वर्तमान में लोग हेल्दी रहने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। ऐसे में तांबे के बर्तनों में रखा पानी पीने का चलन भी लोगों में काफी ज्यादा बढ़ गया है। पहले के समय में लोग तांबे के बर्तनों का महत्व जानते हुए इसका सही तरह से इस्तेमाल करते थे। आज के समय में भले ही लोग दोबारा इसके फायदों को पाने के लिए तांबे की बोतलों का इस्तेमाल पानी पीने के लिए करते हैं, लेकिन पानी पीने के सही तरीकों के बारे में नहीं जानते हैं। इसलिए, आइए इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं कि तांबे के बर्तन में पानी कैसे रखा जाता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
तांबे के बर्तन का पानी पीने का सही तरीका क्या है?
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने के लिए सबसे पहले साफ और अच्छी क्वालिटी वाले तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करें। उसमें साफ पीने वाला पानी भरकर ढक दें और लगभग 6 से 8 घंटे के लिए पानी को छोड़ दें। रात में पानी भरकर सुबह पीना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। सुबह इस पानी को धीरे-धीरे पिएं और एक साथ ज्यादा मात्रा में पानी पीने से बचना चाहिए। तांबे का पानी खाली पेट पीना जरूरी नहीं होता है। इसे आप अपनी सुविधा और पाचन क्षमता के अनुसार पी सकते हैं। बर्तन को नियमित रूप से साफ रखें और अगर उसमें हरी या नीली परत दिखाई दे तो अच्छी तरह साफ करके इसका इस्तेमाल करें।
साल 2012 में Journal of Health, Population And Nutrition में बताया गया है कि आयुर्वेद के अनुसार, पानी को साफ करने के लिए तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल बहुत प्रभावी माना जाता है। पानी को पूरी तरह बैक्टीरिया फ्री और सुरक्षित बनाने के लिए इसे कमरे के सामान्य तापमान पर कम से कम 16 घंटे तांबे के बर्तन में रखा जाना चाहिए। इसके बाद पानी को पीना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
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कितना तांबे का पानी पीना चाहिए?
डॉ. किरण गुप्ता बताती हैं कि तांबे के बर्तन में रखा पानी भी सामान्य पानी की तरह ही शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करता है। इसे जरूरत से ज्यादा पीने की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और प्यास के अनुसार पर्याप्त पानी पीना ज्यादा जरूरी होता है। सिर्फ तांबे का पानी पीने के लिए दिनभर नॉर्मल पानी का सेवन कम नहीं करना चाहिए। शरीर को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और साफ पानी मिलना जरूरी है। इसलिए, तांबे का पानी भी और नॉर्मल पानी दोनों को मिलाकर दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पीना पर्याप्त होता है।
किन लोगों को तांबे के बर्तन का पानी पीने से बचना चाहिए?
डॉ. किरण गुप्ता कहती हैं कि जिन लोगों को किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है उन्हें तांबे के बर्तन में रखा पानी सीमित मात्रा में पीना चाहिए या डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। साथ ही, किसी तरह की दवा ले रहे हैं तो भी इस पानी को पीने से बचना चाहिए। अगर तांबे का पानी पीने के बाद बार-बार मतली, उल्टी, पेट की समस्या या कोई अन्य परेशानी महसूस हो तो इसका सेवन करना बंद कर दें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
तांबे का पानी पीते समय किन बातों का ध्यान रखें?
डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, तांबे के बर्तन में पानी पीते समय आपको इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. खट्टी चीजें रखना
तांबे के बर्तन में कभी भी नींबू पानी, सिरका, छाछ, शहद या कोई भी जूस न डालें। एसिड वाली चीजें तांबे के साथ केमिकल रिएक्शन करती हैं, जिससे पानी जहरीला हो सकता है और पेट में अल्सर या लिवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
2. गर्म पानी रखना
तांबे की बोतल या बर्तन में पानी हमेशा नॉर्मल तापमान में ही रखना चाहिए। बहुत ज्यादा गर्म या उबलता हुआ पानी डालने से तांबा तेजी से और ज्यादा मात्रा में पानी में घुल सकता है।

3. लंबे समय तक पानी स्टोर करना
तांबे के बर्तन में पानी पीने से पहले उसे 6 से 8 घंटे स्टोर करना फायदेमंद होता है, लेकिन पानी को बहुत लंबे समय तक बर्तन में रखकर न छोड़ें। तांबे के बर्तन में लंबे समय तक पानी रखने से शरीर में कॉपर की मात्रा ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे सेहत को काफी नुकसान पहुंच सकता है।
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डॉक्टर की सलाह
तांबे के पानी को किसी तरह के बीमारी का इलाज या उपाय की तरह नहीं मानना चाहिए। सिर्फ तांबे का पानी पीने से संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, एक्सरसाइज या नॉर्मल हाइड्रेशन की जरूरत पूरी नहीं होती है। इसी तरह, ज्यादा मात्रा में कॉपर का पानी पीने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, सबसे जरूरी है कि पानी साफ हों, बर्तन क्लीन हो और उसका इस्तेमाल सीमित मात्रा और सही तरीके से किया जाए।
निष्कर्ष
डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इसे नॉर्मल पानी पीने के रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए साफ तांबे का बर्तन इस्तेमाल करना, सादा पानी लगभग 6 से 8 घंटे रखना और उसे नॉर्मल मात्रा में पीना जरूरी है। साथ ही, बर्तन की नियमित सफाई करना और उसमें नींबू पानी या अन्य एसिड ड्रिंक न रखें।
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FAQ
सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में पानी पीने से क्या होता है?
सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से पाचन में सुधार होता है और शरीर को कई अन्य स्वास्थ्य फायदे देता है।तांबे के बर्तन का पानी कितने दिन पीना चाहिए?
तांबे के बर्तन में लगातार 2 से 3 महीने तक पानी पीने के बाद 15 30 दिन का ब्रेक जरूर लेना चाहिए, ताकि शरीर में कॉपर की मात्रा ज्यादा न हो।
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Sep 03, 2026 22:16 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta