Fri Oct 9, 2026 | 03:45 AM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

दूध में मिलावट का डर? मखाना मिल्क है सेहत के लिए वरदान; आयुर्वेदाचार्य से जानें बनाने की विधि

Makhana Milk: अगर आप भी दूध की बढ़ती मिलावट से परेशान हैं, तो मखाने का दूध आजमा सकते हैं। मखाने का दूध शुद्ध आयुर्वेदिक ऑप्शन है, जिसे सही तरीके से बनाया जाए, तो सेहते के लिए काफी फायदेमंद है। इस लेख में आयुर्वेदाचार्य ने मखाने के दूध के फायदे और विधि शेयर की है। 
दूध में मिलावट का डर? मखाना मिल्क है सेहत के लिए वरदान; आयुर्वेदाचार्य से जानें बनाने की विधिदूध में मिलावट का डर? मखाना मिल्क है सेहत के लिए वरदान; आयुर्वेदाचार्य से जानें बनाने की विधि

akhana Milk: भारत में दूध की मिलावट बहुत ही गंभीर समस्या बनी हुई है। हाल ही में गुजरात की एक डेयरी में जब छापा मारा गया, तो वहां करीब दो हजार लीटर मिलावटी दूध और एक हजार से ज्यादा लीटर मिलावटी छाछ मिली। डेयरी में यूरिया, कास्टिक सोडा से लेकर डिटर्जेंट पाउडर मिला। इस तरह की खबरें दूध की क्वालिटी पर सवालिया निशान लगाती है। इस तरह की मिलावट से पेट की दिक्कतों से लेकर हार्ट की बीमारियां तक हो सकती है। इसलिए आजकल लोग दूध के नए विकल्प खोजने लगे हैं और इसी में मखाने से बनने वाला दूध काफी पॉपलुर हो रहा है। मखाने के दूध के फायदे और बनाने की विधि जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, मिलावटी दूध की इस मार्केट में लोगों को मखाने के दूध जैसे नेचुरल ऑप्शन्स भी देखने चाहिए जो पेट के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। 

मखाने के दूध के फायदे 

डॉ. चेतन कहते हैं, “आयुर्वेद के अनुसार, मखाने में मधुर रस, शीत वीर्य और गुरु गुण होता है, जो पित्त और वात को बैलेंस करता है। जिन लोगों को नींद की कमी, बार-बार पेशाब आना, वीर्य कमजोरी और जोड़ों में ड्राइनेस महसूस हो, तो मखाने काफी फायदा देता है। शाकाहारी लोगों के लिए मिलावटी दूध से बचने के लिए मखाना का दूध पौष्टिक ड्रिंक है। यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए बहुत फायदेमंद है।” IJSDR के मुताबिक, मखाने का इस्तेमाल भारत और चीन में ट्रेडिशनल मेडिसन के तौर पर किया जाता है। इससे कई तरह की बीमारियां जैसे पेट से जुड़ी, सांस से जुड़ी और फर्टिलिटी की समस्याएं शामिल है। मखाने को बेरीबेरी, डायरिया और जोडो़ं के दर्द जैसी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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  1. मजबूती और एनर्जी के लिए बेस्ट - मखाना धातु पोषण देता है, जो शरीर को एनर्जी देता है। जिन लोगों को कमजोरी महसूस होती है, उनके लिए मखाने का दूध बेस्ट है। 
  2. डाइजेशन के लिए अच्छा - जिन लोगों को दूध से गैस और भारीपन महसूस होता है, उनके लिए मखाने का दूध काफी अच्छा ऑप्शन है। मखाने का दूध अग्नि को कम किए बिना शरीर को न्यूट्रिशन देता है। 
  3. हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद - कैल्शियम और माइक्रो न्यूट्रिशन के कारण मखाने का दूध हड्डियों को मजबूती देता है। 
  4. नींद और मेंटल हेल्थ के लिए मददगार - मखाने का दूध शीतल और चिकना होता है, जो मन को शांत करता है और नींद लाने में मदद करता है। 
  5. पुरुषों  के लिए अच्छा - आयुर्वेद में मखाने के दूध को शुक्र धातु बढ़ाने वाला माना जाता है, जो फर्टिलिटी में मदद करता है। 

मखाने का दूध बनाने की विधि

डॉ. चेतन कहते हैं कि घर पर मखाने का दूध बनाना बहुत ही आसान है। इस दूध को सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले लिया जा सकता है।

सामग्री

  • मखाना - 1 कप 
  • गुनगुना पानी - 2-3 कप
  • मिश्री या खजूर - स्वादानुसार
  • भिगे हुए बादाम - 2-3 (ऑप्शनल)
  • इलायची - एक चुटकी 

विधि - 

  1. सबसे पहले मखानों को हल्की आंच पर बिना घी के सूखा भूनें। कुरकुरे होने तक मखानों को भूनते रहें। 
  2. भूनने के बाद मखानों को कम से कम दो से तीन घंटे तक गुनगुने पानी में भिगोकर रख दें। 
  3. इसके बाद भीगे हुए मखाने, बादाम और थोड़ा पानी मिलाकर मिक्सर में पीस लें।
  4. बाद में इस मिश्रण को छानकर अपनी सुविधानुसार पानी मिला लें। अगर गाढ़ा दूध चाहिए, तो कम पानी और थोड़ा पानी वाला चाहिए तो ज्यादा पानी मिला सकते हैं। 
  5. आखिर में, स्वाद के लिए मिश्री या खजूर और इलायची डालकर मिला लें। 

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निष्कर्ष

डॉ. चेतन कहते हैं कि जिन लोगों का डाइजेशन धीमा है या बहुत ज्यादा कफ बनता है, उन्हें मखाने का दूध कम लेना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को एक्स्ट्रा मीठा नहीं डालना चाहिए। इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि मखाने का दूध शुरू करने से पहले आयुर्वेदाचार्य से जरूर सलाह लें क्योंकि हर इंसान की प्रकृति अलग होती है। मखाने का दूध शुद्ध, नेचुरल और पौष्टिक ऑप्शन हो सकता है। 


FAQ

  • मखाने कब और कैसे खाना चाहिए?

    मखाना खाने के लिए सुबह का समय होता है और इसे शाम को स्नैक्स में भी शामिल किया जा सकता है।
  • 1 हफ्ते तक मखाना खाने से क्या होता है?

    मखाने में मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर और हार्टबीट को कंट्रोल करती है।
  • मखाने के नुकसान क्या हैं?

    ज्यादा मखाने खाने से डाइजेशन की समस्याएं हो सकती हैं। इसमें पेट फूलना, गैस और एसिडिटी शामिल है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 21, 2026 07:01 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 21, 2026 07:01 IST

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    Published By : Aneesh Rawat
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