Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

माथे से हेयरलाइन धीरे-धीरे पीछे जा रही है? डॉक्‍टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

क्‍या आपके माथे पर मौजूद हेयर लाइन धीरे-धीरे पीछे जा रही है और माथे का ह‍िस्‍सा चौड़ा होता जा रहा है? डॉक्‍टर से जानें इसके पीछे छुपी वजह।

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कई लोगों में आपने देखा होगा क‍ि माथे पर मौजूद हेयरलाइन धीरे-धीरे पीछे की ओर ख‍िसक रही है। साथ ही बाल धीरे-धीरे पतले द‍िखने लगते हैं। यह समस्‍या पुरुषों में ज्‍यादा देखने को म‍िलती है। पुरुषों में यह मेल पैटर्न हेयर लॉस का संकेत भी हो सकता है। हेयर लाइन पीछे जाने से बाल पतले होने लगते हैं। समय के साथ उस जगह बाल उगना बंद हो सकते हैं और हेयरलाइन पीछे दिखाई देने लगती है। पुरुषों में हेयरलाइन पीछे जाकर अक्सर अक्षर 'U' या 'M' का आकार लेने लगती है। महिलाओं में आमतौर पर सिर के ऊपर बाल पतले होते हैं और बालों की मांग चौड़ी दिखाई देने लगती है। आइए जानते हैं हेयरलाइन के पीछे जाने के कारण और बचाव के उपाय। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Chandni Jain Gupta, Dermatologist, Cosmetologist And Hair Transplant Surgeon At Elantis Healthcare, New Delhi से बात की।

सोने की पोजीशन और हेयरलाइन

साल 2026 में JPRAS Open में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में ऐसे 161 पुरुषों में शाम‍िल क‍िया ज‍िनकी हेयरलाइन 'M' शेप में थी और ज‍िन्‍हें एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया था। नतीजों में पाया गया जो पुरुष बाईं करवट सोते थे, उनमें हेयरलाइन पीछे हटने की समस्‍या, बाईं तरफ करवट करके सोने वालों के मुकाबले ज्‍यादा थी। शोधकर्ताओं का अनुमा है कि लंबे समय तक सिर के एक हिस्से पर दबाव पड़ने से ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए आगे और शोध की जरूरत है।

हेयर लाइन पीछे जाने के कारण

receding-hairline-prevention

1. जेनेट‍िक कारण

सबसे कॉमन कारण है ज‍ेनेट‍िक्‍स। अगर पर‍िवार में क‍िसी को हेयर लॉस की समस्‍या है, तो आपको भी यह समस्‍या हो सकती है।

यह भी पढ़ें- बीमारी के बाद अक्सर क्यों झड़ने लगते हैं बाल? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें कितने समय तक रहता है हेयर फॉल

2. दवाएं और मेड‍िकल कंडीशन

कुछ दवाएं, हार्मोन थेरेपी, मेडिकल कंडीशन और रेडिएशन थेरेपी भी हेयर लाइन पीछे जाने के कारण हो सकते हैं। थायरायड से जुड़ी समस्याएं, कुछ ऑटोइम्यून बीमार‍ियां और स्कैल्प की कुछ समस्याएं बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं।

3. धूम्रपान

धूम्रपान भी बालों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है और हेयरलाइन पीछे जा सकती है। धूम्रपान से ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और शरीर को ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए धूम्रपान से बचना चाह‍िए।

4. बढ़ती उम्र

उम्र बढ़ने के साथ बालों का विकास धीमा हो सकता है। कुछ लोगों में बालों की मोटाई और संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है।

5. पोषक तत्वों की कमी

बालों के लिए पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक और अन्य पोषक तत्व जरूरी होते हैं। डाइट में लंबे समय तक पोषक तत्वों की कमी रहने पर बाल कमजोर और पतले हो सकते हैं।

6. स्‍ट्रेस

लंबे समय तक रहने वाला शारीरिक या मानसिक तनाव बालों के सामान्य ग्रोथ साइकल को प्रभावित कर सकता है। तनाव के बाद कुछ लोगों में अचानक ज्यादा बाल झड़ने लगते हैं।

7. ज्यादा केमिकल और हीट प्रोडक्‍ट्स का इस्‍तेमाल

बार-बार हेयर कलर, स्ट्रेटनिंग और अन्य केमिकल ट्रीटमेंट करने से बालों की शाफ्ट कमजोर हो सकती है। बहुत ज्यादा हीट स्टाइलिंग भी बालों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे बाल टूट सकते हैं और बालों की कुल मात्रा कम दिखाई दे सकती है।

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पीछे जाती हेयरलाइन की समस्‍या से कैसे बचें?

