Wed Oct 7, 2026 | 11:37 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

आयुर्वेद में तांबे के बर्तन का पानी पीने से क्या होता है? जानें सही तरीका और सावधानियां

तांबे के बर्तन में रखे पानी का सेवन करने से पाचन को दुरुस्त करने, इम्यूनिटी को बूस्ट और त्वचा में सुधार करने में मदद मिलती है, लेकिन इसके सेवन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
आयुर्वेद में तांबे के बर्तन का पानी पीने से क्या होता है? जानें सही तरीका और सावधानियांआयुर्वेद में तांबे के बर्तन का पानी पीने से क्या होता है? जानें सही तरीका और सावधानियां

अक्सर लोग सुबह उठकर पानी पीते हैं और फिर अपने दिन के कार्यों को शुरु करते हैं, लेकिन सुबह के समय कॉपर यानी तांबे के बर्तन में रखे पानी को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह एक ट्रेडिशनल तरीका है, जो आयुर्वेद में स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसका सेवन सही तरीके से करना जरूरी है, क्योंकि तांबा एक जरूरी मिनरल है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा को नुकसान भी हो सकता है। आइए इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानें।

तांबे का पानी पीने के फायदे

डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखे पानी को ताम्र जल कहा जाता है, जो पानी 6 से 8 घंटे या रातभर तांबे के बर्तन में रखा रहता है। इसका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से लाभकारी होता है।

1. एंटी-बैक्टीरियल के गुण

तांबे के पानी में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं, जिससे पानी में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने और पानी के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव करने में मदद मिलती है।

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2. पाचन के लिए फायदेमंद

तांबे के पानी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, पाचन प्रक्रिया में सुधार होता है, शरीर में आयरन और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण करने में मदद मिलती है, जिससे वजन को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है।

benefits and precautions of drinking water from copper vessels 1benefits and precautions of drinking water from copper vessels 1

3. जोड़ों के लिए फायदेमंद

तांबे के पानी में एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण भी होते हैं। इसका सेवन करने से जोड़ों की सूजन को कम करने और इसको दुरुस्त करने में भी मदद मिलती है।

4. इम्यूनिटी बेहतर करे

तांबे के पानी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर करने में मदद करते हैं, जिससे इंफेक्शन से बचाव करने और सूजन कम करने में मदद मिलती है।

5. ब्रेन और हार्ट के कार्यों को बेहतर करे

एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुणों से भरपूर तांबे के पानी का सेवन करने से शरीर में ब्लड प्रेशर के स्तर को नियंत्रित करने, दिल के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है। वहीं, इसके सेवन से नर्व सेल्स और ब्रेन के कार्यों को बेहतर करने में मदद मिलती है, जिससे ब्रेन का स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

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6. स्किन के लिए फायदेमंद

तांबे के पानी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण स्किन के लिए फायदेमंद हैं। इसका सेवन करने से स्किन को हेल्दी रखने, दाग-धब्बों को कम करने और एजिंग के लक्षणों को कम करने के साथ-साथ त्वचा को रिपेयर करने में मदद मिलती है।

7. दोष को बैलेंस करे

तांबे के पानी का सेवन करने से शरीर में वात, पित्त और कफ दोष को बैलेंस करने, शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2012 में Journal of Health, Population and Nutrition में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, तांबे के बर्तनों में रखा पानी पूरी तरह सेफ होता है, क्योंकि तांबा नेचुरल रूप से बैक्टीरिया को खत्म कर देता है और पानी में घुली तांबे की मात्रा डब्ल्यूएचओ (WHO) के सुरक्षित मानकों के अंदर रहती है। अध्ययनों से पता चलता है कि तांबे के बर्तनों के इस्तेमाल से पीने का पानी पूरी तरह सेफ हो जाता है।

कब और कैसे करें तांबे के पानी का सेवन?

डॉ. किरण कहती हैं, तांबे के पानी का सेवन खाली पेट करना फायदेमंद होता है। ध्यान रहे, रोजाना एक लीटर से ज्यादा तांबे वाला पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि ज्यादा मात्रा में तांबे के पानी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, खासकर Wilson's disease में।

बता दें, लंबे समय तक तांबे के पानी का अधिक मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति को पेट दर्द, जी मिचलाने, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, खासकर सेंसिटिव लोगों में।

तांबे का पानी पीते समय कुछ बातों का रखें ध्यान

डॉ. किरण का कहना है, अगर कोई व्यक्ति तांबे के बर्तन का पानी पीना चाहता है, तो कुछ नॉर्मल सावधानियां रखी जा सकती हैं।

  • साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करें।
  • बर्तन को नियमित रूप से साफ करें और उसके अंदर हरी या नीली परत जमा न होने दें। इस बात का खास ध्यान रखें।
  • पीने के पानी को 6-8 घंटों के लिए तांबे के बर्तन में रखें। लंबे समय तक लगातार पानी को उसी बर्तन में रखने की जरूरत नहीं है।
  • तांबे के बर्तन में नींबू, सिरका या अन्य एसिडिक चीज रखकर न छोड़ें, क्योंकि एसिडिक चीजें तांबे के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

निष्कर्ष

आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखे पानी का सेवन करने से बैक्टीरिया से बचाव करने, पाचन को दुरुस्त करने, जोड़ों को हेल्दी रखने, इम्यूनिटी को बूस्ट करने, शरीर के दोष को बैलेंस करने, स्किन को हेल्दी रखने, ब्रेन और हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मदद मिलती है।

खाली पेट तांबे के बर्तन के पानी का सेवन करना फायदेमंद होता है, लेकिन ध्यान रहे, इसका सेवन सीमित मात्रा में करें। इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ध्यान रहे, किसी मेडिकल कंडीशन में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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FAQ

  • खाली पेट पानी पीने से क्या होता है?

    खाली पेट पानी पीने से पाचन तंत्र में सुधार करने, मेटाबॉलिज्म को तेज करने, त्वचा में निखार लाने, शरीर को डिटॉक्स करने और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में मदद मिलती है।
  • तांबे की बोतल में पानी पीने के क्या नुकसान हैं?

    तांबे की बोतल में पानी पीने से कॉपर टॉक्सिसिटी की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, इसको सही तरीके से पीना जरूरी है, ताकि अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 07, 2026 22:37 IST

    Published By : Priyanka Sharma
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