Tue Nov 3, 2026 | 10:47 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

कम वीर्य निकलने पर क्या स्पर्म भी कम होते हैं? डॉक्टर से जानें स्पर्म काउंट और सीमन में फर्क

पुरुष फर्टिलिटी को स्पर्म काउंट और सीमन से जोड़कर देखा जाता है। कई पुरुषों को सीमन और स्पर्म काउंट में फर्क ही नहीं पता होता। इस लेख में दोनों के फर्क और फर्टिलिटी से उनके कनेक्शन के बारे में विस्तार से बताया गया है।
कम वीर्य निकलने पर क्या स्पर्म भी कम होते हैं? डॉक्टर से जानें स्पर्म काउंट और सीमन में फर्ककम वीर्य निकलने पर क्या स्पर्म भी कम होते हैं? डॉक्टर से जानें स्पर्म काउंट और सीमन में फर्क

पुरुषों की फर्टिलिटी में सीमन यानी वीर्य और स्पर्म काउंट (शुक्राणु) की ही बात की जाती है। अक्सर लोग मान लेते हैं कि अगर किसी पुरुष का वीर्य कम मात्रा में निकल रहा है, तो उसके स्पर्म की संख्या भी कम हो सकते हैं। क्या सच में सीमन कम निकलने का स्पर्म काउंट से कनेक्शन है? क्या वीर्य और स्पर्म दोनों अलग-अलग हैं और ये फर्टिलिटी में अलग होते हैं? इस बारे में हमने Dr. Vineet Malhotra, Senior Consultant in Urology & Andrology, VNA Hospital, Delhi से बात की। उन्होंने बताया कि सीमन कम होने के कुछ अलग कारण हो सकते हैं, जबकि स्पर्म काउंट कम होने की वजहें दूसरी हो सकती हैं। इसलिए इन दोनों के फर्क को समझना बहुत जरूरी है।

वीर्य की मात्रा और स्पर्म काउंट में क्या अंतर है?

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “सीमन गाढ़ा पदार्थ होता है, जो पुरुषों के इजैक्युलेट के दौरान लिंग से निकलता है। इसमें स्पर्म यानी शुक्राणु होते हैं, जो पुरुषों के सेक्स सेल्स होते हैं। ये महिला के एग्ज के साथ फर्टिलाइज होते हैं। कई बार सीमन यानी वीर्य सामान्य होने के बावजूद स्पर्म काउंट कम हो सकता है। इसलिए इन दोनों के अंतर को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।”

अंतर का आधार

वीर्य (सीमन)

स्पर्म काउंट (शुक्राणु संख्या)

मतलब

इजैक्युलेट के दौरान निकलने वाले वीर्य की कुल मात्रा

वीर्य में मौजूद स्पर्म की संख्या 

किस चीज में कमी होना 

वीर्य के कुल तरल पदार्थ में कमी हो सकती है।

स्पर्म काउंट में कमी हो सकती है।

कम होने के कारण 

बार-बार इजैक्युलेट 
शरीर में पानी की कमी
हार्मोनल बदलाव
प्रोस्टेट या वीर्य पुटिकाओं की समस्या

हार्मोन संबंधी गड़बड़ी
अंडकोष में शुक्राणु प्रोडक्शन की समस्या
वैरिकोसील संक्रमण
आनुवंशिक कारण

क्या दोनों एक साथ हो कम सकते हैं?

हां, वीर्य की मात्रा कम होने के साथ स्पर्म काउंट भी कम हो सकता है।

हां, स्पर्म काउंट कम होने के साथ वीर्य की मात्रा भी कम हो सकती है।

क्या वीर्य कम या सामान्य होने पर स्पर्म काउंट सामान्य या कम हो सकता है?

वीर्य कम होने पर स्पर्म कंसंट्रेशन सामान्य हो सकता है।

वीर्य की मात्रा सामान्य होने के बावजूद स्पर्म काउंट कम हो सकता है।

टेस्ट 

सीमन एनालिसिस में वीर्य की मात्रा मापी जाती है। 

सीमन एनालिसिस में स्पर्म कंसंट्रेशन और कुल स्पर्म संख्या देखी जाती है। 

क्या वीर्य और स्पर्म काउंट कम होना इनफर्टिलिटी है?

