कई बार लोगों को रात में अचानक से पैरों में तेज दर्द और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या का सामना करना पड़ता है। अक्सर यह समस्या लोगों को नींद के बीच में होती हैं और तेज दर्द के साथ लोग ठीक से सो भी नहीं पाते हैं। यह दर्द व्यक्ति को कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट के लिए रह सकता है। ज्यादातर मामलों में यह गंभीर परेशानी का संकेत नहीं हैं, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है, तो इससे नींद के प्रभावित होने और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ अन्य समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन ये समस्या क्यों होती है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
रात में पैरों में ऐंठन क्या होती है?
डॉ. अरविंद के अनुसार, रात में पैरों में होने वाली तेज ऐंठन, जिसे अक्सर 'नॉक्टर्नल लेग क्रैम्प्स' कहा जाता है, मांसपेशियों में अचानक और दर्दनाक खिंचाव या सिकुड़न होती है। यह आमतौर पर पिंडली की मांसपेशियों (calf muscles) को प्रभावित करती है, लेकिन यह पैरों या जांघों में भी हो सकती है। ये ऐंठन आमतौर पर कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रहती है और इसके बाद होने वाला दर्द कई घंटों तक बना रह सकता है। हालांकि ये नॉर्मली खतरनाक नहीं होते हैं, लेकिन बार-बार या गंभीर रूप से होने पर ये नींद में खलल डाल सकते हैं और लाइफ की क्वालिटी को प्रभावित कर सकते हैं।
किन कारणों से बढ़ सकती है पैरों में ऐंठन की समस्या?
डॉ. अरविंद कहते हैं, रात में पैरों में ऐंठन का कोई साफ कारण पता नहीं चल पाता, लेकिन कुछ स्थितियां इसके होने की संभावना बढ़ा सकती हैं।
साल 2012 में American Family Physician logo में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रात के समय पैरों में ऐंठन या जकड़न (nocturnal leg cramps) की समस्या शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स या अन्य कमियों के बजाय मांसपेशियों की थकान और नसों की खराबी के कारण होती है। रात में होने वाली यह ऐंठन नस से जुड़ी बीमारियों, रीढ़ की हड्डी में सिकुड़न (lumbar canal stenosis), लिवर सिरोसिस, हेमोडायलिसिस, गर्भावस्था और अन्य मेडिकल कंडीशन से जुड़ी हो सकती है। कुछ दवाएं भी इस ऐंठन को काफी हद तक बढ़ा सकती हैं।
मांसपेशियों की थकान
रात में पैरों की ऐंठन के सबसे आम कारणों में से एक है मांसपेशियों की थकान या उनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना, जैसे दिनभर लंबे समय तक खड़े रहना, जरूरत से ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करना या अचानक बहुत अधिक एक्सरसाइज करना मांसपेशियों को थका सकता है। ऐसी स्थिति में रात के समय ऐंठन होने की समस्या बढ़ सकती है।
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लंबे समय तक बैठे रहना
सिर्फ अधिक मेहनत ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने या बहुत कम फिजिकल एक्टिविटीज (sedentary lifestyle) करने से भी मांसपेशियां अकड़ सकती हैं और इनके लचीलेपन में कमी हो सकती है। इससे रात में ऐंठन की शिकायत हो सकती है।
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शरीर में पानी की कमी
पर्याप्त पानी न पीना, ज्यादा पसीना आना या बीमारी के कारण शरीर में पानी की कमी होना भी एक अहम कारण हो सकता है। इससे शरीर में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस प्रभावित हो सकता है, ये मिनरल्स मांसपेशियों के नॉर्मल रूप से सिकुड़ने और फैलने में अहम भूमिका निभाते हैं और इनका असंतुलन ऐंठन के खतरे को बढ़ा सकता है।
किन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होती हैं परेशानी?
डॉ. अरविंद का कहना है, कुछ बीमारियों में भी रात के समय पैरों में ऐंठन ज्यादा देखने को मिल सकती है। इनमें डायबिटीज, किडनी से जुड़ी बीमारी, थायरायड की समस्या, लिवर से जुड़ी बीमारी, रीढ़ की नसों पर दबाव (nerve compression) और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन की कमी यानी पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (peripheral artery disease) जैसी स्थितियां शामिल हैं। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी, खासकर दूसरी और तीसरी ट्राइमेस्टर के दौरान भी पैरों में ऐंठन की संभावना बढ़ सकती है।
क्या दवाइयों से भी हो सकती है परेशानी?
डॉ. अरविंद के अनुसार, कुछ दवाइयां साइड इफेक्ट के तौर पर मांसपेशियों की ऐंठन की संभावना बढ़ा सकती है। इनमें कुछ डाइयुरेटिक्स यानी मूत्रवर्धक दवाएं (वॉटर टैबलेट), कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली स्टैटिन दवाएं, कुछ अस्थमा की दवाएं और हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं शामिल हैं। अगर किसी नई दवा की शुरुआत के बाद बार-बार ऐंठन होने लगे, तो बिना सलाह के दवा बंद करने के बजाय डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।
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रात में पैरों की ऐंठन से बचने के आसान उपाय
डॉ. अरविंद बताते हैं, इस समस्या को पूरी तरह रोकना हमेशा पॉसिबल नहीं होता है, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर रात में पैरों में ऐंठन को कम किया जा सकता है।
- सोने से पहले पिंडली और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- नियमित रूप से हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटीज करें।
- आरामदायक और सहारा देने वाले जूते पहनें।
- अगर ऐंठन आ जाए, तो प्रभावित मांसपेशी को धीरे-धीरे खींचें।
- हल्की मालिश करें या गर्म सिकाई करें, इससे मांसपेशियों को आराम मिल सकता है और दर्द से राहत मिल सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब ले?
डॉ. अरविंद के अनुसार, अगर पैरों में ऐंठन कभी-कभार होती है, तो यह आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होती है, लेकिन अगर यह बार-बार हो, बहुत ज्यादा दर्दनाक हो, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ मांसपेशियों में कमजोरी, सूजन, सुन्नपन या त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। अगर ऐंठन के कारण आपकी नींद और रोज के कामकाज प्रभावित होने लगे, तब भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
रात में पैरों में होने वाली तेज ऐंठन एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना हमेशा सही नहीं होता है, खासकर अगर ये समस्या लगातार बनी रहे तो। कई मामलों में यह समस्या मांसपेशियों की थकान, लंबे समय तक बैठे रहने, शरीर में पानी, शरीर में मिनरल्स के असंतुलित कुछ स्वास्थ्य समस्याएं और कुछ दवाइयों के कारण भी हो सकती है। ऐसे में इससे राहत के लिए नियमित स्ट्रेचिंग, पर्याप्त पानी पीना और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने से कई लोगों को राहत मिल सकती है। अगर समस्या बार-बार हो रही हो या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि समय रहते इससे राहत के उपायों को अपनाया जा सके।
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FAQ
किन विटामिन की कमी से रात में पैर में ऐंठन होती है?
शरीर में विटामिन डी और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों को रात के समय पैरे में ऐंठन की समस्या हो सकती है।पैर में ऐंठन (cramp) आए तो क्या करें?
पैरों में ऐंठन आने की समस्या से राहत के लिए मांसपेशियों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें, हल्के हाथों से मालिश करें, पोषक तत्वों से युक्त खाना खाएं, शरीर को हाइड्रेट रखें और गर्म या ठंडी सिकाई करें।
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Jul 17, 2026 20:38 IST
Modified By : Priyanka Sharma Jul 17, 2026 20:38 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr. Aravinda S N