Fri Sep 11, 2026 | 07:31 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

30 सालों से खा रही हूं स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले, दादी ने बनाई परंपरा, जानें ये क्यों हैं सेहतमंद?

मैं अपने घर में बीते 30 सालों से स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले खा रही हूं। इनका स्‍वाद पैकेट वाले मसालों के मुकाबले ज्‍यादा अच्‍छा होता है। साथ ही स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसालों में पोषक तत्‍व ज्‍यादा होते हैं। एक्‍सपर्ट से जानते हैं इसके फायदे।

मैं जब से पैदा हुई हूं, हमने कई घर बदले, कई शहर बदले पर एक चीज जो वैसी की वैसी है वो है दादी की बनाई परंपरा। मां बताती हैं क‍ि जब उनकी शादी हुई थी, तो दादी ने एक न‍ियम बनाया था क‍ि बाजार से मसाले नहीं लाए जाएंगे बल्‍क‍ि वो उसे घर पर ही स‍िलबट्टे पर तैयार करेंगी। हमारे घर में काठमांडू से एक स‍िलबट्टा लाया गया था और तब से उसी पर हर महीने मसाले पीसकर तैयार क‍िए जाते हैं। पहले यह काम दादी क‍िया करती थीं, उनकी तबीयत ब‍िगड़ने के बाद मां आज भी दादी की परंपरा को न‍िभाते हुए स‍िलबट्टे पर ही मसालों को तैयार करती हैं। एक्‍सपर्ट्स का मानना है क‍ि स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले सेहत के लि‍ए भी फायदेमंद होते हैं। स्‍वाद की बात करें, तो मैं इतना ही कहूंगी क‍ि एक बार अगर आपने स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसालों का स्‍वाद चख ल‍िया, तो पैकेट वाले मसालों को आप कभी नहीं चखना चाहेंगे। इस लेख में जानेंगे क‍ि आख‍िर पुराने जमाने में स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसालों को खाने की आदत सेहत के ल‍िए क्‍यों फायदेमंद है?

30 सालों से खा रही हूं स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले

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मेरे घर में हमेशा से मैंने स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसालों का सेवन क‍िया है। जब मैं काम के ल‍िए द‍िल्‍ली जा रही थी, तो मां ने मुझे सारे मसाले पीसकर ड‍िब्‍बे में द‍िए थे। जब मसाले खत्‍म हो गए, तो मुझे पैकेट वाले मसाले खाने पड़े, तब समझ आया क‍ि घर पर प‍िसे मसालों की बात ही कुछ और है। बचपन में मेरी दादी, मां और बुआ म‍िलकर मसाला बनाया करती थीं, उन द‍िनों पूरे घर में ताजे मसालो की खुशबू घुल जाती थी। मसालों की वह ताजी सुगंध मुझे 30 साल भी महसूस होती है।

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स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले ज्‍यादा सेहतमंद होते हैं

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक अध्ययन के मुताब‍िक, मसालों को पीसने के तरीकों से उनके गुणों पर असर पड़ता है। अगर आप कम तापमान और न‍ियंत्र‍ित प्रक्र‍िया से मसालों को प‍ीसकर खाएंगे, तो सेहत को ज्‍यादा फायदे म‍िलेंगे। स‍िलबट्टे पर मसालों को पीसने से उनमें ज्‍यादा गर्मी नहीं बनती ज‍िससे उनके प्राकृत‍िक पोषक तत्‍व सुरक्ष‍ित रहते हैं और स्‍वाद भी बरकरार रहता है। यानी स‍िलबट्टे या पत्‍थर पर प‍िसे मसालों का स्‍वाद ज्‍यादा अच्‍छा होता है और इनकी खुशबू भी बेहतर होती है।

कम मात्रा में ज्‍यादा असर द‍िखाते हैं घर पर प‍िसे मसाले

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ज‍िन मसालों को हम घर पर पीसकर तैयार करते हैं उनमें कोई म‍िलावट नहीं होती है। ये आसानी से पच जाते हैं। घर पर प‍िसे मसालों में रंग, केम‍िकल्‍स या प्र‍िजर्वेट‍िव्‍स नहीं होते। हल्‍दी, जीरा, धन‍िया जैसे मसालों का सेवन करके इम्‍यून‍िटी बढ़ती है। इन मसालों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इन मसालों की कम मात्रा ही काफी होती है।

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मसाले और आटे की ठंडी प‍िसाई फायदेमंद है

Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि मसालों के पोषक तत्‍व बरकरार रखने के ल‍िए ठंडी प‍िसाई फायदेमंद है जैसे आटे या मसालों को घर पर या चक्‍की पर तैयार करना। जो मसाले फैक्‍ट्री में मशीनों से बनते हैं उनमें ज्‍यादा हीट प्रोड्यूस होती है और इससे पोषक तत्‍व कम हो जाते हैं, जबक‍ि मसालों या आटे काे ताजा पीसने से उनका स्‍वाद और गुण बरकरार रहते हैं।

पैकेट में ब‍िक रहे मसालों से बचना जरूरी है

पैक्‍ड मसालों में रंग, स्‍टार्च और सस्‍ते पदार्थ म‍िलाए जाते हैं। प्रोसेस‍िंग के कारण मसालों के पोषक तत्‍व कम हो जाते हैं। पैकेट वाले मसालों में प्रि‍जर्वेट‍िव्‍स का इस्‍तेमाल होता है। मसालों को पैकेट में लंबे समय तक रखने से मसालों की गुणवत्ता घट जाती है। इन मसालों का लगातार सेवन करने से पाचन समस्‍या या एलर्जी हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

स‍िलबट्टे पर प‍िसे मसाले, बाजार में म‍िलने वाले मसालों के मुकाबले ज्‍यादा ताजे और पोषक तत्‍वों से भरपूर होते हैं। इनका सेवन करने से सेहत बेहतर रहती है और शरीर में हान‍िकारक केम‍िकल्‍स से होने वाले नुकसान से बचाव होता है।

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FAQ

  • सर्दि‍यों में कौन से मसालों का सेवन फायदेमंद है?

    सर्दि‍यों में अदरक, दालचीनी, हल्‍दी, काली म‍िर्च, लौंग और इलायची का सेवन फायदेमंद होता है। ये मसाले शरीर को गर्म रखते हैं और सर्दी-जुकाम से बचाने में मदद करते हैं।
  • मसालों को पीसने का सही तरीका क्या है?

    मसालों के पोषक तत्‍वों को बचाने के ल‍िए उसे हल्‍का सुखाकर फ‍िर स‍िलबट्टे पर पीस लें। इससे मसालों के प्राकृत‍िक तेल और पोषक तत्‍व सुरक्ष‍ित रहते हैं।
  • कौन से मसालों से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है?

    शरीर की इम्‍यूनि‍टी को बढ़ाने के ल‍िए डाइट में दालचीनी, लौंग, काली म‍िर्च, लहसुन, हल्‍दी और अदरक जैसे मसालों का सेवन करें। इनमें एंटी बैक्‍टीर‍ियल और एंटीऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 30, 2026 18:59 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 30, 2026 18:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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