नहीं, सिर्फ वीर्य की मात्रा कम होने से बांझपन साबित नहीं होता।

नहीं, स्पर्म काउंट कम होना भी इनफर्टिलिटी नहीं हो सकता है। 

वीर्य की मात्रा कम होने के क्या कारण हो सकते हैं?

Dr. Vineet Malhotra के अनुसार, वीर्य कम होने के कई कारण हो सकते हैं। वीर्य कम निकलना हर बार बीमारी का कारण नहीं होता। कई बार पुरुष बहुत कम समय में कई बार इजैक्युलेट करते हैं, जिससे वीर्य कम हो सकता है, लेकिन यह बदलाव अस्थायी होता है। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी, हार्मोन में बदलाव, बढ़ती उम्र और कुछ दवाएं लेने से भी वीर्य की मात्रा पर असर पड़ सकता है।

low semen volume vs low sperm countlow semen volume vs low sperm count

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स्पर्म काउंट कम होने की क्या वजहें हैं?

Mayo Clinic के मुताबिक, स्पर्म काउंट कम होने के कई कारण हो सकते हैं।

  • टेस्टिकल्स की नसों में सूजन होना
  • इंफेक्शन की वजह से स्पर्म कम होना
  • कुछ दवाओं का असर होना
  • रेडिएशन या कीमोथेरेपी के दौरान
  • अंडकोष में परेशानी होना
  • हार्मोन लेवल बैलेंस्ड न होना
  • अनुवांशिक कारण

Dr. Vineet Malhotra कहते हैं, “स्मोकिंग, जरूरत से ज्यादा शराब पीना, मोटापा और बार-बार बहुत ज्यादा गर्मी में रहने से पुरुषों के स्पर्म काउंट पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा नहीं होता। कई बार जांच के बाद भी स्पर्म काउंट कम होने की स्पष्ट वजह सामने नहीं आती। इसलिए अगर एक साल से ज्यादा समय से प्रेग्नेंसी नहीं हो रही है, तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।”

क्या वीर्य कम निकलने पर स्पर्म काउंट कम हो सकता है?

Dr. Vineet Malhotra ने कहा कि वीर्य कम निकलने के बाद भी स्पर्म काउंट सामान्य हो सकता है। इसके लिए सीमन एनालिसिस टेस्ट किया जाता है। इसमें वीर्य की मात्रा में मौजूद स्पर्म की कंसंट्रेशन, कुल संख्या, गतिशीलता और आकार को चेक किया जाता है। आमतौर पर सैंपल देने से पहले दो से सात दिन तक इजैक्युलेट न करने की सलाह दी जाती है। अगर पहली रिपोर्ट में स्पर्म काउंट या वीर्य की मात्रा नॉर्मल कम होती है, तो दोबारा टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है।

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निष्कर्ष

वीर्य की मात्रा कम होना और स्पर्म काउंट कम होना दो अलग-अलग कंडीशन है। इसलिए अगर वीर्य कम होता है, तो जरूरी नहीं है कि स्पर्म काउंट कम हो। इसलिए पुरुषों की फर्टिलिटी समझने के लिए वीर्य की मात्रा को नहीं देखना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना महत्वपूर्ण होता है और किसी भी कंडीशन में खुद से घरेलू नुस्खे या हर्बल प्रोडक्ट्स नहीं लेने चाहिए।

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FAQ

  • क्या वीर्य का पतला दिखना हमेशा कम स्पर्म काउंट का संकेत होता है?

    स्खलन के तुरंत बाद वीर्य स्वाभाविक रूप से गाढ़ा और थक्केदार होता है और 15 से 20 मिनट बाद तरल बन जाता है। ऐसे में स्पर्म काउंट कम है या नहीं, इसका पता चेकअप से ही चल सकता है।
  • नए स्पर्म बनने का चक्र कितने दिनों का होता है?

    शरीर में नए स्पर्म के बनने, ग्रोथ होने और पूरी तरह परिपक्व होने में लगभग 64 से 72 दिन का समय लग सकता है। 

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 03, 2026 19:47 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra