Fri Oct 9, 2026 | 06:50 PM IST

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आमलकी रसायन क्या होता है? जानें आयुर्वेदिक फायदे और सेवन का सही तरीका

आमलकी रसायन (Amlaki Rasayana) में मुख्य इंग्रीडिएंट आंवला होता है। इसका सेवन शरीर के लिए किसी टॉनिक की तरह किया जाता है। आइए, जानते हैं यह कैसे बनता है और इसके सेवन के क्या फायदे हैं।
आमलकी रसायन क्या होता है? जानें आयुर्वेदिक फायदे और सेवन का सही तरीकाआमलकी रसायन क्या होता है? जानें आयुर्वेदिक फायदे और सेवन का सही तरीका

आमलकी रसायन, आंवला से बना एक पारंपरिक आयुर्वेदिक फॉर्मूला है। यह इम्यूनिटी बढ़ाने और ताकत देने वाला है। ऐसा नहीं है कि इसमें सिर्फ आंवला ही होता है बल्कि, इसके कई अन्य इंग्रीडिएंट्स भी होते हैं जिनके सेवन से शरीर को कुछ अन्य फायदे मिलते हैं। आमलकी रसायन बालों की समस्या को कम करने के साथ पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी मददगार है। हालांकि, सटीक फॉर्मूला अलग-अलग उत्पादों के लिए अलग हो सकता है लेकिन इसके फायदे बहुत हैं जिस बारे में हमने सिरसा हरियाणा के रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की।

आमलकी रसायन क्या होता है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आमलकी रसायन ऐसा है जो अम्ल के लिए साइन है जैसे आवंला है जो पंचरस युक्त होता है। लवण के अलावा मधुर है, अम्ल, कटु, तिक्त, कषाय पांचों रस इसमें होते हैं और पंचरस होने के कारण इसका बड़ा फायदा यह है कि ये न्यूट्रीशन टॉनिक की तरह काम करता है। आगे डॉ. श्रेय कहते हैं कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर में ओज भी बढ़ाता है।

आमलकी रसायन कैसे बनता है?

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि आमलकी रसायन में आमतौर पर यह चीजें शामिल होती हैं जैसे

  • आंवला
  • पिप्पली
  • घी
  • शहद
  • मिश्री

आमतौर पर आमलकी रसायन में आंवले को भाप लगाकर इसमें दरादरा करके पीस लिया जाता है। इसके बाद इसे घी में भूनकर इसमें शहद, मिश्री और पिपली मिला लिया जाता है। फिर इसको एक गाढ़े टैक्सचर में तैयार किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग आमलकी रसायन में अलग-अलग चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

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आमलकी रसायन के आयुर्वेदिक लाभ

आमलकी रसायन के कई फायदे हैं जैसे यह इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है। इसके सेवन से इम्यून सेल्स को बढ़ावा मिलता है जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके अलावा आमलकी रसायन की एक खास बात यह भी है कि यह जोड़ों के दर्द और मौसमी बदलाव से होने वाली समस्याओं से बचाव में मददगार है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं जैसे

1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

आमलकी रसायन एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जो कि शरीर की इम्यूनिटी तो बढ़ाता ही है बल्कि, यह मौसमी इंफेक्शन से बचाव में मददगार है क्योंकि इसमें पिपली, घी और शहद भी है जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी बैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबियल गुणों से भरपूर हैं। इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट, शरीर में सेल्स को एजिंग और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं जिससे शरीर के कई अंगों के कामकाज करने की क्षमता बेहतर होती है।

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2. पाचन के लिए फायदेमंद

साल 2022 में Antioxidant जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च के अनुसार, आमलकी रसायन में विटामिन सी होता है, पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं पाचन शक्ति बढ़ाने का भी काम करते हैं। डॉ. श्रेय बताते हैं कि जिन लोगों को भूख कम लगती है उनके लिए आमलकी रसायन का सेवन बहुत फायदेमंद है। साथ ही, जिन लोगों को एसिडिटी और बदहजमी की दिक्कत होती है उनके लिए भी इसका सेवन काफी कारगर है।

3. एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर

आमलकी रसायन अपने एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण शरीर की सूजन कम करने में मददगार है। यह घुटने के दर्द और सूजन को कम करने में मददगार है। जिन लोगों को मौसम बदलते ही यह दिक्कत होने लगती है उनके लिए इसका सेवन काफी कारगर माना जाता है।

4. स्किन और बालों के लिए फायदेमंद

आमलकी रसायन, स्किन और बाल दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करता है जिससे एजिंग के लक्षणों में कमी आती है। इसके अलावा जिन लोगों के बाल समय से पहले सफेद हो जाते हैं उनके लिए भी आमलकी रसायन बेहद फायदेमंद है। यह एजिंग के लक्षणों कम करने में मददगार है।

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आमलकी रसायन का सेवन कैसे करें?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि इसको लेते समय ध्यान रखना है कि हमें तीखी चीजें, गर्म चीजें और अत्यधिक धूप से बचना चाहिए। इस हिसाब से आपको सुबह खाली पेट इसका सेवन गुनगुने पानी के साथ करना चाहिए। इसके अलावा शहद के साथ और दूध के साथ भी आप इसका सेवन कर सकते हैं। इसके सेवन से पहले या बाद में फ्राइड और जंक फूड के सेवन से बचना चाहिए।

किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, बच्चों को और ऐसे सभी लोग जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या जिनका इलाज चल रहा है उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि इसके फायदों को देखने से पहले एक अंतर ध्यान में रखना जरूरी है। पारंपरिक आयुर्वेदिक इस्तेमाल और आधुनिक मेडिकल सबूत एक जैसे नहीं होते। पारंपरिक इस्तेमाल यह बताता है कि किसी उत्पाद का समय के साथ कैसे इस्तेमाल किया गया है। यह अपने आप यह साबित नहीं करता कि यह किसी मेडिकल स्थिति का इलाज कर सकता है इसलिए किसी आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की राय के बिना इसके सेवन से बचें।

FAQ

  • 1 दिन में कितने आंवला खाने चाहिए?

    एक हेल्दी व्यक्ति को दिनभर में 1 से 2 ताजे आंवले खाने चाहिए। ज्यादा मात्रा में आंवला खाने से एसिडीट, गैस या पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है। 
  • रोजाना खाली पेट आंवले का जूस पीने से क्या होता है?

    रोजाना खाली पेट आंवले का जूस पीने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं, जैसे इम्यूनिटी बढ़ना, पाचन तंत्र बेहतर रखना, स्किन और बालों के लिए फायदेमंद। 

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 17:33 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Oct 09, 2026 16:58 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma