Fri Sep 11, 2026 | 10:43 PM IST

Medically Reviewed by Edwina Raj , Nutritionist & Dietician

क्या सिर्फ लिक्विड डाइट पर रहना सुरक्षित है?

वजन कम करने के लिए कई लोग लिक्विड डाइट पर रहने लगते हैं। ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या सिर्फ लिक्विड डाइट पर रहना सेहत के लिए सही है?

आज के समय में वजन कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए कई लोग अलग-अलग तरह की डाइट फॉलो करते हैं। लिक्विड डाइट भी उन्हीं में से एक है, जो एक बहुत ही फेमस विकल्प बनकर सामने आ रहा है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अक्सर इसे तेजी से फैट बर्न करने और शरीर की गंदगी साफ करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है। कई लोग वजन कम करने के लिए सॉलिड फूड को पूरी तरह छोड़ देते हैं और सिर्फ जूस, पानी, नारियल पानी, सूप और स्मूदी जैसी लिक्विड पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, किसी भी डाइट को फॉलो करने से पहले व्यक्ति को यह समझना जरूरी है कि हमारे शरीर की बनावट और उसकी पोषक तत्वों की जरूरतें बहुत जरूरी होती हैं। ऐसे में सिर्फ लिक्विड डाइट पर रहना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए कितना सही है और लिक्विड डाइट लेने के क्या नुकसान हैं? आइए Ms. Edwina Raj, Head of Services - Clinical Nutrition & Dietetics, Aster CMI Hospital, Bangalore से जानते हैं।

क्या लिक्विड डाइट पर रहना सही है?

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज के अनुसार, सिर्फ लिक्विड डाइट यानी पीने वाली चीजों पर लंबे समय तक निर्भर रहना सुरक्षित नहीं होता है, खासकर जब तक डॉक्टर की देखरेख में न की जा रही हो। लिक्विड डाइट में सूप, जूस, स्मूदी, प्रोटीन शेक या मील रिप्लेसमेंट ड्रिंक शामिल हो सकते हैं। डॉक्टर कभी-कभी सर्जरी से पहले या कुछ खास मेडिकल कंडीशन के लिए थोड़े समय के लिए लिक्विड डाइट लेने की सलाह देते हैं। हालांकि, ज्यादातर रेगुलर लिक्विड डाइट शरीर को रोजाना की जरूरत वाले सभी न्यूट्रिएंट्स जैसे फाइबर और कैलोरी नहीं मिल पाता है। समय के साथ, इससे आपके शरीर में कमजोरी, एनर्जी की कमी, चक्कर आना और न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है।

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नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की स्टडी के अनुसार, लिक्विड कैलोरी सॉलिड फूड की तुलना में पेट भरने का अहसास कम कराती हैं। तरल पदार्थों को चबाने की जरूरत नहीं होती है, जिससे दिमाग को पेट भरने का संकेत देरी से मिलता है, जिसके कारण लिक्विड डाइट लेने वाले लोग अनजाने में ज्यादा कैलोरी ले लेते हैं, जो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

पोषक तत्वों की कमी के कारण होने वाली समस्याएं

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज का कहना है कि, अगर डाइट को सही तरीके से प्लान न किया जाए तो ये शरीर में प्रोटीन, आयरन, विटामिन बी12 और हेल्दी फैट्स की कमी का बड़ा कारण बन सकता है। इससे आपके मसल्स में कमी, बालों का झड़ना, इम्यूनिटी कमजोर होना और एनीमिया की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, फाइबर की कमी के कारण कब्ज और पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। लिक्विड डाइट लेना शुरू करने से वजन तेजी से कम हो सकता है, लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा पानी का होता है, जो वजन या मसल्स की कमी का बड़ा कारण हो सकता है, फैट लॉस का नहीं। एक बार जब आप नॉर्मल खाना लेना शुरू कर देते हैं तो वजन जल्दी वापस सही होने लगता है। ऐसे में शरीर में पोषक तत्वों की कमी और कमजोरी के कारण कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, थके हुए या ध्यान लगाने में समस्या महसूस हो सकती है, क्योंकि शरीर को सही मात्रा में बैलेंस्ड न्यूट्रिशन नहीं मिल पा रहा होता है।

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एक्सपर्ट की सलाह

न्यूट्रिशनिस्ट एडविना राज बताती हैं कि सॉलिड फूड चबाने के बाद पाचन और पेट भरा हुआ महसूस करने में अहम भूमिका निभाता है। सॉलिड फूड न खाने पर बाद में भूख की समस्या बढ़ सकती है, जिससे ज्यादा भोजन करना पड़ सकता है। लंबे समय तक लिक्विड डाइट लेने से मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो सकता है। अगर कई वजन कम करने या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या के कारण लिक्विड डाइट लेने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष

लिक्विड डाइट लेना सेहत के लिए कई तरह से हानिकारक हो सकता है, जो न सिर्फ पोषक तत्वों की कमी का कारण बनता है, बल्कि कमजोरी, थकान और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसलिए साबुत अनाज, सही मात्रा में भोजन करना और नियमित रूप से एक्सरसाइज वाली बैलेंस्ड डाइट फॉलो करना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद और सुरक्षित माना जाता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • लिक्विड डाइट में क्या-क्या आता है?

    लिक्विड डाइट में आमतौर पर पानी, जूस, सूप, दूध और छाछ जैसे तरल पदार्थ वाली चीजें शामिल होती हैं। यह दो तरह की होती है, एक पानी, पतला सूप और जूस जो क्लियर लिक्विड और फूल लिक्विड जैसे दूध, स्मूदी और दही।
  • क्या दही को लिक्विड डाइट माना जाता है?

    हां, दही को आमतौर पर फूल लिक्विड डाइट का हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यह कमरे के तापमान पर आसानी से पच जाता है और इसमें चबाने की जरूरत नहीं होती है।
  • क्या लिक्विड डाइट पर नारियल पानी पी सकते हैं?

    हां, लिक्विड डाइट के दौरान नारियल पानी पीना एक बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हो सकता है। यह इलेक्ट्रोलाइट्स, मिनरल्स और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और एनर्जी को पूरा करने में मदद करता है।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 27, 2026 20:10 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Feb 27, 2026 20:10 IST

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