अगर बाल झड़ने का कारण आनुवंशिक है, तो इसे पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन बचाव के उपायों से बाल झड़ने की स्‍पीड को कम करने और बालों की ग्रोथ सुधारने में मदद मिल सकती है। जैसे-

  • बालों की देखभाल के लिए बहुत जोर से ब्रश करना या बालों को खींचने से बचने का प्रयास करना चाह‍िए।
  • संतुलित डाइट, स्‍ट्रेस मैनेजमेंट, बालों पर ज्यादा हीट स्‍टाइल‍िंग टूल्‍स और कठोर केमिकल ट्रीटमेंट से बचना और बालों की उचित देखभाल से पीछे जाती हेयरलाइन की समस्‍या से बच सकते हैं।
  • अगर बाल लंबे हैं और उसे मैनेज करने के ल‍िए आप बाल बांधने पड़ते हैं, तो ज्‍यादा टाइट चोटी या जूड़ा बनाने से बचें। बालों को कॉटन बैंड के साथ बांधें ताक‍ि बाल ज्‍यादा न टूटें।
  • लंबे समय तक धूप में रहने पर सिर को टोपी या स्कार्फ से ढकें। इससे स्कैल्प और बालों को तेज धूप और UV किरणों से बचाने में मदद मिल सकती है।
  • धूम्रपान शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर स्कैल्प पर भी पड़ सकता है। धूम्रपान छोड़ना बालों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

क्या ऑयल‍िंग और शैंपू से हेयरलाइन ठीक हो सकती है?

बालों में ऑयल‍िंग और शैंपू की मदद से ड्राईनेस और गंदगी से बचने में मदद मि‍लती है, लेक‍िन इससे हेयरलाइन ठीक नहीं हो सकती। हेयर लॉस का इलाज, कारण पर न‍िर्भर करता है। हेयरलाइन के इलाज के ल‍िए डॉक्‍टर पीआरपी थेरेपी, हेयर ट्रांसप्‍लांट, म‍िनोक्‍स‍िड‍िल जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दे सकते हैं।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

अगर हेयरलाइन अचानक पीछे जा रही है, बाल तेजी से झड़ रहे हैं या जगह-जगह से बाल गायब हो रहे हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से जांच कराना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

हेयर लाइन पीछे जाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे जेनेट‍िक कारण, कुछ दवाएं, रेड‍िएशन थेरेपी, थायराइड या अन्‍य मेड‍िकल कंडीशन, बढ़ती उम्र, धूम्रपान, पोषक तत्‍वों की कमी, स्‍ट्रेस, ज्‍यादा केम‍िकल्‍स और हीट प्रोडक्‍ट्स के इस्‍तेमाल से भी हेयर लॉस हो सकता है। पीछे जाती हेयरलाइन से बचने के ल‍िए केम‍िकल ट्रीटमेंट, हीट‍िंग टूल्‍स, धूम्रपान या बालों को टाइट बांधने की आदत से बचें। बालों को UV रेज से बचाएं। हेयरलाइन की समस्‍या से बचने के ल‍िए स्‍ट्रेस मैनेजमेंट, संतुल‍ित डाइट लेना भी जरूरी है।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या महिलाओं में भी हेयरलाइन पीछे जा सकती है?

    हां, महिलाओं में भी हेयरलाइन पीछे जा सकती है। साथ ही, हेयरलाइन के आस-पास बाल पतले हो सकते हैं।
  • क्या हार्मोन हेयरलाइन को प्रभावित करते हैं?

    हां, कुछ हार्मोन बालों के फॉलिकल को प्रभावित कर सकते हैं जैसे पुरुषों में DHT हार्मोन जेनेटिक हेयर लॉस का कारण बन सकता है।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 03, 2026 20:25 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Chandni Jain Gupta

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