Does Pregnancy Increase Sex Drive: आपको यह जानकारी होगी कि महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर समय-समय पर बदलती रहती है। कभी यह ज्यादा होती है, तो कभी कम हो जाती है। विशेषज्ञों की मानें, तो अक्सर ओवुलेशन या पीरियड्स के आसपास महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इसी दौरान उनके शरीर में हार्मोनल बदलाव काफी ज्यादा होते हैं। वहीं, अगर कोई महिला रिलेशनशिप के खराब दौर से गुजर रही है, अक्सर तनाव में रहती है, तो उनमें सेक्शुअल डिजायर की कमी देखी जा सकती है। लोगों के बीच एक यह अवधारणा भी काफी प्रचलन में है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई ऐसा होता है? अगर हां, तो क्या प्रेग्नेंसी में सेक्स की चाह बढ़ना सामान्य है? आइए, जानते हैं इस बारे में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता क्या बताती हैं।
क्या प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है?- Does Pregnancy Increase Sexual Desire
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प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बदल सकती है और यह पूरी तरह नॉर्मल है। कुछ महिलाओं में इन दिनों सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है और इसके पीछे कुछ कारणों को जिम्मेदार माना जा सकता है, जैसे-
हार्मोनल बदलाव
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर अपनी चरम पर होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि जब महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, तो इससे उनका मूड बेहतर होता है और एनर्जी का स्तर बढ़ जाता है। इसी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाती है।
ब्लड फ्लो बढ़ता है
चूंकि, प्रेग्नेंसी के दौरान हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसकी वजह से उनके शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है। जेनिटल और पेल्विक एरिया पर भी इसका असर देखने को मिलता है। यही नहीं, प्रेग्नेंसी के कारण जेनिटल एरिया में लुब्रिकेशन और सेंसिटिविटी भी बढ़ जाती है। नतीजतन, सेक्शुअल डिजायर में बढ़ोत्तरी होने लगती है।
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प्रेग्नेंसी में सेक्शुअल डिजायर कम होने के कारण
हर महिला में प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्शुअल डिजायर बढ़े, यह जरूरी नहीं है। कुछ महिलाओं में इसका स्तर कम भी हो सकता है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे-
- पहली तिमाही में अक्सर महिलाओं को उल्टी, मतली जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में महिलाओं की सेक्शुअल डिजायर पर नेगेटिव असर पड़ने लगता है।
- प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं थकान, कमजोरी से घिरी रहती हैं। यह भी सेक्शुअल डिजायर के स्तर को कम करने के लिए जिम्मेदार कारक है।
- प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं में गर्भ में पल रहे शिशु को लेकर डर या एंग्जाइटी होती है। इसी वजह से वे इन दिनों यौन संबंध बनाने से बचती हैं।
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निष्कर्ष
हर महिला के लिए प्रेग्नेंसी के सफर अलग होता है। कोई इस सफर का लुत्फ उठाती हैं, तो कुछ महिलाएं प्रेग्नेंसी के तीनों तिमाही में परेशान रहती हैं। इसलिए, यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रेग्नेंसी में हर महिला की सेक्शुअल डिजायर भी अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा कुछ महिलाओं की प्रेग्नेंसी जटिलताओं से भरी होती है। ऐसी महिलाओं को प्रेग्नेंसी में यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए। साथ ही यदि डॉक्टर ने High-risk Pregnancy या Placenta Previa जैसी स्थिति बताई है, तो संबंध बनाने से बचना बेहतर होता है।
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FAQ
गर्भावस्था के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खानपान, लाइफस्टाइल का पूरा ध्यान रखना चाहिए। रोजाना पर्याप्त नींद लेना चाहिए और डॉक्टर की दी हुई दवा को नियम अनुसार लेना चाहिए।प्रेग्नेंसी में कौन सा महीना सबसे नाजुक होता है?
वैसे प्रेग्नेंसी की तीनों तिमाही में महिलाओं को अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही और आखिरी तिमाही काफी जटिल होती है। इन दिनों महिलाओं को अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।गर्भावस्था के दौरान शरीर को स्वस्थ कैसे रखें?
गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहने के लिए महिलाओं को लीन प्रोटीन लेना चाहिए, हेल्दी सब्जियां और फल खाने चाहिए, कैल्शियम इनटेक पर जोर देना चाहिए। इस तरह सेहत में सुधार करने में मदद मिलती है।
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Jan 09, 2026 16:09 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 09, 2026 16:09 IST
Modified By : Meera TagoreJan 09, 2026 16:09 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta