Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

नमी वाले मौसम में पेट खराब कर सकती हैं खानपान की ये 5 गलतियां, आज ही सुधारें

नमी वाले मौसम में डाइट और खानपान से जुड़ी गलत‍ियां जैसे ज्‍यादा मसालेदार या ऑयली भोजन करने के कारण पाचन खराब हो सकता है। जानें नमी वाले मौसम में क‍िन अन्‍य गलत‍ियों से बचना चाह‍िए?

इस समय कई शहरोंं में मानसून आ चुका है, तो कई शहरों को बारि‍श का इंतजार है, लेक‍िन उत्तर भारत में बार‍िश होने पर भी नमी बढ़ जाती है। नमी वाला मौसम सेहत के ल‍िए हान‍िकारक हो सकता है। नमी वाले मौसम में गलत खानपान और डाइट से जुड़ी गलत‍ियोंं के कारण तबीयत और डाइजेशन खराब हो सकता है या फूड पॉाइज‍न‍िंग की समस्‍या हो सकती है। जानें नमी वाले मौसम में क‍िन गलत‍ियोंं से बचना चाह‍िए? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

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1. ओवरईट‍िंग करना

नमी वाले मौसम में हेल्‍दी रहने के ल‍िए ओवरईट‍िंग से बचना जरूरी है। ज्‍यादा खाने से पाचन तंत्र पर जोर पड़ता है ज‍िससे अपच, गैस, पेट फूलने जैसी समस्‍या हो सकती है। उमस भरे मौसम में हल्‍का और संंतुल‍ित भोजन करें। साथ ही ओवरईट‍िंग करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। East Coast Gastroenterology And Endoscopy के मुता‍ब‍िक, ओवरईट‍िंग के कारण आईबीएस, एस‍िड र‍िफ्लक्‍स, सूजन जैसी समस्‍याएंं हो सकती हैं।

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2. खुले में ब‍िक रहे जूस या पानी का सेवन करना

नमी वाले मौसम में ढेले पर ब‍िक रहे जूस या पानी का सेवन नहीं करना चाह‍िए। खुले में ब‍िकने वाले जूस या पानी में बैक्‍टीर‍िया और हान‍िकारक सूक्ष्‍मजीव होते हैं। इनका सेवन करने से फूड पॉइजनिंग, डायर‍िया और पेट का इंफेक्‍शन हो सकता है। इसल‍िए बाजार में खुले में ब‍िकने वाले ड्र‍िंक्‍स का सेवन नहीं करना चाह‍िए।

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3. मसालेदार भोजन खाना

नमी वाले मौसम में ज्‍यादा मसालेदार या तला-भुना खाना नहींं खाना चाह‍िए। इससे पेट में जलन, एस‍िड‍िटी और अपच की समस्‍या हो सकती है। उमस वाले मौसम में पाचन संबंध‍ित समस्‍याओंं का खतरा बढ़ सकता है। इसके बजाय इस मौसम में हल्‍का और आसानी से पचने वाला भोजन चुनें।

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4. बासी भोजन खाना

क‍ि‍सी भी मौसम में बासी भोजन खाने से बचना चाह‍िए, लेक‍िन नमी वाले मौसम में बैक्‍टीर‍िया और फंगस का प्रकोप बढ़ जाता है इसल‍िए इस मौसम में खासतौर पर ताजा और साफ भोजन करना चाह‍िए। बासी खाने से पेट दर्द, उल्‍टी या दस्‍त जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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5. पानी का कम सेवन करना

नमी के मौसम में पानी की कमी से बचना चाह‍िए। ड‍िहाइड्रेशन के कारण पाचन पर भी बुरा असर पड़ता है। पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करने से कब्‍ज से बचाव होता है। उमस भरे मौसम में पानी का सेवन करने के साथ-साथ हर्बल ड्र‍िंक्‍स और ग्रीन टी का भी सेवन करें और कैफीन से बचें।

न‍िष्‍कर्ष:

नमी वाले मौसम में ओवरईटि‍ंग से बचें, खुले में ब‍िक रहे जूस या पानी का सेवन न करें, मसालेदार भोजन, बासी भोजन या पानी का कम सेवन करने से भी बचना चाह‍िए।

FAQ

  • नमी वाले मौसम में सेहत का ख्‍याल कैसे रखें?

    नमी वाले मौसम में हल्‍का और ताजा भोजन खाएं, पर्याप्‍त पानी प‍िएं, खुले में ब‍िकने वाली चीजों का सेवन करने से बचें।
  • मानसून में क‍िन चीजों का सेवन करें?

    मानसून में दही, छाछ, दाल, सूप, मौसमी फल, ताजी पकी हुई सब्‍ज‍ियोंं का सेवन करें। हल्‍दी और तुलसी को भी सीमि‍त मात्रा में डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 15, 2026 19:54 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jun 15, 2026 19:54 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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