पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) में महिलाओं को पीरियड्स समय पर न होना, वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे और बाल आना और प्रेग्नेंट होने में दिक्कत जैसी परेशानियां हो सकती हैं। PCOS में अगर महिलाएं जंक फूड बहुत ज्यादा लेती हैं, तो उनके लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं। इसी संदर्भ में Journal of Scientific Research, BHU में 2021 एक माइक्रो स्टडी प्रकाशित हुई। इस स्टडी के लिए 18 से 22 वर्ष की आयु की कुल 680 युवतियों पर सर्वे किया गया, जिनमें से 32 (लगभग 5%) में PCOS के लक्षण पाए गए। सर्वे में यह देखा गया कि PCOS वाली अधिकांश लड़कियां बाहर खाने पर फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड को ज्यादा पसंद करती थीं और सफेद ब्रेड, केक, मफिन, मीठे डेजर्ट तथा रिफाइंड मैदा जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाले फूड्स काफी मात्रा में खाती थीं। हालांकि यह अध्ययन सीधे‑सीधे यह साबित नहीं करता कि जंक फूड पीसीओएस का कारण हो सकते हैं, लेकिन परिणाम यह संकेत देते हैं कि असंतुलित और प्रोसेस्ड डाइट PCOS के लक्षणों को बढ़ा सकती है। निष्कर्ष के रूप में शोधकर्ताओं ने माना कि संतुलित आहार, विशेषकर कम रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और कम जंक फूड वाला भोजन, PCOS के लक्षणों को कम करने और स्वास्थ्य सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। PCOS में जंक फूड खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं? इस बारे में जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा से बात की। उन्होंने बताया कि जंक फूड खाने से PCOS के लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
PCOS में जंक फूड खाने के नुकसान
सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा कहती हैं, “सबसे पहले जानना जरूरी है कि जंक फूड क्या है? पैकेज्ड जंक फूड में काफी मात्रा में कैलोरी, फैट और शुगर होता है। इसके साथ जंक फूड में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की कमी होती है। जंक फूड में काफी मात्रा में प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर डाले जाते हैं। इसमें बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, आलू के चिप्स, चॉकलेट, कैंडी, बिस्कुट, कुकीज, आइसक्रीम से लेकर सोडे वाले ड्रिंक्स, चीनी वाले जूस और एनर्जी ड्रिंक्स शामिल हैं। जिन महिलाओं को PCOS की समस्या है, उनके लक्षणों में तो इजाफा होता ही है, साथ ही ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं।”
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इंसुलिन रेजिस्टेंस
दिल्ली के नर्चर हॉस्पिटल की स्त्रीरोग विशेषज्ञ और आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. अर्चना धवन बजाज कहती हैं, "जो महिलाएं PCOS में जंक फूड खाती हैं, उनमें सैचुरेटेड फैटी एसिड और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस का लेवल बढ़ जाता है। इंसुलिन बढ़ने से एंड्रोजन हार्मोन का लेवल भी बढ़ने लगता है। एंड्रोजन पुरुष हार्मोन हैं, जो पीरियड्स को अनियमित कर सकते हैं और बांझपन का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ा सकते हैं।" साल 2022 में प्रकाशित Cureus Journal of Medical Science के अनुसार, जिन महिलाओं को PCOS की समस्या है, अगर वे चीनी से भरपूर और रिफाइंड खाना बहुत ज्यादा खाती हैं, तो उनकी कंडीशन काफी ज्यादा बिगड़ सकती है।
शरीर में सूजन
सीनियर डाइटिशियन ऋतिका कहती हैं, "प्रोसेस्ड फूड या जंक फूड की वजह से शरीर में सूजन हो सकती है क्योंकि यह आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया के बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। इससे शरीर का इम्यून सिस्टम बिगड़ जाता है और शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन होने का रिस्क बढ़ जाता है। जिन महिलाओं को PCOS की समस्या होती है, अगर वे तला-भुना खाना खाती हैं, चीनी या सोडे की मात्रा ज्यादा लेती हैं, तो उनके शरीर में सूजन ज्यादा होने का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए PCOS से पीड़ित महिलाओं को जंक फूड से परहेज करने की सलाह दी जाती है।"
हार्मोनल असंतुलन
डॉ. अर्चना धवन बजाज कहती हैं, "PCOS से ग्रस्त महिलाएं जब बहुत ज्यादा जंक फूड खाती हैं, तो उनके शरीर में DHEA (Dehydroepiandrosterone) और DHEAS (Dehydroepiandrosterone Sulfate) एंड्रोजन हार्मोन बढ़ाने लगते हैं। दोनों हार्मोन एड्रिनल ग्रंथि के जरिए बनाए जाने वाले प्री-हार्मोन होते हैं। ये हार्मोन शरीर में एंड्रोजन और एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलते हैं। PCOS में ये दोनों हार्मोंस एंड्रोजन हार्मोन बढ़ाने लगते हैं। एंड्रोजन हार्मोन पुरुषों में ज्यादा होता है और महिलाओं में ये बहुत कम होता है, लेकिन PCOS की समस्या से जूझ रही महिलाओं में एंड्रोजन हार्मोन की मात्रा पहले से ही ज्यादा होती है और जंक फूड के कारण ये और ज्यादा बढ़ सकती है। इससे महिलाओं के चेहरे पर बहुत ज्यादा मुंहासे और बाल आने लगते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि महिलाओं का ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ने लगता है और मोटापा भी तेजी से बढ़ता है। PCOS में जंक फूड खाने वाली महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण लिबिडो की भी कमी आ सकती है और मूड स्विंग्स बहुत ही कॉमन हो जाते हैं।"
PCOS में पेट की दिक्कत और वजन बढ़ना
Diabetes and Endocrinology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, भारत में हुए अध्ययन के मुताबिक, 40.8% महिलाओं में PCOS पाया गया है। सीनियर डाइटिशियन ऋतिका शर्मा कहती हैं, "PCOS में भूख को कंट्रोल करने वाले हार्मोन सही तरीके से काम नहीं करते और इस वजह से वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। PCOS से ग्रसित महिलाओं में घ्रेलिन हार्मोन के लेवल में गिरावट नहीं आती, जिसकी वजह से महिलाओं को खाने के बाद भी पेट भरा होने का अहसास नहीं होता। CCK (Cholecystokinin) हार्मोन पेट भरे होने का अहसास कराता है और PCOS में टेस्टोस्टेरोन के कारण खाना खाने के बाद CCK का लेवल कम हो जाता है। जब महिलाएं जंक फूड खाती हैं या बिंज ईटिंग करती हैं, तो उन्हें खुशी का अनुभव होता है, जो बाद में वजन बढ़ाने का काम करता है। इसके अलावा, जंक फूड के कारण पेट के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने लगता है, जो PCOS के अलावा, कई अन्य बीमारियों का कारण बनता है।”
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प्रेग्नेंट होने में परेशानी
डॉ. अर्चना धवन बजाज कहती हैं, “दरअसल, PCOS में जो महिलाएं जंक फूड बहुत ज्यादा खाती हैं, उनमें हार्मोनल असंतुलन होता है, एंड्रोजन हार्मोन बहुत ज्यादा बनने लगते हैं, पीरियड्स रेगुलर नहीं रहते, मोटापा बढ़ता है और पेट में दिक्कतें होने लगती हैं, जिसका का सीधा असर फर्टिलिटी पर पड़ता है। जंक फूड खाने वाली महिलाओं को डायबिटीज और हाई बीपी की समस्या हो सकती है। आमतौर पर अगर एंड्रोजन हार्मोन के कारण अंडे पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते, तो महिला के लिए प्रेग्नेंट होना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से PCOS से पीड़ित महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
जंक फूड की जगह क्या खाएं?
ऋतिका शर्मा कहती हैं कि PCOS में महिलाओं को डाइट का खास ध्यान देना चाहिए ताकि PCOS के लक्षणों में सुधार हो सके। महिलाओं को घर का खाना और बैलेंस्ड डाइट पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, महिलाएं इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।
- अखरोट, बादाम, मखाने और पिस्ते जैसे मेवे खाए जा सकते हैं।
- डार्क चॉकलेट सीमित मात्रा में खाई जा सकती है।
- सेब, नाश्पती, स्ट्राबेरी, अमरूद, कीवी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और चेरी ले सकती है।
- सीमित मात्रा में ग्रीन टी ली जा सकती है।
- गाजर, चकुंदर, मशरूम, खीरा, ब्रोकली और पालक का सलाद बनाया जा सकता है।
- साबुत अनाज जैसे ओट्स, जौ, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन रोटी और दालें डाइट में शामिल करनी चाहिए।
- दाल, पनीर, दही, अंकुरित अनाज, अंडा, सोया और नट्स जैसी प्रोटीन डाइट लें।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, लौकी और टिंडे की सब्जियां खाई जा सकती है। ये शरीर की सूजन कम होती है और हार्मोन बैलेंस बना रहता है।
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डॉक्टर से कब मिलें?
जब महिलाओं को लगातार पीरियड्स अनियमित रहने लगें, वजन तेजी से बढ़ने लगे, चेहरे पर बाल और मुंहासे लगातार बढ़ने लगें और मूड स्विंग्स बहुत ज्यादा होने लगें, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए और PCOS का टेस्ट कराना चाहिए।
निष्कर्ष
PCOS में जंक फूड खाना महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और उनके लक्षणों को गंभीर कर सकता है। इसलिए डॉक्टर और एक्सपर्ट बैलेंस्ड डाइट लेने की सलाह देते हैं। जो महिलाएं लगातार जंक फूड खाती हैं, उन्हें वजन बढ़ने से लेकर बांझपन की दिक्कत आ सकती है। इसलिए PCOS में महिलाओं को अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
FAQ
क्या अनार का फल पीसीओएस के लिए अच्छा है?
Journal of Clinical Medicine के अनुसार, अनार के रस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह PCOS को मैनेज करने में मदद करता है। अनार का रस खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में मदद कर सकता है।क्या चीट डे (Cheat Day) पर थोड़ा जंक फूड खाना सुरक्षित है?
PCOS में बिंज ईटिंग नहीं करनी चाहिए। महीने में एक या दो बार थोड़ा बहुत जंक फूड खाया जा सकता है। जंक फूड से होने वाली आंतरिक सूजन को ठीक होने में शरीर को कई दिन लग सकते हैं। इसलिए जंक फूड कम से कम खाएं।क्या डाइट सोडा या शुगर-फ्री जंक फूड PCOS में सुरक्षित हैं?
डाइट सोडा या शुगर फ्री फूड पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है। PCOS पीड़ित महिलाओं के लिए सादा पानी, नींबू पानी या हर्बल टी सबसे अच्छे विकल्प हैं।क्या जंक फूड से पीसीओएस में 'मूड स्विंग्स' बढ़ जाते हैं?
जंक फूड में मौजूद चीनी ब्लड में डोपामाइन के लेवल को अचानक बढ़ाती है और फिर तेजी से कम भी कर देती है। इससे PCOS पीड़ित महिलाओं में चिड़चिड़ापन, थकान और एंग्जाइटी बढ़ सकती हैं।प्रोसेस्ड फूड जैसे सॉसेज या सलामी पीसीओएस के लिए क्यों खराब है?
प्रोसेस्ड फूड में भारी मात्रा में सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। ये शरीर में सूजन को बढ़ाते हैं और एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोनों के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।
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Apr 08, 2026 12:43 IST
Modified By : Aneesh Rawat Apr 08, 2026 12:43 IST
Modified By : Aneesh RawatApr 08, 2026 12:43 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Rhitika Sharma