आजकल महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक आम हार्मोनल समस्या बनती जा रही है। अक्सर यह माना जाता है कि PCOS की समस्या केवल उन महिलाओं को होती है, जिनका वजन अधिक होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक मिथक है? असल में, यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। कई ऐसी महिलाएं भी PCOS से प्रभावित हो सकती हैं, जिनका वजन सामान्य होता है और जो देखने में पूरी तरह स्वस्थ नजर आती हैं। इस स्थिति को लीन PCOS कहा जाता है।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्टडॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि सामान्य वजन होने का अर्थ यह नहीं है कि शरीर में हार्मोनल संतुलन बिल्कुल ठीक है। PCOS एक जटिल हार्मोनल स्थिति है, जिसका संबंध केवल शरीर के वजन से नहीं, बल्कि ओवरीज के काम करने के तरीके, हार्मोन के स्तर और शरीर की मेटाबोलिक प्रक्रिया से भी हो सकता है।
क्या होता है लीन PCOS?
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लीन PCOS उसे कहते हैं, जिसमें महिला का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) सामान्य सीमा में होता है, लेकिन उसमें PCOS से जुड़े लक्षण मौजूद हो सकते हैं। ऐसी महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, चेहरे पर मुंहासे, ठोड़ी या शरीर के अन्य हिस्सों पर अनचाहे बाल, सिर के बालों का पतला होना और ओव्यूलेशन यानी अंडे के निकलने की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।
सामान्य वजन वाली महिलाओं को यह समझने में काफी समय लग जाता है कि उनके लक्षणों के पीछे हार्मोनल असंतुलन जिम्मेदार हैं। यही कारण है कि ज्यादातर महिलाओं के लिए लीन PCOS को समझना और समय पर इसकी पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है। जबकि समय पर इसका इलाज किया जाना जरूरी होता है।
साल 2018 में Journal of Diabetes & Metabolic Disorders में प्रकाशित समीक्षा के अनुसार, सिर्फ अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को ही नहीं होता, बल्कि सामान्य या कम वजन वाली महिलाओं को भी लीन PCOS हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लीन PCOS से पीड़ित अधिकतर महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस और पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का स्तर ज्यादा पाया जाता है, जिससे महिलाओं में इनफर्टिलिटी और मेटाबोलिक समस्याएं हो सकती हैं।
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लीन PCOS के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
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डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, लीन PCOS के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में इसके लक्षण स्पष्ट दिखाई देते हैं, जबकि कुछ में परेशानी धीरे-धीरे सामने आती है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
- पीरियड्स का अनियमित होना या लंबे समय तक मासिक धर्म न आना।
- चेहरे पर बार-बार मुंहासे होना।
- ठोड़ी, ऊपरी होंठ या शरीर के अन्य हिस्सों पर अनचाहे बाल बढ़ना।
- सिर के बालों का पतला होना या अधिक झड़ना।
- गर्भधारण करने में परेशानी होना।
- कुछ मामलों में इंसुलिन रेजिस्टेंस या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याएं होना।
हालांकि, इन लक्षणों का होना अपने आप में PCOS की पुष्टि नहीं करता है। इसके कारण जानकर सही ट्रीटमेंट करवाया जा सकता है।
सामान्य वजन होने पर PCOS क्यों होता है?
लीन PCOS के पीछे कई कारक हो सकते हैं। आनुवंशिक, हार्मोनल असंतुलन और शरीर में इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया में बदलाव। कुछ महिलाओं में सामान्य वजन होने के बावजूद इंसुलिन रेजिस्टेंस मौजूद हो सकता है, जिसके कारण शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का स्तर प्रभावित हो सकता है।
यह समझना भी जरूरी है कि PCOS केवल वजन बढ़ने के कारण नहीं होता। इसलिए सामान्य वजन वाली महिलाओं को भी इसके लक्षणों पर नजर रखनी चाहिए।
लीन PCOS की पहचान कैसे की जाती है?
- डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, यदि किसी महिला को पीरियड्स की अनियमितता, मुंहासे, अनचाहे बाल या गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो उसे स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
- जांच के दौरान डॉक्टर महिला की मेडिकल हिस्ट्री, मासिक धर्म का पैटर्न और शारीरिक लक्षणों का आकलन करते हैं। आवश्यकता के अनुसार हार्मोन संबंधी ब्लड टेस्ट, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल की जांच तथा पेल्विक अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जा सकती है।
- वयस्क महिलाओं में PCOS की पहचान आमतौर पर तीन में से कम से कम दो विशेषताओं के आधार पर की जाती है, एंड्रोजन हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर या उससे जुड़े लक्षण, ओव्यूलेशन में गड़बड़ी और अंडाशय का विशेष आकार।
- अन्य कारणों को जानने के लिए जांच की जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि हर महिला को अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
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क्या लीन PCOS से गर्भधारण संभव है?
- लीन PCOS से प्रभावित कुछ महिलाओं में ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं होता, जिससे गर्भधारण में कठिनाई आ सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर महिला को इनफर्टिलिटी की समस्या होगी। कई महिलाएं जरूरी ट्रीटमेंट और डॉक्टर की देखरेख में गर्भधारण कर सकती हैं।
- यदि पीरियड्स अक्सर अनियमित होते हैं या गर्भधारण करने में परेशानी हो रही है, तो समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत जरूरी हो जाता है।
- ट्रीटमेंट हमेशा महिला की उम्र, लक्षणों, ओव्यूलेशन और गर्भधारण की प्लानिंग के अनुसार तय की जाती है।
लीन PCOS को कैसे मैनेज करें?
डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि लीन PCOS को मैनेज करने में जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वे निम्न चीजों पर ध्यान दे सकती हैं-
- इसके लिए संतुलित आहार लें, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल हों। नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करने की आदत भी उपयोगी हो सकती है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर ब्लड शुगर और जरूरी जांच करवाएं।
- किसी भी हार्मोनल दवा या सप्लीमेंट का सेवन खुद से न करें। यह घातक हो सकता है।
- डॉक्टर लक्षणों और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दवा या सप्लीमेंट देते हैं।
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निष्कर्ष
लीन PCOS को लेकर महिलाओं के बीच जागरूकता होनी चाहिए। इसे हमेशा वजन से जोड़कर देखना सही नहीं है। सामान्य वजन होने के कारण कई महिलाएं अपने लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेतीं। पीरियड्स में लगातार अनियमितता, त्वचा या बालों में असामान्य बदलाव और गर्भधारण में कठिनाई होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। याद रखें, PCOS की पहचान केवल वजन देखकर नहीं की जा सकती। समय पर जांच, सही ट्रीटमेंट और स्वस्थ जीवनशैली से इसके लक्षणों को मैनेज किया जा सकता है।
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FAQ
क्या लीन PCOS से पीड़ित महिलाएं हैवी वेट ट्रेनिंग कर सकती हैं?
हां, लीन PCOS में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या वेट लिफ्टिंग बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इससे मांसपेशियों की इंसुलिन सेंसिटीवीय बेहतर होती है और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है।क्या संतुलित वजन होने पर भी लीन PCOS से पीड़ित महिलाओं को फैटी लिवर की समस्या हो सकती है?
हां, वजन सामान्य होने के बावजूद इंसुलिन रेजिस्टेंस और विसरल फैट के कारण नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर (Non Alcoholic Fatty Liver Disease or NAFLD) होने का जोखिम हो सकता है।
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Sep 29, 2026 17:50 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
