यौन संचारित संक्रमण को कई लोग गुप्त रोग या यौन रोग भी कहते हैं। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण यह संक्रमण फैलता है। आमतौर पर यौन संचारित संक्रमण का समय पर इलाज किया जाना बहुत जरूरी है। अगर ऐसा न किया जाए, तो यह न सिर्फ खतरनाक बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। ऐसा नहीं है कि आप इससे बचाव नहीं कर सकते हैं। यहां वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता आपको कुछ टिप्स बता रही हैं, इन्हें जरूर फॉलो करें।
यौन संचारित संक्रमण से बचाव के उपाय
-1785149097408.jpg)
1. कंडोम का करें उपयोग
WHO की मानें, तो यौन संचारित संक्रमण से बचने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है, कंडोम का इस्तेमाल। जितनी बार भी अंतरंग संबंध बनाएं, उतनी ही बार कंडोम का उपयोग करें। यह न सिर्फ यौन संचारित संक्रमणों से बचाता है, बल्कि असमय होने वाली प्रेग्नेंसी को भी रोकता है। आमतौर पर किसी भी तरह के कंडोम से लोगों को परेशानी नहीं होती है। हां, अगर किसी खास मैटीरियल से बने कंडोम से एलर्जी है, तो बेहतर है कि उसका उपयोग आप न करें।
इसे भी पढ़ें: क्या असुरक्षित यौन संबंध से बिगड़ सकता है वजाइनल pH लेवल? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर
2. वैक्सीनेशन लगवाएं
CDC के अनुसार यौन संचारित संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीनेशन भी बहुत अच्छा विकल्प है। विशेषज्ञों की मानें, तो हेपाटाइटिस बी और एचपीवी जैसे वैक्सीनेशन की मदद से एसटीआई से पूरी तरह से बचाव किया जा सकता है। हालांकि, ये दोनों वैक्सीनेशन सभी तरह के यौन संचारित संक्रमण से बचाव नहीं करते हैं। एचपीवी वैक्सीन ह्यूमन पेपिलोमावायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है, जो कि गुप्त अंगों में वॉर्ट्स का कारण बन सकता है। इसी तरह, हेपेटाइटिस बी वैक्सीन, हेपेटाइटिस बी वायरस से बचाव करता है, जो कि यौन संबंध बनाने के कारण फैलता है और लिवर को बुरी तरह प्रभावित करता है।
3. नियमित रूप से जांच करें
हमारे यहां ज्यादातर लोग यौन संचारित संक्रमण को लेकर अधिक सावधानी नहीं बरतते हैं और न ही किसी तरह की जांच करते हैं। WHO में बताया गया है कि यौन संचारित संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से इसकी जांच की जानी जरूरी है। हालांकि, यह आपको संक्रमण से बचाव नहीं करता है, लेकिन यह शरीर में छिपे संक्रमण को समय पर पहचानने में मदद करता है। ऐसे में आप समय पर ट्रीटमेंट शुरू कर सकते हैं और अपने पार्टनर को इससे संक्रमित होने से बचा सकते हैं।
4. सीमित पार्टनर्स रखें
यौन संबंध से बचाव के लिए बहुत जरूरी है कि आप एक समय में एक से अधिक पार्टनर के साथ यौन संबंध न बनाएं। सीडीसी साफ यह सलाह देता है कि यौन संचारित संक्रमण से बचाव के लिए बहुत जरूरी है कि आप सीमित पार्टनर के साथ यौन संबंध स्थापित करें। इससे किसी भी तरह का यौन संक्रमण होने का जोखिम कम होता है। डॉक्टर भी इस बात की सलाह देते हैं एक से अधिक पार्टनर हमेशा से ही यौन संक्रमण के रिस्क को बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं। ऐसे व्यक्ति से दूर रहें या यौन संबंध न बनाएं, जो एक से अधिक पार्टनर के साथ संबंध बनाते हैं।
5. संक्रमण होने पर यौन संबंध न बनाएं
अगर पता चले कि पार्टनर को यौन संचारित संक्रमण हो गया है, तो इस दौरान किसी भी तरह के यौन संबंध न बनाएं। सवाल है, इसका पता कैसे चलेगा? आमतौर पर हमारे यहां ज्यादातर लोग इसकी जांच नहीं करवाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप शरीर में नजर आ रहे लक्षणों पर गौर करें, जैसे रैशेज, छाले या गुप्तांग से असामान्य डिस्चार्ज होना। ये सभी संकेत एसटीआई की ओर इशारा करते हैं। इनको इग्नोर न करें और समय पर डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।
इसे भी पढ़ें: क्या यीस्ट इंफेक्शन होने पर सेक्स किया जा सकता है? डॉक्टर से जानें इसके जोखिम
यौन संचारित संक्रमण का निदान
- यूरिन टेस्टः यौन संचारित संक्रमण जैसे क्लैमाइडिया और ट्राइकोमोनिएसिस के इलाज के लिए यूरिन टेस्ट किया जाता है। क्लैमाइडिया, बैक्टीरिया से होता है, जबकि ट्राइकोमोनिएसिस प्रोटोजोआ परजीवी से होता है। इनकी जानकारी यूरिन टेस्ट के जरिए मिलती है।
- स्वाब टेस्टः स्वाब टेस्ट के दौरान सर्विक्स, योनि, यूरेथ्रा और रेक्टम से सैंपल लिया जाता है। इसकी मदद से गोनोरिया, क्लैमाइडिया और हर्पीस जैसे यौन संचारित रोग का पता लगाया जाता है।
- ब्लड टेस्टः सिफलिस, एचआईवी और हेपाटाइटिस जैसे यौन संक्रमण की जानकारी पाने के लिए ब्लड टेस्ट किए जाते हैं।
निष्कर्ष
आमतौर पर यौन संचारित संक्रमण तब फैलता है, जब एक से अधिक पार्टनर के साथ फ्रिक्वेंटली यौन संबंध बनाया जाए, कंडोम का उपयोग न किया जाए, संक्रमित पार्टनर के साथ यौन संबंध स्थापित किया जाए। यौन संचारित संक्रमण काफी खतरनाक होते हैं। इसलिए, हमेशा यौन संबंध बनाने से पहले प्रोटेक्शन का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। अगर शरीर में जरा भी लक्षण नजर आएं, जैसे पेशाब में जलन, बुखार, छाले आदि तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
All Image Credit: Magnific
FAQ
क्या बिना किसी यौन संबंध के भी कोई STI एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है?
हां, कुछ STI जैसे कि हर्पीस, HPV और सिफलिस केवल त्वचा से त्वचा के सीधे संपर्क या ओरल सेक्स के माध्यम से भी फैल सकते हैं।STI के कोई लक्षण दिखाई न दें, तो भी क्या वह दूसरों को संक्रमित कर सकता है?
क्लैमाइडिया, गोनोरिया और HIV जैसी कई बीमारियां शुरुआती दौर में बिना किसी लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकती हैं। व्यक्ति को इसकी जानकारी नो हो, तो भी पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने से यह ट्रांसफर हो सकता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jul 27, 2026 18:29 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta