वजन कम करने के लिए लोग गुनगुने पानी में शहद डालकर पीते हैं या फिर चाय में चीनी की जगह गुड़ डालना पसंद करते हैं। ऐसे करते हुए लोगों को लगता है कि शहद या गुड़ नेचुरल होता है, तो वजन कम करने में फायदेमंद होगा, लेकिन जब बात कैलोरी, वजन घटाने और ब्लड शुगर की आती है, तो गुड़ या शहद कितने बेहतर हो सकते हैं? यह जानने के लिए हमने Rhitika Sharma, Senior Dietitian (Nutrition Consultant), Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने बताया कि गुड़ और शहद, दोनों में कुछ न्यूट्रिशन हो सकते हैं, लेकिन दोनों ही मीठे पदार्थ हैं। इसलिए सिर्फ इनके प्राकृतिक होने के आधार पर इन्हें जितना चाहें उतना खाना सही नहीं है।
गुड़ और शहद में कितनी कैलोरी होती है?
Senior Dietitian Rhitika Sharma ने कहा, “कैलोरी की बात करें, तो बराबर वजन में शहद के मुकाबले गुड़ से ज्यादा एनर्जी मिलती है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि शहद को ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए। हालांकि, इसके साथ यह ध्यान रखना चाहिए कि आप एक बार में कितनी मात्रा में खा रहे हैं। गुड़ में मौजूद नमी और बनावट के कारण कैलोरी की मात्रा कुछ अलग हो सकती है।”
| फूड | कैलोरी |
| शहद, 100 ग्राम | 304 kcal |
| गुड़, 100 ग्राम | 383 kcal |
क्या शहद को गुड़ से ज्यादा हेल्दी माना जा सकता है?
Rhitika Sharma कहती हैं, “शहद में मुख्य रूप से शुगर होती है, लेकिन इसे भी कम कैलोरी का नहीं माना जा सकता है। लोग शहद को ज्यादा सेहतमंद मानकर थोड़ा ज्यादा डाल देते हैं, इससे कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। दूसरी तरफ, चीनी के मुकाबले गुड़ को कम प्रोसेस किया जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे कुछ मिनरल्स थोड़ी मात्रा में मिल सकते हैं। फिर भी गुड़ को इन पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत मानना सही नहीं होगा। जैसैकि अगर किसी को आयरन की कमी है, तो सिर्फ गुड़ खाने से उस कमी को नहीं किया जा सकता है। इसलिए गुड़ में कुछ मिनरल्स होना या शहद में कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड मिलने से इसे ज्यादा मात्रा में नहीं खाया जा सकता है।”
jaggery vs honey
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वजन घटाने के लिए गुड़ खाएं या शहद?
Rhitika Sharma ने कहा, “अगर कोई वजन कम करने के लिए सिर्फ चीनी की जगह गुड़ या शहद इस्तेमाल करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। वजन कम करने के लिए दिनभर में ली गई कुल कैलोरी और शरीर की जरूरत के बीच संतुलन मायने रखता है। इसे उदाहरण के तौर पर समझाया जा सकता है। जैसे अगर कोई वजन कम करना चाहता है और दिन में कई बार चाय पीते समय गुड़ डालात है, तो दिनभर में कई बार ली गई चाय कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकती है। इसलिए वजन कम करने वाले लोगों को मीठे पर कंट्रोल करने की जरूरत है। गुड़ या शहद को हेल्दी समझकर खाने से वजन कम करने में मदद नहीं मिलेगी। व्यक्ति को दिनभर के मीठे पर ही कंट्रोल करना होगा।”
डायबिटीज में गुड़ या शहद में से क्या चुनें?
Rhitika Sharma के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को गुड़ या शहद को प्राकृतिक समझकर नहीं लेना चाहिए, क्योंकि दोनों में कार्बोहाइड्रेट और शुगर होती है, जो ब्लड ग्लूकोज पर असर डाल सकता है। डायबिटीज के मरीजों को गुड़ या शहद लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए।
Reasearchgate में प्रकाशित जर्नल के अनुसार, गुड़ में जरूरी खनिज, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इससे पाचन तंत्र में सुधार और इम्यूनिटी बू्स्ट करने में मदद मिलती है। हालांकि, फायदों के बावजूद, गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, इसलिए गुड़ खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। इसलिए डायबिटीज के रोगियों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसे नहीं लेना चाहिए
Mayo Clinic के अनुसार, चीनी की जगह शहद लेना डायबिटीज मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
गुड़ बेहतर है या शहद?
Rhitika Sharma कहती हैं, “अगर कैलोरी देखें, तो गुड़ से ज्यादा कैलोरी मिलती हैं, लेकिन शहद में कुछ बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। ऐसे में सभी के लिए एक पैमाना तय नहीं किया जा सकता है। एक्सपर्ट व्यक्ति की डाइट, मेडिकल कंडीशन और उम्र को देखते हुए ही गुड़ या शहद खाने की सलाह दे सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या किसी भी बीमारी के मरीजों को खुद से शहद या गुड़ की ज्यादा मात्रा नहीं लेनी चाहिए।”
निष्कर्ष
गुड़ या शहद लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है और सबसे जरूरी है कि अगर किसी को वजन घटाना है या ब्लड शुगर कंट्रोल करनी है, तो इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि व्यक्ति ने दिनभर में कुल कितना मीठा खाया है। इसमें शहद, गुड़ और चीनी तीनों शामिल है। गुड़ हो या शहद, कम मात्रा में लेना और पूरे खानपान का संतुलन बनाए रखना ज्यादा मायने रखता है।
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FAQ
क्या शहद को गर्म पानी में उबालकर या पकाकर खाना सेहत के लिए सुरक्षित है?
शहद को कभी भी उबलते पानी या तेज आंच पर पकाना नहीं चाहिए। शहद को अधिक गर्म करने से उसमें मौजूद प्राकृतिक एंजाइम और पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और वह पचने में भारी हो जाता है। इसे हमेशा गुनगुने पानी में ही मिलाएं।क्या चाय या कॉफी में सफेद चीनी की जगह गुड़ मिलाने से वजन घटाने में मदद मिलती है?
सिर्फ चीनी बदलकर गुड़ करने से वजन अचानक कम नहीं होगा, क्योंकि दोनों में कैलोरी लगभग बराबर होती है। हालांकि, गुड़ वाली चाय से मिनरल्स जैसे आयरन व पोटैशियम मिलते हैं, जबकि सफेद चीनी में सिर्फ कैलोरीज ही होती हैं।सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीने से वजन सच में घटता है?
सुबह गुनगुने पानी के साथ नींबू और एक चम्मच शहद लेने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, पाचन तंत्र साफ होता है और शरीर से टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं। हालांकि, इसके साथ दिनभर की कैलोरी नियंत्रित रखना भी उतना ही जरूरी है।
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Oct 12, 2026 16:12 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Rhitika Sharma
