Thu Oct 22, 2026 | 01:11 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Jee Sharma , Sr. Consultant – Internal Medicine

बच्चे के लंच बॉक्स से भी फैल सकता है इंफेक्शन? खाना पैक करते समय न करें ये 5 गलतियां

बच्चे के लंच बॉक्स में रखा खाना भी इंफेक्शन और फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकता है। International Infection Prevention Week पर डॉक्टर से जानिए, खाना पैक करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए और खाने को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें।
बच्चे के लंच बॉक्स से भी फैल सकता है इंफेक्शन? खाना पैक करते समय न करें ये 5 गलतियांबच्चे के लंच बॉक्स से भी फैल सकता है इंफेक्शन? खाना पैक करते समय न करें ये 5 गलतियां

बच्चों को बीमारियों और इंफेक्शन से बचाने के लिए माता-पिता उनकी डाइट से लेकर साफ-सफाई तक का पूरा ध्यान रखते हैं। स्कूल के लिए लंच बॉक्स तैयार करते समय भी कोशिश रहती है कि बच्चे को घर का बना ताजा और पौष्टिक खाना मिले लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेल्दी खाना भी बच्चे की सेहत बिगाड़ सकता है, अगर उसे सही तरीके से साफ लंच बॉक्स में पैक न किया जाए। International Infection Prevention Week के मौके पर हमने कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा से बात की, जहां उन्होंने बताया कि कई बार बच्चे सुबह घर से खाना लेकर जाते हैं, लेकिन उसे खाने में 4-5 घंटे का समय लग जाता है। इस दौरान अगर खाने को सही तापमान पर नहीं रखा गया, तो उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे इंफेक्शन फैल सकता है।

डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, बच्चों को इंफेक्शन से बचाने के लिए रोजाना की सफाई संबंधी आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। पेरेंट्स को लंच बॉक्स तैयार करते समय कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए, ताकि बच्चे को स्कूल में हेल्दी और सेफ खाना मिल सके।

टिफिन पैक करते समय होने वाली 5 बड़ी गलतियां

International Infection Prevention Week के मौके पर यह समझना जरूरी है कि बच्चों का खाना पैक करते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना क्यों जरूरी है। आइए डॉ. गोपाल जी शर्मा से समझते हैं कि लंच बॉक्स तैयार करते समय किन 6 गलतियों से बचना चाहिए।

1. गंदे लंच बॉक्स में खाना रखना

अगर लंच बॉक्स को रोजाना अच्छी तरह साफ नहीं किया जाता, तो उसमें खाने के छोटे टुकड़े और नमी रह सकती है। इससे बैक्टीरिया पनपने का जोखिम बढ़ जाता है। कई बार बॉक्स के कोनों, ढक्कन और रबर की सील में भी गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए लंच बॉक्स को हर इस्तेमाल के बाद साबुन और पानी से धोएं और पूरी तरह सुखाकर ही उसमें खाना रखें। अगर बॉक्स में दरारें हैं या उसकी सील खराब हो गई है, तो उसे बदलना बेहतर है।

2. गर्म खाने को तुरंत बंद डिब्बे में पैक करना

कई पेरेंट्स गर्मागर्म खाना सीधे लंच बॉक्स में डालकर ढक्कन बंद कर देते हैं। इससे भाप और नमी जमा हो सकती है। बेहतर है कि खाना साफ तरीके से तैयार करें और उसे जल्द ही सही इंसुलेटेड कंटेनर में रखें। जल्दी खराब होने वाले खाने को सही तापमान पर रखना जरूरी है।

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3. बिना हाथ धोए लंच बॉक्स में खाना पैक करना

कई बार पेरेंट्स सुबह की जल्दबाजी में बच्चों का खाना पैक करते समय हाथ धोना भूल जाते हैं। हाथों पर मौजूद कीटाणु खाने और लंच बॉक्स तक पहुंच सकते हैं। इससे बच्चे को पेट में दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं होने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए खाना बनाने और पैक करने से पहले साबुन और साफ पानी से हाथ जरूर धोएं। कच्चे फूड्स जैसे फल और सब्जियां छूने या कचरा छूने के बाद भी हाथों को अच्छी तरह साफ करना चाहिए।

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4. खाने को लंबे समय तक नॉर्मल तापमान पर रखना

दूध, पनीर, दही और पकी हुई सब्जियों जैसे फूड्स को लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखने से उनमें हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं। अगर बच्चा कई घंटे बाद लंच करता है, तो खाने को सुरक्षित रखने के लिए इंसुलेटेड लंच बैग के साथ आइस पैक का इस्तेमाल करें। गर्म खाना गर्म रखने के लिए सही फूड थर्मस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

5. कच्चे और पके खाने को एक साथ रखना

कच्चे फूड्स में मौजूद कीटाणु पके हुए खाने तक पहुंच सकते हैं। इसे क्रॉस-कंटैमिनेशन कहा जाता है। इसलिए बच्चों के लंच बॉक्स में कच्चे और पके फूड्स को बिना अलग किए न रखें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर पैक करें। अगर अलग-अलग चीजें रखनी हैं, तो साफ और अलग-अलग खानों वाले लंच बॉक्स या छोटे कंटेनर इस्तेमाल करें।

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साल 2009 में Perspectives in Public Health जर्नल में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि बच्चों के स्कूल टिफिन यानी लंच बॉक्स में खाने की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। हालांकि माता-पिता तापमान के जोखिम से वाकिफ थे, लेकिन वे अक्सर इसे सही से कंट्रोल नहीं करते थे।

मुख्य समस्या दिन के दौरान खाने का सही तापमान पर न रहना और लंच बॉक्स की साफ-सफाई की गलत आदतें थीं। बॉक्स की सही तरह से और नियमित सफाई न होने से उसमें कीटाणु पनप सकते हैं। इसलिए, बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए टिफिन के तापमान को ठीक रखना और उसकी नियमित सही सफाई करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

International Infection Prevention Week के दौरान यह समझना जरूरी है कि इंफेक्शन से बचाव की शुरुआत घर की छोटी-छोटी आदतों से होती है। बच्चों का लंच बॉक्स साफ रखना, खाना सही तापमान पर स्टोर करना और हाथों की सफाई का ध्यान रखना उन्हें फूड पॉइजनिंग और अन्य इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकता है। पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को भी साफ-सफाई की आदतें सिखाएं, ताकि वे स्कूल में सुरक्षित तरीके से खाना खा सकें।

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FAQ

  • क्या प्लास्टिक के लंच बॉक्स में खाना रखना सुरक्षित है?

    खाने के लिए सही और अच्छी क्वालिटी वाले प्लास्टिक के कंटेनर इस्तेमाल किए जा सकते हैं। गर्म खाना रखने से पहले जांच लें कि कंटेनर गर्म फूड्स के लिए सुरक्षित है या नहीं।
  • बच्चे के लंच बॉक्स से बदबू आने पर क्या करना चाहिए?

    लंच बॉक्स को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं और पूरी तरह सुखाएं। अगर बदबू बनी रहती है, फफूंदी दिखती है या बॉक्स की सील खराब है, तो उसे बदल दें।
  • बच्चों में फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या हैं?

    इसके लक्षणों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और कभी-कभी बुखार शामिल हो सकते हैं। बच्चे में लगातार उल्टी, बहुत सुस्ती या शरीर में पानी की कमी के संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 22, 2026 11:56 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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