सर्दी-खांसी होने पर नाक में म्यूकस जमा हो जाता है और फेफड़ों में कंजेशन महसूस होता है जिस वजह से सांस लेने में परेशानी होती है और बार-बार खांसी आती है। इस दौरान डॉक्टर की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होने पर दवाओं का सेवन सुरक्षित होता है, लेकिन ओवर-द-काउंटर मेडिसिन और कुछ खास केमिकल्स से बचना चाहिए। खांसी होने पर महिलाएं अक्सर इंस्टेंट ऐप या दवा की दुकान से कफ सिरप खरीदकर सेवन शुरू कर देती हैं, लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खांसी होने पर कोई भी ऐसा सिरप न पिएं जिसमें कोडीन (Codeine) होता है। जिन कफ सिरप में डेक्सट्रोमेथॉर्फन (Dextromethorphan) नाम का सॉल्ट होता है, वो सिरप डॉक्टर की सलाह पर ले सकती हैं। आइए जानते हैं कि कोडीन जैसे और कौन से केमिकल्स प्रेग्नेंसी में नुकसानदायक हो सकते हैं? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. Sunita Lamba, Director- Department of Obstetrics and Gynecology At Cloudnine Group Of Hospitals, New Delhi से बात की।
प्रेग्नेंसी में इन दवाओं का सीमित सेवन सुरक्षित है
cold-cough-medicine-in-pregnancy
पैरासिटामोल
यह दवा बुखार कम करने के साथ-साथ सिरदर्द और शरीर में होने वाले हल्के दर्द से राहत देने के लिए इस्तेमाल की जाती है। प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की सलाह पर इसका सीमित सेवन कर सकते हैं।
साल 2024 में Pharmaceuticals में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में पैरासिटामोल के सेवन को सुरक्षित बताया गया है। प्रेग्नेंसी के दूसरी तिमाही में NSAIDs और तीसरी तिमाही में पैरासिटामोल लेने से गर्भ में बच्चे के हार्ट और किडनी पर नुकसान होने के प्रमाण नहीं मिले हैं।
लोजेंजेस
ये छोटी गोलियां या टैबलेट होती हैं, जिन्हें मुंह में रखकर धीरे-धीरे घुलने दिया जाता है। इनमें मौजूद तत्व गले की खराश, जलन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर प्रेग्नेंसी में इनका सेवन भी कर सकते हैं।
प्रेग्नेंसी में कोडीन युक्त सिरप से बचना क्यों जरूरी है?
कोडीन (Codeine) एक दवा है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खांसी वाले सिरप में किया जाता है। इसे प्रेग्नेंसी में लेने से बचना चाहिए क्योंकि यह दिमाग और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करके खांसी का इलाज करती है। इससे कुछ महिलओं को नींद, चक्कर, कब्ज और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सीमित डेक्सट्रोमेथॉर्फन सॉल्ट है सुरक्षित
जिन कफ सिरप में डेक्सट्रोमेथॉर्फन (Dextromethorphan) नाम का सॉल्ट होता है वे प्रेग्नेंसी में ले सकती हैं। ये कई ओटीसी कफ और कोल्ड दवाओं में मिलती है और अक्सर सुरक्षित मानी जाती है।
साल 2008 में Canadian Family Physician में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, प्रेग्नेंसी में इसके इस्तेमाल को लेकर हुए कई अध्ययनों में बच्चे में जन्मजात विकृतियों का बढ़ा हुआ जोखिम नहीं पाया गया है। स्टडी में यह भी बताया गया है कि ऐसी कॉम्बिनेशन दवाओं से सावधान रहना चाहिए जिनमें एक साथ कई केमिकल्स मौजूद होते हैं।
यह भी पढ़ें- डिलीवरी से पहले बैग में जरूर रख लें ये 20 चीजें, जानें मां और नवजात शिशु के लिए क्या-क्या है जरूरी?
क्या प्रेग्नेंसी में सर्दी-खांसी गर्भस्थ शिशु को प्रभावित करता है?
प्रेग्नेंसी के दौरान सर्दी-जुकाम या फ्लू के लक्षण आमतौर पर गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक नहीं होते हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान सर्दी-खांसी से बचने के लिए सावधानी बरतना और इसके लक्षण होने पर सही तरीके से देखभाल करना जरूरी है।
प्रेग्नेंसी में फ्लू वैक्सीन लगवा सकती हैं
अगर बार-बार सर्दी-जुकाम होता है, तो प्रेग्नेंसी के दौरान फ्लू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए फ्लू वैक्सीन लगवा सकती हैं। हालांकि, वैक्सीन बीमारी से पूरी तरह से बचाव की गारंटी नहीं देती, लेकिन सर्दी-जुकाम और बुखार वगैरह से बचाव हो सकता है।
यह भी पढ़ें- क्या प्रेग्नेंसी के दौरान इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है? जानें मजबूत करने के आसान उपाय
प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होने पर तुरंत क्या करें?
- प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होते ही गुनगुने पानी का सेवन शुरू कर देना चाहिए।
- प्रेग्नेंसी में भाप ले सकते हैं। एक बर्तन में पानी गर्म करें, उसमें मेंथॉल डालें।
- स्टीमर से भी भाप ले सकते हैं।
- नाक बंद हो रही है, तो 3 से 4 बार सलाइन ड्रॉप ले सकते हैं।
सर्दी-जुकाम को कम करेंगी ये टिप्स
- प्रेग्नेंसी में सर्दी-खांसी होने पर भरपूर आराम करें। इससे रिकवरी जल्दी होगी।
- पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।
- नाक बंद होने पर कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे हवा में नमी बरकरार रहेगी।
- आराम करते समय सिर के नीचे थोड़ा ऊंचा तकिया रखें।
- नाक खोलने के लिए नेजल स्ट्रिप्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- खांसी के साथ बुखार आना।
- सांस फूलना।
- खांसी ठीक नहीं न रही हो, तो भी डॉक्टर से संपर्क करें।
- प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम, निमोनिया में बदल सकता है इसलिए इलाज में लापरवाही न बरतें।
निष्कर्ष:
प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होने पर पैरासिटामोल और लोजेंजेस का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना गया है। प्रेग्नेंसी में कोडीन युक्त सिरप लेने से बचना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर डेक्सट्रोमेथॉर्फन सॉल्ट युक्त कफ सिरप ले सकते हैं। प्रेग्नेंसी में नाक बंद होने पर सलाइन ड्रॉप्स या नेजल स्ट्रिप्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। फ्लू से बचाव के लिए फ्लू वैक्सीन भी ले सकती हैं। प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम होते ही गुनगुने पानी का सेवन शुरू कर दें, भाप लें, आराम करें, ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, तरल पदार्थ लें वगैरह। खांसी के साथ बुखार, सांस फूलना, लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से संपर्क करें। प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम अक्सर निमोनिया में बदल जाता है। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान सर्दी-जुकाम या फ्लू के लक्षण आमतौर पर गर्भस्थ शिशु के लिए खतरनाक नहीं होते हैं, लेकिन लापरवाही न बरतें।
image credit: magnific
FAQ
प्रेग्नेंसी में घरेलू उपायों से सर्दी-जुकाम का इलाज सुरक्षित है?
गुनगुने नमक वाले गरारे, सीमित मात्रा में अदरक या लौंग का सेवन सुरक्षित है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बगैर घरेलू उपाय न अपनाएं और जरूरत पड़ने पर दवाओं का सेवन करें।क्या प्रेग्नेंसी में सर्दी-जुकाम के लिए एंटीबायोटिक ले सकते हैं?
सामान्य सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरस के कारण होता है इसलिए हर बार एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 28, 2026 16:04 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Sunita Lamba
