आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियों का वर्णन मिलता है, जिनका इस्तेमाल शरीर में बनने वाली गांठ, सूजन या असामान्य ग्रोथ जैसी समस्याओं में किया जाता है। इन्हीं में से एक है कांचनार गुग्गुल। हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, कांचनार गुग्गुल का उपयोग खासतौर पर शरीर में होने वाली विभिन्न प्रकार की ग्रोथ और गांठों को मैनेज करने के लिए किया जाता है। हालांकि, किसी भी गांठ के मामले में खुद से इसका सेवन शुरू करने के बजाय उसकी सही जांच और एक्सपर्ट की सलाह जरूरी है।
कांचनार गुग्गुल के फायदे क्या हैं?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, कांचनार गुग्गुल का इस्तेमाल शरीर में बनने वाली गांठ और ग्रोथ के आकार को कम करने के लिए किया जाता है। खासतौर पर बेनाइन ग्रोथ यानी गैर-कैंसरकारी बढ़ोती में इसे उपयोगी माना जाता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इसका इस्तेमाल शरीर में अतिरिक्त या असामान्य टिश्यू के बढ़ोतरी को संतुलित करने के लिए किया जाता है।
1. गांठ के साइज को कम करने में मददगार
डॉक्टर श्रेय शर्मा के मुताबिक, कांचनार गुग्गुल का उपयोग शरीर में बनने वाली गांठ या असामान्य ग्रोथ के आकार को कम करने के उद्देश्य से किया जाता है। आयुर्वेद में इसे ऐसी स्थितियों में उपयोगी माना जाता है, जहां शरीर में किसी तरह की अतिरिक्त बढ़ोतरी दिखाई देती है। खासतौर पर बेनाइन यानी गैर-कैंसरकारी ग्रोथ में इसका इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।
2. प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या में उपयोग
कांचनार गुग्गुल का इस्तेमाल प्रोस्टेट की ग्रोथ जैसी स्थितियों में भी किया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ कुछ पुरुषों में प्रोस्टेट का आकार बढ़ सकता है, जिससे पेशाब से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा में ऐसी स्थिति के प्रबंधन के लिए कांचनार गुग्गुल जैसी औषधियों का इस्तेमाल एक्सपर्ट की सलाह से किया जाता है।
साल 2015 में International Quarterly Journal of Research in Ayurveda में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, प्रोस्टेट बढ़ने (BPH) की समस्या से पीड़ित 40 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों पर किया गया, जिसे आयुर्वेद में 'मूत्राघात' माना जाता है। इसमें कांचनार गुग्गुल और धान्यक गोक्षुर घृत मात्रा बस्ती (बस्ती चिकित्सा) के प्रभाव की जांच की गई।
रिजल्ट से पता चला कि कांचनार गुग्गुल और मात्रा बस्ती दोनों ही प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षणों से राहत दिलाने में काफी प्रभावी हैं। जहां लक्षणों में सुधार के मामले में मात्रा बस्ती (ग्रुप B) का असर बेहतरीन रहा, वहीं कुल मिलाकर दोनों दवाओं के एक साथ इस्तेमाल (ग्रुप C) ने भी बहुत अच्छे रिजल्ट दिए।
kanchanar guggul benefits
3. नाक में मांस बढ़ने पर इस्तेमाल
डॉक्टर श्रेय शर्मा बताते हैं कि नाक के अंदर मांस बढ़ने या किसी तरह की असामान्य ग्रोथ की स्थिति में भी कांचनार गुग्गुल का इस्तेमाल किया जाता है। नाक में इस तरह की समस्या होने पर सांस लेने में परेशानी, नाक बंद रहना या बार-बार असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे मामलों में पहले ईएनटी एक्सपर्ट से जांच कराना जरूरी है।
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4. रसौली और अन्य गांठों में उपयोग
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, शरीर में रसौली या किसी अन्य प्रकार की गांठ होने पर भी कांचनार गुग्गुल का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य असामान्य रूप से बढ़े हुए टिश्यू या ग्रोथ को कंट्रोल करने में मदद करना होता है। हालांकि, हर गांठ का कारण और प्रकृति अलग हो सकती है, इसलिए इलाज भी व्यक्ति और समस्या के अनुसार तय होना चाहिए।
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आयुर्वेदाचार्य की सलाह
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा सलाह देते हैं कि शरीर में कहीं भी गांठ महसूस होने पर सबसे पहले उसकी प्रकृति का पता लगाना जरूरी है। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर गांठ को सामान्य मानना भी सही नहीं है। इसलिए जांच के बाद ही तय किया जाना चाहिए कि समस्या के लिए किस तरह का उपचार जरूरी है। कांचनार गुग्गुल की मात्रा, अवधि और उपयोग व्यक्ति की स्थिति के आधार पर एक्सपर्ट तय कर सकते हैं।
निष्कर्ष
कांचनार गुग्गुल का आयुर्वेद में शरीर की विभिन्न प्रकार की गांठों और असामान्य ग्रोथ के प्रबंधन में उपयोग बताया गया है। आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा के अनुसार, इसका इस्तेमाल बेनाइन ग्रोथ, प्रोस्टेट की बढ़ोतरी, नाक में मांस बढ़ने और रसौली जैसी स्थितियों में किया जाता है। कुछ मामलों में कार्सिनोजेनिक ग्रोथ में भी इसे सहायक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी गांठ को लेकर स्वयं दवा लेना सही नहीं है। पहले उसकी सही जांच और फिर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज फॉलो करें।
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FAQ
क्या कांचनार गुग्गुल थायराइड की गांठ में ली जाती है?
आयुर्वेद में इसका उपयोग कुछ प्रकार की ग्रोथ में किया जाता है, लेकिन थायराइड की गांठ में इसे लेने से पहले गांठ की प्रकृति और थायराइड की स्थिति की जांच जरूरी है।कांचनार गुग्गुल कितने समय तक लेना चाहिए?
कांचनार गुग्गुल कितने समय तक लेना है यह बीमारी, उम्र, अन्य दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर निर्भर करता है। बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें।
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Oct 08, 2026 18:14 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
