Fri Oct 16, 2026 | 08:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Naveen Polavarapu , Gastroenterologist

इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) का खतरा बढ़ा सकती हैं ये 5 गलत‍ियां, ऐसे मजबूत करें पाचन

खराब खानपान, तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल आंतों की सेहत बिगाड़ सकती है। जानें कौन-सी 5 गलतियां IBD और पाचन समस्याओं का खतरा बढ़ाती हैं और डाइजेशन को हेल्‍दी रखने के ल‍िए क्‍या करें?
इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) का खतरा बढ़ा सकती हैं ये 5 गलत‍ियां, ऐसे मजबूत करें पाचनइंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) का खतरा बढ़ा सकती हैं ये 5 गलत‍ियां, ऐसे मजबूत करें पाचन

आजकल पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खराब खानपान, तनाव और अनियमित लाइफस्टाइल का असर सीधे डाइजेशन पर पड़ता है। कई लोग बार-बार पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग, कब्ज या दस्त जैसी समस्याओं को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक ऐसी आदतें आंतों की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ रोजमर्रा की गलतियां इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज (Irritable Bowel Disease) और आंतों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती हैं। ऐसी पांच गलत‍ियों के बारे में जानने के ल‍िए हमने Dr. Naveen Polavarapu, Senior Consultant Gastroenterologist, Liver Specialist & Advanced Therapeutic Endoscopist & Endosonologist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

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1. समय पर खाना न खाना

कई लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या कभी बहुत देर से खाना खाते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अनियमित समय पर खाना खाने से गट-ब्रेन एक्‍स‍िस प्रभावित हो सकता है, जिससे पेट में ऐंठन और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। समय पर और संतुलित भोजन करना पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है। कोशिश करें कि रोजाना लगभग रोज एक ही समय पर भोजन करें।

2. ट्रिगर फूड्स का ज्यादा सेवन

बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड खाने से कई लोगों में पेट की समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा ज्यादा कैफीन, अल्कोहल और आर्टि‍फि‍श‍ियल स्‍वीनर्स भी कुछ लोगों में पेट खराब, गैस और ब्लोटिंग का कारण बन सकते हैं।

3. फाइबर का गलत संतुलन

फाइबर पाचन के लिए जरूरी होता है, लेकिन बहुत ज्यादा या बहुत कम फाइबर दोनों ही समस्या बढ़ा सकते हैं। बहुत ज्यादा सॉल्‍युबल फाइबर जैसे कुछ कच्ची सब्जियां और फलों के छिलके कुछ लोगों में दस्त की समस्या बढ़ा सकते हैं। वहीं, बहुत कम सॉल्‍युबल फाइबर लेने से कब्ज की परेशानी हो सकती है।

4. लगातार तनाव में रहना

तनाव का असर सिर्फ दिमाग पर नहीं, बल्कि पेट पर भी पड़ता है। क्रॉन‍िक स्‍ट्रेस आंतों की सेंस‍िट‍िव‍िटी को बढ़ा सकता है, जिससे पेट दर्द, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं ज्यादा महसूस हो सकती हैं। तनाव कम करने के लिए डीप ब्रीद‍िंग एक्‍सरसाइज, मेड‍िटेशन, हल्की एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद मददगार हो सकते हैं।

5. जल्दी-जल्दी या ध्यान भटकाकर खाना

मोबाइल देखते हुए या जल्दबाजी में खाना खाने से लोग अक्सर भोजन ठीक से चबाते नहीं हैं। इससे ज्यादा हवा पेट में जा सकती है और पाचन प्रभावित हो सकता है, जिससे ब्लोटिंग और भारीपन महसूस हो सकता है। धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

पाचन को मजबूत करने के आसान तरीके

  • समय पर भोजन करें
  • पर्याप्त पानी पिएं
  • ज्यादा प्रोसेस्ड फूड से बचें
  • रोजाना हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें
  • तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें
  • भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं

डॉक्टर की सलाह कब लें?

अगर पेट दर्द, लगातार दस्त, कब्ज, ब्लोटिंग या मल त्याग में परेशानी जैसी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। बिना सलाह के बार-बार दवाएं लेना सही नहीं माना जाता।

निष्कर्ष:

इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज से बचने के ल‍िए समय पर खाना न खाना, ट्रिगर फूड्स का ज्यादा सेवन, फाइबर का गलत संतुलन, लगातार तनाव में रहना या जल्दी-जल्दी या ध्यान भटकाकर खाने की आदत से बचें।

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    May 29, 2026 19:30 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 29, 2026 19:30 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Naveen Polavarapu