कई बार दिनभर चलने, खड़ रहने और अलग-अलग तरह का भार पड़ने पर लोगों के पैरों पर दबाव बढ़ने लगता है और कई बार इनकी रगड़ भी बढ़ती है। इसके कारण पैरों की पैरों की त्वचा धीरे-धीरे मोटी और हार्ड होने लगती है, जो ज्यादातर मामलों में नॉर्मल होती है, लेकिन कई बार यह कॉर्न के कारण भी हो सकती है, जिसको गोखरू भी कहा जाता है। शुरु में यह समस्या नॉर्मल लग सकती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस पर ध्यान न देने से व्यक्ति की परेशानी बढ़ सकती हैं और चलने-फिरने में भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में आइए Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें पैरों की त्वचा मोटी क्यों होती है और इसको घर पर कैसे हटा सकते हैं?
कॉर्न्स को हटाने का सेफ तरीका क्या है?
डॉ. शिरीन के अनुसार, अगर पैरों में दर्द, इंफेक्शन या किसी अंदरूनी बीमारी के लक्षण न हों, तो कॉर्न्स की देखभाल घर पर सेफ तरीके से की जा सकती है। इसके लिए सबसे पहले पैरों को 10-15 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोएं। इससे मोटी स्किन थोड़ी नरम हो जाती है। इसके बाद प्यूमिक स्टोन या फुट फाइल की मदद से सिर्फ ऊपर की डेड स्किन को धीरे-धीरे हटाएं।
ध्यान रहे, एक ही बार में सारी मोटी स्किन हटाने की कोशिश न करें, क्योंकि स्किन को ज्यादा रगड़ने से हेल्दी स्किन को नुकसान हो सकता है या घाव बनने का खतरा बढ़ सकता है।
साल 2023 में StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे पैरों को 20 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोने के बाद, एमरी बोर्ड या प्यूमिक स्टोन का इस्तेमाल करके धीरे-धीरे घिसाई करें।
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स्किन को मॉइस्चराइज रखें
डॉ. शिरीन आगे बताती हैं, स्किन को सॉफ्ट बनाए रखने के लिए नियमित रूप से त्वचा को मॉइस्चराइज करें। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह के साथ यूरिया, लैक्टिक एसिड या सैलिसिलिक एसिड युक्त मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे स्किन को सॉफ्ट बनाए रखने और स्किन में होने वाले ज्यादा रूखेपन की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है।
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क्या है फुट कॉर्न्स की समस्या?
डॉ. शिरीन बताती हैं, कॉर्न हार्ड स्किन के छोटे साइज में छोटे होते हैं और इसके बीच में एक हार्ट सेंट्ररल कोर होता है। यह अक्सर पैरों की उंगलियों के ऊपर या उनके बीच में बनते हैं। कॉर्न पर दबाव पड़ने पर काफी दर्द महसूस हो सकता है।
पैरों की त्वचा मोटी और हार्ड क्यों हो जाती है?
डॉ. शिरीन बताती हैं, जब पैरों के किसी हिस्से पर लंबे समय तक लगातार दबाव या रगड़ पड़ती है, तो उस हिस्से की स्किन मोटी हो जाती है, ताकि अंदर की स्किन को बचाया जा सके। यह समस्या सबसे ज्यादा एड़ी, पैर के अगले हिस्से और पैर की उंगलियों के किनारों पर देखने को मिलती है। कई बार यह मोटी त्वचा सिर्फ एक नॉर्मल बदलाव होती है, लेकिन लगातार बढ़ने पर यह परेशानी का कारण बन सकती है।
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किन कारणों से बढ़ती है यह समस्या?
डॉ. शिरीन बताती हैं, पैरों की त्वचा के मोटी और सख्त होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जिनको अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे -
- जूते बहुत तंग पहनने या सही फिटिंग के न हों, तो पैरों पर ज्यादा रगड़ लगती है।
- लंबे समय तक नंगे पैर सख्त जमीन पर चलने से भी त्वचा मोटा बना सकती है।
- कई घंटों तक लगातार खड़े रहना
- पैरों की बनावट में बदलाव
- शरीर का अधिक वजन
- चलने का असामान्य तरीका भी पैरों के कुछ हिस्सों पर ज्यादा दबाव डाल सकता है।
- ऐसे में वहां की त्वचा धीरे-धीरे मोटी होकर कॉर्न का रूप ले सकती है। ऐसे में कॉर्न से बचने के लिए इन समस्याओं को नजरअंदाज न करें।
कॉर्न में किन गलतियों से बचना चाहिए?
डॉ. शिरीन का कहना है, कॉर्न को हटाने के लिए कभी भी उन्हें काटें, शेव या किसी नुकीली चीज का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे खून बह सकता है, इंफेक्शन हो सकता है और घाव भरने में देरी हो सकती है।
इसके अलावा, बिना डॉक्टर की सलाह के बिना पर्ची के मिलने वाली कॉर्न हटाने वाली दवाइयों का इस्तेमाल करने से बचें, खासकर अगर आपको डायबिटीज, पैरों की नसें कमजोर हैं, ब्लड सर्कुलेशन खराब है और सेंसिटिव स्किन की समस्या है, क्योंकि इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से जलन, छाले या अल्सर होने की समस्या हो सकती है।
साल 2023 में StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है, खासकर अगर नसों की समस्या (पेरिफेरल सेंसरी न्यूरोपैथी) के कारण उनकी त्वचा की महसूस करने की क्षमता कम हो गई हो। ऐसे मरीजों के लिए यही बेहतर होगा कि वे पैरों के कड़े हिस्से (कॉर्न और कैलस) का इलाज किसी पोडियाट्रिस्ट से ही सेफ तरीके से करवाएं, क्योंकि खुद से ऐसा करने पर त्वचा की क्षमता कम होने की वजह से ज्यादा कटने या छिलने का खतरा रहता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर कॉर्न में लगातार दर्द हो, बार-बार बनने लगें, चलने में परेशानी होने लगे या प्रभावित जगह पर रेडनेस, सूजन या किसी प्रकार का डिस्चार्ज दिखाई दे, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा, अगर मोटी स्किन लंबे समय तक बनी रहे या देखभाल के बाद भी ठीक न हो, तो इसके पीछे पैरों से जुड़ी कोई अन्य समस्या हो सकती है, जिसकी सही पहचान करना जरूरी है और इलाज सिर्फ डॉक्टर द्वारा ही किया जा सकता है।
निष्कर्ष
पैरों की स्किन मोटी और सख्त होने की समस्या ज्यादातर मामलों में नॉर्मल होती है, लेकिन इसको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार यह फुट कॉर्न की समस्या हो सकती है, आगे चलकर जिसके कारण व्यक्ति को चलने-फिरने में परेशानी हो सकती है। इसको हटाने के लिए गुनगुने पानी में 15 मिनट के लिए भिगोकर प्यूमिक स्टोन या फुट फाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे, इसको ज्यादा न रगड़ें। ऐसा करने से परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। इसके अलावा, यह समस्या नंगे पैर हार्ड जमीन पर रहने, ज्यादा वजन होने, घंटों तक खड़े रहने, पैरों पर ज्यादा दबाव पड़ने और ज्यादा फिटिंग वाले जूते पहनने के कारण हो सकती है। ध्यान रहे, प्रभावित जगह के लाल होने, सूजन आने, मवाद होने, पानी आने या चलने में परेशानी महसूस होने पर तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट या पोडियाट्रिस्ट से सलाह लें।
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FAQ
कॉर्न बीमारी क्या होती है?
कॉर्न, जिसे गोखरू कहा जाता है। इस स्थिति में पैरों और हाथों की स्किन पर सख्त या हार्ड होने की समस्या होती है।पैरों में कॉर्न्स होने का क्या कारण है?
पैरों की स्किन पर लगातार दबाव पड़ने या रगड़ पड़ने, गलत जूते पहनने, ज्यादा वजन बढ़ने और लगातार खड़े होने जैसे कई कारणों से लोगों को पैरों में कार्न होने की समस्या हो सकती है।
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Jul 23, 2026 14:00 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jul 23, 2026 14:00 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado