शिंगल्स एक दर्दनाक वायरल इंफेक्शन जिसके खतरे से बचने के लिए वैक्सीन लेना जरूरी है। यह त्वचा पर दर्दनाक रैशेज का कारण बनता है। जिन लोगों की उम्र ज्यादा होती है, उनमें शिंगल्स होने का जोखिम ज्यादा होता है इसलिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है। अगर आपको शिंगल्स होता भी है, तो वैक्सीन आपकी स्थिति की गंभीरता को कम कर सकती है। शिंगल्स वैक्सीन लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है। आइए जानते हैं शिंगल्स वैक्सीन किसे और कब लेना चाहिए? साथ ही, जानें इससे जुड़ी अहम जानकारी। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Rajeev Chowdry, Internal Medicine Specialist At Yatharth Super Speciality Hospital, Faridabad से बात की।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, शिंग्रिक्स (Shingrix) वैक्सीन को सुरक्षित माना गया है। 50 से 69 साल के स्वस्थ इम्यून सिस्टम वाले लोगों में इस वैक्सीन ने लगभग 97% प्रभावशीलता दिखाई। 70 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में यह लगभग 91% प्रभावी रही।
1. शिंगल्स वैक्सीन लेना क्यों जरूरी है?

- शिंगल्स से बचने का सबसे प्रभावी तरीका वैक्सीन लेना है। शिंगल्स वैक्सीन 50 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए जरूरी है, खासकर अगर उन्हें डायबिटीज है।
- शिंगल्स वैक्सीन, जोस्टर वायरस के खिलाफ सुरक्षा देती है। जोस्टर वायरस ही चिकनपॉक्स का कारण भी बनता है। शिंगल्स, तब होता है, जब वायरस सालों बाद फिर से सक्रिय हो जाता है।
- यह एक दर्दनाक रैशेज का कारण बन सकता है।
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2. शिंगल्स से बचाव करती हैं ये दो वैक्सीन
- दो प्रकार की वैक्सीन, शिंगल्स से बचाव के लिए दी जाती हैं- पहली शिंग्रिक्स (Shingrix) और दूसरी जोस्टावैक्स (Zostavax)।
- शिंग्रिक्स को 2 से 6 महीने के गैप पर, दो खुराकों में दिया जाता है। यह वैक्सीन 90 प्रतिशत मामलों में, शिंगल्स से बचने में प्रभावी मानी जाती है। जिन लोगों को पहले चिकनपॉक्स हो चुका है या जिनकी उम्र 50 या उससे ज्यादा है, तो वे लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं।
- वहीं दूसरी तरफ, जोस्टावैक्स को एक ही खुराक में दिया जाता है। यह वैक्सीन 50 से 68 प्रतिशत मामलों में प्रभावी मानी जाती है। 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग, इस वैक्सीन को लगवा सकते हैं।
- जिन लोगों को वर्तमान समय में शिंगल्स है या जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें वैक्सीन नहीं लगाई जाती है।
3. बुजुर्ग, हार्ट और डायबिटीज के मरीज ले सकते हैं शिंगल्स वैक्सीन
- शिंगल्स एक दर्दनाक इंफेक्शन है जो वैरिसेला-जोस्टर वायरस से होता है। यह वही वायरस है जो चिकनपॉक्स का कारण बनता है। बुजुर्गों में शिंगल्स का खतरा ज्यादा होता है और इसके साथ गंभीर दर्द और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो सकती हैं।
- शिंगल्स वैक्सीन, शिंगल्स को रोकने में प्रभावी मानी जाती है और 50 वर्ष से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों को यह वैक्सीन लगाने की सलाह दी जाती है। 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पहली खुराक के 2 से 6 महीने बाद दूसरी खुराक लेनी होती है।
- शिंगल्स एक वायरल इंफेक्शन है जो शरीर की इम्यूनिटी को कमजोर करता है और डायबिटिक मरीजों के साथ-साथ हृदय रोगियों के लिए भी यह एक बड़ा जोखिम बन सकता है। 50 साल से ज्यादा उम्र के हृदय रोगियों को यह वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए।
- जिन लोगों को पहले शिंगल्स और चिकनपॉक्स हो चुका है या जिन वयस्कों की इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें भी डॉक्टर ये वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं।
4. किस उम्र में लगती है शिंगल्स वैक्सीन?
शिंगल्स वैक्सीन आमतौर पर 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों को दी जाती है। कम उम्र के कुछ ऐसे मरीजों को भी यह वैक्सीन दी जाती है जिनकी इम्यूनिटी किसी कारण कमजोर है। हालांकि बहुत रेयर केस में ऐसा होता है। वैक्सीन की सही उम्र और डोज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
5. क्या शिंगल्स होने के बाद भी वैक्सीन लगवा सकते हैं?
हां, पहले शिंगल्स हो चुका हो तब भी भविष्य में दोबारा शिंगल्स होने के जोखिम को कम करने के लिए वैक्सीन की सलाह दी जा सकती है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी कुछ लोगों को शिंगल्स हो सकता है, लेकिन वैक्सीन बीमारी के जोखिम और गंभीरता को कम करने में मदद करती है। हालांकि, वर्तमान समय में शिंगल्स है, तो बीमारी ठीक होने के बाद वैक्सीन लगवा सकते हैं।
निष्कर्ष:
बुजुर्ग, डायबिटिक मरीज और हार्ट के मरीजों को शिंगल्स का खतरा ज्यादा हो सकता है। जिन लोगों को पहले शिंगल्स और चिकनपॉक्स हो चुका है, जिन वयस्कों की इम्यूनिटी कमजोर है उन्हें भी यह डोज लगवानी चाहिए। बचाव के लिए 50 और इससे अधिक उम्र के लोग छह महीने के गैप पर शिंगल्स वैक्सीन की दो डोज ले सकते हैं। शिंगल्स वैक्सीन के दाे प्रकार होते हैं- पहला शिंग्रिक्स और दूसरा जोस्टावैक्स। शिंग्रिक्स दो डोज और जोस्टावैक्स एक ही डोज में दिया जाता है। जिन लोगों को शिंगल्स हो चुका है, वह भी इस इंफेक्शन के असर को कम करने के लिए वैक्सीन ले सकते हैं और वैक्सीन लेने के बाद भी शिंगल्स हो सकता है, लेकिन इसके खतरों से बचने के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है। अगर आप गर्भवती हैं या वर्तमान समय में शिंगल्स से पीड़ित हैं, तो यह वैक्सीन नहीं लगाई जाती है।
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FAQ
शिंगल्स वैक्सीन के क्या साइड इफेक्ट हैं?
आमतौर पर इंजेक्शन वाली जगह दर्द, रेडनेस या सूजन हो सकती है। इसके अलावा कुछ समय के लिए बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।क्या शिंगल्स वैक्सीन चिकनपॉक्स से भी बचाती है?
नहीं। शिंगल्स और चिकनपॉक्स एक ही वायरस से जुड़े हैं, लेकिन दोनों के लिए वैक्सीन अलग होती हैं। शिंगल्स वैक्सीन का उद्देश्य मुख्य रूप से शिंगल्स से बचाव करना है।
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Sep 01, 2026 18:23 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Rajeev Chowdry