Fri Sep 11, 2026 | 09:14 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kiran Gupta , Yoga, Naturopathy Consultant & Nutrition & Dietician

कॉपर की बोतल में पानी किसे नहीं पीना चाहिए? डॉक्टर से जानें

आयुर्वेद में तांबे का पानी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन यह सबके लिए सही नहीं होता है। इसलिए, आइए इस लेख में जानते हैं कि तांबे की बोतल में पानी किसे नहीं पीना चाहिए? 

पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से हमारा शरीर हाइड्रेटेड रहता है, जिससे शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है। ऐसे में लोग अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए न सिर्फ पानी पीते हैं, बल्कि पानी पीने के लिए सही बर्तन का इस्तेमाल भी करते हैं, जो उनकी सेहत के लिए फायदेमंद हो। आयुर्वेद में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना एक पुरानी परंपरा है, जिसे कई लोग आज भी अपनाते हैं। तांबे के बर्तन में रखे पानी को ताम्र जल कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि तांबे के बर्तन का पानी शरीर के तीन दोनों वात, पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करता है। भले ही तांबे के बर्तन का पानी पीना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो, लेकिन कुछ लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए आइए मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि किन लोगों को तांबे का पानी नहीं पीना चाहिए?

कॉपर की बोतल में पानी किसे नहीं पीना चाहिए?

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, तांबे का पानी पाचन में सुधार करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को साफ करने में फायदेमंद माना जाता है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति के लिए तांबे का पानी फायदेमंद नहीं होता है, इसलिए कुछ लोगों को इसे पीने से बचना चाहिए, जिसमें:

1. पित्त प्रकृति वाले लोग

आयुर्वेद के अनुसार जिन लोगों की पित्त प्रकृति होती है, उनके शरीर में पहले से गर्मी ज्यादा होती है और तांबा भी गर्म धातु है। ऐसे में तांबे का पानी पीने से शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिसके कारण पेट में दलन, एसिडिटी, मुंह में छाले, ज्यादा पसीना आना, चिड़चिड़ापन और स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें: क्या कॉपर टी से होता है यीस्ट इंफेक्शन? जानें डॉक्टर की राय

2. अल्सर से पीड़ित लोग

जिन लोगों को गैस्ट्रिक अल्सर, पेट में जलन, एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या होती है, उन्हें तांबे की बोतल का पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि ये हानिकारक हो सकता है। तांबे का पानी पाचन अग्नि को तेज करता है, जो कमजोर या सेंसिटिव पेट वाले लोगों के लिए समस्या का कारण बन सकता है।

3. छोटे बच्चे को

आयुर्वेद के अनुसार 5 साल से कम उम्र के बच्चों को नियमित रूप से तांबे की बोतल में पानी नहीं पिलाना चाहिए। दरअसल, बच्चों का पाचन तंत्र बहुत कमजोर होता है और उनके शरीर को बहुत कम मात्रा में मिनरल्स की जरूरत होती है। तांबे का ज्यादा सेवन बच्चों के शरीर में कॉपर टॉक्सिसिटी डाल सकती है। इसलिए, बच्चों के लिए सामान्य साफ पानी ही सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

1 - 2026-01-10T130334.391

4. प्रेग्नेंट महिलाएं

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस समय महिलाओं को तांबे का पानी नहीं पीने के लिए देना चाहिए। तांबे का ज्यादा मात्रा में सेवन भ्रूण के विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान भी महिलाओं को तांबे के बर्तन का पानी देने से बचना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: क्या रोजाना कॉपर के बर्तनों में पानी पीना वाकई होता है फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट की राय

5. लिवर की बीमारी में

तांबे का असर लिवर पर सीधेतौर पर पड़ता है। आयुर्वेद मानता है कि तांबा लिवर को एक्टिव करता है, लेकिन लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों को इससे नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, हेपेटाइटिस, फैटी लिवर या अन्य लिवर से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में लोगों को तांबे की बोतल में पानी देने से बचना चाहिए।

निष्कर्ष

आयुर्वेद में तांबे का पानी एक औषधि के रूप में माना जाता है, न कि सामान्य पानी की तरह। यह समय और सही लोगों के लिए यह काफी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन गलत व्यक्ति के पीने पर ये उसकी सेहत के लिए हानिकारक भी बन सकता है। इसलिए जिन लोगों के लिए तांबे के बर्तन का पानी फायदेमंद नहीं होता है, उन्हें इसे पीने से बचना चाहिए।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में पानी पीने से क्या होता है?

    तांबे के बर्तन में रातभर रखा पानी सुबह खाली पेट पीने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। इस पानी को पीने से एनीमिया, थायराइड, समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या और कमजोर पाचन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
  • क्या तांबे का पानी लिवर के लिए खराब है?

    अगर टॉक्सिक कॉपर लंबे समय तक आपके शरीर में जाए और जमा होने लगे तो ये लिवर को डैमेज कर सकता है, जिससे लिवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • तांबे के बर्तन में पानी को कितने समय तक रखना चाहिए?

    तांबे के बर्तन में पानी को कम से कम 4 से 8 घंटे और ज्यादा से ज्यादा रातभर के लिए रखना चाहिए, ताकि तांबा पानी में घुल जाए और उसके गुण भी पानी में मिल जाएं और फिर सुबह खाली पेट उस पानी को पिएं। हालांकि 12 घंटे से ज्यादा तांबे में रखा पानी नहीं पीना चाहिए।

Read Next

क्या लिवर हेल्थ के लिए हानिकारक है दालचीनी का सेवन? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 11, 2026 07:14 IST

    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Jan 11, 2026 07:14 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Kiran Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content