PCOS या PMOS महिलाओं में एक आम हार्मोनल असंतुलन की समस्या बन चुकी है, जिसके कारण वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड्स और स्किन से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। ऐसे में आयुर्वेद में प्राकृतिक तरीकों से PCOS के कारण होने वाले हार्मोनल असंतुलन और उसकी वजह से होने वाली समस्याओं को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, PCOS मुख्य रूप से कफ और वात दोष में असंतुलन के कारण होता है। खान-पान में सुधार, जड़ी-बूटियों, योग और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से PCOS को आसानी से मैनज किया जा सकता है।
नेचुरल तरीके से PCOS को मैनेज करने के आयुर्वेदिक तरीके
डॉ. किरणा गुप्ता बताती हैं कि अगर आप नेचुरल तरीके से PCOS को मैनेज करना चाहती हैं, तो आयुर्वेद के तरीके अपना सकती हैं-
1. आहार और पाचन क्रिया पर ध्यान दें
आयुर्वेद में मजबूत पाचन अग्नि को अच्छे स्वास्थ्य की नींव मानी जाती है। जब पाचन क्रिया कमजोर होती है, तो शरीर में आम यानी टॉक्सिक पदार्थ बनने लगता है, जो हार्मोनल तंत्र को असंतुलित करता है।
- ताजा और गर्म भोजन खाएं। घर का बना ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन आपके पाचन क्रिया के लिए फायदेमंद होता है।
- बहुत ज्यादा ठंडा पानी, आइसक्रीम या भारी-कच्चा सलाद खाने के बजाय हल्की पकी हुई सब्जियां, सूप और दालों का सेवन करें।
- अपने खाने में दालचीनी, हल्की, जीरा, धनिया और सौंठ का इस्तेमाल जरूर करें, क्योंकि ये चीजें PCOS को मैनेज करने में सहायक हो सकती हैं।
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2. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां
प्रकृति ने हमें ऐसी कई औषधियां दी हुई हैं, जो हार्मोनल संतुलन और ओवरी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इन्हें हमेशा किसी डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए-
- शतावरी- यह महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम के लिए एक अमृत के रूप में काम करती है। यह हार्मोन्स को संतुलित करने और पीरियड्स को नियमित करने में मदद करती है।
- गुग्गुल और कंचनार गुग्गुल- आयुर्वेद में कंचनार गुग्गुल का इस्तेमाल ओवरी के बेहतर स्वास्थ्य और शरीर की सूजन को कम करने के लिए किया जाता है।
- आंवला और एलोवेरा जूस- सुबह खाली पेट आंवला जूसया एलोवेरा जूस पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है।
- तुलसी और मुलेठी- तुलसी शरीर के स्ट्रेस हार्मोनल यानी कोर्टिसोल को कंट्रोल करने में मदद करता है, जो PCOS में बढ़ा हुआ होता है।
साल 2023 में BioTech जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार PCOS को कंट्रोल करने के लिए हल्दी और चेस्टबेरी महिलाओं में पीरियड्स को नियमित करने और अंडे बनने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। इसके अलावा मुलेठी, अलसी, पुदीना, नारियल और अनार शरीर में बढ़े हुए पुरुष हार्मोन को कम करते हैं, जिससे चेहरे पर अनचाहे बाल आने और ओवरी में गांठे बनने की समस्या कम होती है।
3. लाइफस्टाइल और रूटीन में बदलाव करें
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हमारी बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ चुकी होती है, जो PCOS का एक बड़ा कारण है। इसलिए-
- आयुर्वेद के अनुसार रात को जल्दी सोना और सुबह सूर्यादय से पहले उठना शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को ठीक रखता है। देर रात तक जागने से वात दोष बढ़ता है।
- वजन कंट्रोल करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस से लड़ने के लिए शारीरिक सक्रियता जरूरी होती है। आप रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें और योग में भास्त्रिका, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम के साथ-साथ तितली आसन व भुजंगासन का अभ्यास करें। ये आसन पेल्विक क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं।
Ayurvedic-PCOS-treatments
4. तनाव मैनेज करें
मानसिक तनाव हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जिससे ओवुलेशन रुक जाता है और PCOS के लक्षणों को बदतर बना सकता है।
- रोज सुबह कम से कम 10 से 15 मिनट मेडिटेशन या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें।
- कैफीन का ज्यादा सेवन तनाव और हार्मोनल असंतुलन को बढ़ा सकता है, इसलिए दिनभर में इसकी मात्रा सीमित रखें।
PCOS के दौरान किन चीजों से परहेज करना है जरूरी
डॉ. किरणा गुप्ता के अनुसार, PCOS के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए सही खान-पान जितना जरूरी है, उतना ही हानिकारक चीजों से दूरी बनाना भी जरूरी है। इस स्थिति में रिफाइंड शुगर, मैदे से बनी चीजें और पैकेटबंद या जंक फूड का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, क्योंकि ये इंसुलिन प्रतिरोध की समस्य को बढ़ाती हैं। PCOS में ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स, डीप-फ्राइड और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए।
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डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर आप लाइफस्टाइल और आयुर्वेदिक उपायों में बदलाव कर रहे हैं, लेकिन फिर भी आपके लक्षण ठीक नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है। अगर आपको लगातार तीन महीने से ज्यादा समय तक पीरियड्स न आएं, पीरियड्स के दौरान ज्यादा तेज दर्द या ब्लीडिंग हो, अचानक बहुत तेजी से वजन बढ़ने लगे या चेहरे पर अनचाहे बाल तेजी से बढ़ने लगें तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
निष्कर्ष
डॉ. किरणा गुप्ता कहती हैं कि आयुर्वेदिक इलाज कोई जादू नहीं है, जो रातों-रात आपके शरीर में असर दिखाने लगेगा। नेचुरल तरीकों से शरीर को हील करने के लिए आपको एक लंबा समय चाहिए होता है। इसलिए, PCOS को मैनेज करने के लिए आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट लेने के दौरान धैर्य रखें, लाइफस्टाइल को बेहतर बनाए रखें और किसी भी नई जड़ी-बूटी को शुरू करने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?
PCOS से पीड़ित महिलाओं को रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मैदा, सफेद ब्रेड और चीनी से बनी मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, ज्यादा ऑयली फूड, फास्ट फूड और पैकेज्ड फूड से भी परहेज करना चाहिए।महिलाओं में PCOS के क्या लक्षण हैं?
महिलाओं में PCOS के मुख्य लक्षणों में अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स का बंद होना शामिल है। साथ ही, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल उगना तेजी से वजन बढ़ना और बालों का झड़ना भी इसके आम लक्षणों में से एक हैं।
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Nov 05, 2026 22:43 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta
