लोगों में पाचन समस्याएं बढ़ा सकती हैं। ऐसे में पेट में जलन, खट्टी डकार और सीने में जलन महसूस हो सकती है। इसके अलवा एसिडिटी और ब्लोटिंग भी हो सकती है। जिन लोगों को पहले से एसिडिटी की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- चाट-समोसा जैसे स्ट्रीट फूड्स हार्ट को करते हैं खोखला, इन 5 नुकसान से बिगड़ सकती है दिल की हेल्थ
4. दस्त की समस्या
अगर पानी पूरी बनाने में दूषित पानी का इस्तेमाल किया जाता है, तो इसे खाने से आंतों में इंफेक्शन हो सकता है। इसके कारण बार-बार पतले दस्त लग सकते हैं। गंभीर स्थिति में शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स भी निकल सकते हैं।
5. पेट में दर्द, ऐंठन, उल्टी और मतली
पानी पूरी के संक्रमित पानी या भोजन से आंतों में सूजन और इंफेक्शन हो सकता है। इसकी वजह से पेट में मरोड़, ऐंठन और दर्द महसूस हो सकता है। दूषित खाने में मौजूद कुछ बैक्टीरिया और उनके टॉक्सिन्स पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इससे जी मिचलाना और उल्टी होने की समस्या हो सकती है। कुछ मामलों में खाना खाने के कुछ घंटों के भीतर ही लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
यह भी पढ़ें- प्रेग्नेंसी में गोलगप्पे खाना कितना सुरक्षित है? डॉक्टर ने इस क्रेविंग को पूरा करने के कई तरीके बताए
6. पानी पूरी खाने की लत आपको मोटा कर सकती है
पानी पूरी की पूरियां आमतौर पर तेल में तली जाती हैं। वहीं आलू की भरावन, मीठी चटनी और मसालों से इसकी कैलोरी और सोडियम की मात्रा बढ़ सकती है। अगर इसे बार-बार और अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह मोटाने का कारण बन सकती है। ज्यादा सोडियम का सेवन हाई बीपी की समस्या को भी बढ़ावा दे सकता है।
निष्कर्ष:
अगर आप भी सड़क किनारे बिकने वाले पानी पूरी खाने के शौकीन हैं, तो संभल जाएं। पानी पूरी का सेवन करने से साल्मोनेला इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है। इन बीमारियों का खतरा दूषित पानी के सेवन से होता है। इसके अलावा टाइफाइड, पेट दर्द, ऐंठन, दस्त, सीने में जलन, एसिडिटी, उल्टी, मतली और मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पानी पूरी में इस्तेमाल होने वाले मसाले, नमक का अधिक इस्तेमाल और अन्य सामग्रियां भी सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती हैं।
image credit: magnific
FAQ
स्ट्रीट फूड खाने से लिवर पर असर पड़ता है?
स्ट्रीट फूड में मौजूद ज्यादा तेल, कैलोरी, नमक और शुगर के सेवन से वजन बढ़ता है और इसके अधिक सेवन से मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। अधिक वजन और मेटाबॉलिक समस्याएं फैटी लिवर का खतरा बढ़ा सकती हैं।क्या गर्भवती महिलाओं को पानी पूरी खानी चाहिए?
गर्भवती महिलाओं को सड़क किनारे मिलने वाली पानी पूरी खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाले पानी और सामग्री की स्वच्छता की गारंटी नहीं होती। इससे पेट का इंफेक्शन और पाचन समस्याएं हो सकती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Nov 05, 2026 13:37 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Nov 05, 2026 13:37 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Smita Singh
