कई लोग माइग्रेन की समस्या से परेशान रहते हैं, जिसके कारण उनको सिर में तेज दर्द, लाइट, तेज आवाज और किसी भी गंध के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होते हैं। इनके कारण कई बार माइग्रेन की स्थिति बिगड़ सकती है। इसके अलावा, कई बार कुछ फूड्स के कारण भी लोगों का माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। आइए इस बारे में Ms. Aditi Prasad Apte, Senior - Clinical Nutritionist, Aster RV Hospital, Bengaluru और Archana Jain, Dietitian and Nutritionist, Director, Angelcare-A Nutrition and Wellness Center, Jaipur से इस बारे में जानें।
माइग्रेन को कौन से फूड्स ट्रिगर करते हैं?
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट, चॉकलेट, कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर, अल्कोहल जैसी फूड्स माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। ऐसे में इनका सेवन करने से बचें या सीमित मात्रा में खाएं। ऐसा जरूरी नहीं कि ये फूड्स सभी के लिए ट्रिगर्स का काम करें।
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट अदिति प्रसाद के अनुसार, कुछ लोगों में खास तरह के खाने-पीने की चीजें माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं, हालांकि ये ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं।
1. प्रोसेस्ड मीट से बचें
प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज, सलामी, बेकन और हैम समस्या पैदा कर सकते हैं, क्योंकि इनमें नाइट्रेट और नाइट्राइट हो सकते हैं, जो कुछ लोगों में सिरदर्द का कारण बनते हैं या माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं।
2. एज्ड चीज़ न खाएं
एज्ड चीज़ जैसे चेडर, परमेसन और ब्लू चीज़ में टायरामाइन होता है, एक ऐसा कंपाउंड जो सेंसिटिव लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है।
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3. चॉकलेट के सेवन से बचें
चॉकलेट भी माइग्रेन का एक आम ट्रिगर है, लेकिन कभी-कभी यह पता लगाना मुश्किल हो सकता है कि क्या चॉकलेट ही इसके लिए जिम्मेदार है या माइग्रेन के शुरुआती दौर में व्यक्ति को इसकी क्रेविंग हो रही है।
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4. अल्कोहल से बचें
अल्कोहल, खासकर रेड वाइन, कुछ लोगों में माइग्रेन अटैक को ट्रिगर कर सकती है। बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स भी ट्रिगर हो सकती हैं।
5. MSG से बचें
कुछ लोग मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) वाले फूड्स, खासकर ज्यादा प्रोसेस्ड या रेस्टोरेंट के खाने के सेवन के बाद माइग्रेन की शिकायत करते हैं।
6. आर्टिफिशियल स्वीटनर न लें
आर्टिफिशियल स्वीटनर, खासकर एस्पार्टेम, भी सेंसिटिव लोगों में सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं।
7. फर्मेंटेड फूड और प्रिजर्वेटिव्स
माइग्रेन के ट्रिगर्स में अचार या फर्मेंटेड फूड, स्मोक्ड फूड्स और बहुत ज्यादा प्रिजर्वेटिव वाले फूड्स शामिल हैं। ऐसे में माइग्रेन की स्थिति से पीड़ित लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
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8. कैफीन के सेवन से बचें
माइग्रेन की स्थिति से पीड़ित लोगों को कैफीन पर खास ध्यान देने की जरूरत है। कम मात्रा में कैफीन कुछ लोगों को सिरदर्द से राहत दे सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा सेवन या अचानक नियमित कैफीन का सेवन बंद करने से सिरदर्द या माइग्रेन हो सकता है। इसलिए, कैफीन को पूरी तरह से छोड़ने के बजाय इसका सेवन एक जैसा बनाए रखना ज्यादा जरूरी हो सकता है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2023 में Journal of Clinical Medicine में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कई चीजें सेंसिटिव लोगों में माइग्रेन के सिरदर्द को शुरू कर सकती हैं। लगभग 30% माइग्रेन के मरीजों ने बताया है कि कुछ खास फूड्स उनके माइग्रेन अटैक का कारण बनते हैं, जिनमें चॉकलेट, एज्ड चीज़, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स और अल्कोहल शामिल हैं। हालांकि ज्यादा दवा के इस्तेमाल से होने वाला सिरदर्द (MOH) अक्सर क्रोनिक माइग्रेन के साथ होता है।
माइग्रेन की स्थिति में किन बातों का रखें ध्यान?
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट अदिति प्रसाद का कहना है, जरूरी बात यह है कि माइग्रेन से पीड़ित हर व्यक्ति को इन सभी फूड्स से बचने की जरूरत नहीं है। बिना वजह अपनी डाइट को सीमित करने से खाना-पीना मुश्किल हो सकता है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
इसके बजाय, कई हफ्तों तक सिरदर्द और खाने-पीने की डायरी रखें, जिसमें आप क्या खाते हैं, आपकी नींद, पानी का सेवन, स्ट्रेस लेवल और सिरदर्द कब होता है, यह सब नोट करें। इससे व्यक्तिगत पैटर्न या माइग्रेन के ट्रिगर्स की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
माइग्रेन को ट्रिगर करने वाली अन्य आदतें
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट अदिति आगे कहती हैं, खाना सिर्फ एक पॉसिबल ट्रिगर है। इसके अलावा, भी कुछ आदतों के कारण व्यक्ति का माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।
- खाना न खाना
- डिहाइड्रेशन
- नींद की कमी
- स्ट्रेस में रहने
- हार्मोनल बदलाव
- बहुत ज्यादा स्क्रीन के संपर्क में रहने
इन सभी आदतों के कारण भी व्यक्ति को माइग्रेन का अटैक पड़ सकता है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर सिरदर्द बार-बार होता है, गंभीर है, अचानक अलग तरह का महसूस होता है या इसके साथ कमजोरी, कन्फ्यूजन, बोलने में परेशानी या देखने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
निष्कर्ष
कई बार प्रोसेस्ड मीट, पुरानी चीज़, चॉकलेट, अल्कोहल, MSG, आर्टिफिशियल स्वीटनर, कैफीन, फर्मेंटेड फूड और प्रिजर्वेटिव्स जैसे फूड्स के कारण कई लोगों में माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। ऐसी स्थिति में इसके पैटर्न जानने की कोशिश करें।
ध्यान रहे, माइग्रेन की समस्या सिर्फ खाने के कारण नहीं, बल्कि खाना न खाने, पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेने, स्ट्रेस में रहने, बहुत ज्यादा स्क्रीन देखने और हार्मोनल बदलावों के कारण भी ट्रिगर हो सकती है। ऐसे में इन कामों को करने से बचें। इसके अलावा, तेज सिर दर्द या माइग्रेन से जुड़े अन्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
माइग्रेन के क्या लक्षण हैं?
माइग्रेन की स्थिति में तेज सिरदर्द, जी मिचलाने, रोशनी, तेज आवाज और तेज गंध के प्रति सेंसिटिविटी होने, गर्दन में अकड़न और ज्यादा थकान होने की समस्या हो सकती है।माइग्रेन में क्या खाना चाहिए?
माइग्रेन की स्थिति में व्यक्ति को डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजे फल, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, साबुत अनाज और दालें जैसे फूड्स को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं।
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Sep 26, 2026 23:55 IST
Modified By : Priyanka Sharma Sep 26, 2026 23:55 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain
