हमारे किचन में मौजूद मसाले न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। हल्दी, दालचीनी और मेथी का इस्तेमाल भी हम सभी अपने खाने में अलग-अलग तरह से करते हैं। इन सभी मसालों में कई औषधीय गुण होते हैं, जो नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और पाचन को बेहतर रखने में मदद करते हैं। अलग-अलग इन मसालों को खाना तो आपके लिए फायदेमंद होता ही है, लेकिन एक साथ इनका मिश्रण भी आपकी सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है। आइए इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि हल्दी, दालचीनी और मेथी को एक साथ खाने के क्या फायदे हैं?
दालचीनी, मेथी और हल्दी का मिश्रण खाने के फायदे
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, हल्दी, मेथी और दालचीनी कई औषधीय गुणों और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें संतुलित और सही मात्रा में खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।
1. ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में लाभकारी
डॉ. किरण गुप्ता ने बताया कि दालचीनी और मेथी दोनों ही ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में फायदेमंद माने जाते हैं। मेथी में घुलनशील फाइबर होता है, जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा कर सकता है। वहीं, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन भी शरीर की सूजन कम करने के साथ-साथ मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को इस मिश्रण का नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
साल 2022 में Food Science and Technology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, दालचीनी और मेथी टाइप-2 डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करने के असरदार विकल्प हैं। 90 दिनों के टेस्ट में रोजाना 4 ग्राम दालचीनी या 20 ग्राम मेथी पाउडर का सेवन फास्टिंग ग्लूकोज और HbA1c के लेवल को काफी कम करने में मदद मिल सकती है। दालचीनी का असर वजन और इंसुलिन पर ज्यादा देखने को मिला। हालांकि, शुगर कम करने में दोनों की क्षमता लगभग एक जैसी रही।
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2. सूजन कम करने में फायदेमंद
डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन अपने पावरफुल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। दालचीनी और मेथी में भी ऐसे नेचुरल कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। जो लोग जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में जकड़न या नॉर्मल सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह मिश्रण संतुलित आहार का एक अहम हिस्सा हो सकता है।
साल 2009 में Medicine and Science in Sports and Exercise में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हल्दी, दालचीनी और मेथी, इन तीनों का मिश्रण का 13 दिनों तक नियमित सेवन करने से हैवी वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में होने वाले डैमेज और उससे जुड़ी सूजन में कमी देखी गई है। हल्दी, दालचीनी और मेथी में पावरफुल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मांसपेशियों के डैमेज होने के बाद सूजन की शुरुआत को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
3. पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद
मेथी का सेवन पाचन क्रिया के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज, गैस और अपच जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं। दालचीनी पेट की ऐंठन और गैस की समस्या को कम करने में असरदार होती है। जबकि हल्दी का सेवन पाचन को बेहतर बनाए रखने में प्रभावी माना जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इन तीनों का सेवन पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है।
साल 2022 में Nutrition and Functional Foods in Boosting Digestion, Metabolism and Immune Health में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, हल्दी और दालचीनी का इस्तेमाल पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे पेट की ऐंठन, दस्त, कब्ज और अपच के इलाज के लिए एक नेचुरल ट्रीटमेंट के रूप में किया जाता रहा है। इन मसालों में मौजूद तत्व, करक्यूमिन और सिनामाल्डिहाइड, शरीर के मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया को बेहतर बनाने और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं।
4. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
दालचीनी, मेथी और हल्दी तीनों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं। मौसम बदलने के दौरान होने वाले नॉर्मल सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव के लिए भी लोग इन मसालों का सेवन कर सकते हैं।
साल 2021 में Pharmacognosy Journal में बताया गया है कि हल्दी, दालचीनी और मेथी जैसे मसालों का रोजाना सेवन करने से शरीर की नेचुरल इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिनोइड्स एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होते हैं, जो शरीर में एंटीबॉडी का लेवल बढ़ाते हैं। दालचीनी अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण सांस से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद हो सकती है। वहीं मेथी में पाए जाने वाले मैक्रोफेज की कार्यक्षमता बढ़ाकर इम्यूनिटी को बढ़ावा देते है।
5. वजन प्रबंधन में सहायक
डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि यह मिश्रण सीधे तौर पर वजन कम नहीं करता है, लेकिन वजन को मैनेज करने में मदद कर सकता है। मेथी में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है। दालचीनी का सेवन ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है, जिससे मीठा खाने की क्रेविंग कम होती है। वहीं, हल्दी का सेवन मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है, जिससे आपका वजन कंट्रोल में रहता है।
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दालचीनी, मेथी और हल्दी एक साथ खाने का सही तरीका
डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि इस मिश्रण का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और सही तरीके से खाना चाहिए-
- दालचीनी पाउडर- ¼ चम्मच
- मेथी पाउडर- ¼ चम्मच
- हल्दी- ¼ चम्मच
- दूध- 1 गलास
दूध को गुनगुना कर लें और फिर उसमें सभी मसालों को बराबर मात्रा में मिलाकर पी लें। इस दूध को आप सुबह खाली पेट या भोजन के बाद भी लिया जा सकता है, लेकिन किसी भी नई आदत को शुरू करने से पहले अपनी स्थिति को ध्यान में जरूर रखें।
इन बातों का रखें ध्यान
- डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर कम हो सकता है
- खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को हल्दी और दालचीनी का ज्यादा सेवन करने से बचना चाहिए।
- प्रेग्नेंट महिलाओं, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माताओं और लिवर या पित्ताशय की समस्या में डॉक्टर की सलाह पर इस मिश्रण का सेवन करें।
- कैसिया दालचीनी का लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि दालचीनी, मेथी और हल्दी का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने, पाचन में सुधार करने, सूजन कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और वजन कम करने में प्रभावी होता है। हालांकि, ध्यान रखें कि यह मिश्रण किसी बीमारी का इलाज नहीं होता है और इसे संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ ही अपनाना चाहिए। अगर आपको पहले से कोई गंभीर बीमारी है या आप किसी तरह की दवा लेते हैं, तो इस मिश्रण का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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FAQ
दालचीनी की तासीर गर्म होती है या ठंडी?
दालचीनी की तासीर गर्म होती है। आयुर्वेद में इसे उष्ण प्रकृति का माना गया है, जो शरीर के पाचन तंत्र को मजबूत करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करती है।1 दिन में कितनी दालचीनी पीनी चाहिए?
एक हेल्दी व्यक्ति को दिनभर में आधा से एक छोटा चम्मच दालचीनी का सेवन करना सुरक्षित और पर्याप्त माना जाता है। अगर आप पहली बार इसे डाइट में शामिल कर रहे हैं तो एक चौथाई चम्मच से शुरुआत कर सकते हैं।
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Jul 31, 2026 14:48 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta