शरीर को डिटॉक्स करने के लिए नीम का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद के मुताबिक, नीम रक्तशोधक होती है यानी इसके इस्तेमाल से खून को साफ करने में मदद मिलती है। शरीर में बढ़े हुए पित्त और कफ को संतुलित करने में भी नीम फायदेमंद होता है। इसलिए गर्मियों में इसका इस्तेमाल त्वचा संबंधित समस्याओं में किया जाता है। शरीर को डिटॉक्स करने में नीम के फायदे जानने के लिए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
शरीर को डिटॉक्स करने में नीम क्योंं हैं फायदेमंद?

त्वचा संंबंधित समस्याएं दूर होती हैं
शरीर में ज्यादा गर्मी है या त्वचा में खुजली है, तो नीम का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। एक्जिमा जैसी गंभीर समस्या में भी नीम का इस्तेमाल फायदेमंंद माना जाता है। हालांकि, एक्जिमा में डॉक्टर की सलाह के बगैर किसी चीज को अप्लाई करने से बचना चाहिए।
खून साफ होता है
आयुर्वेद के मुताबिक, नीम खून में मौजूद अशुद्धियों को साफ करने में मदद करता है। इससे फोड़े-फुंसियां, मुंहासे, रैशेज और खुजली जैसी समस्याओंं से बचाव होता है।
कफ दोष संतुलन
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष बढ़ने के कारण शरीर में भारीपन और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। नीम की मदद से कफ दोष को संतुलित करने में मदद मिलती है।
पाचन को सपोर्ट मिलता है
नीम को जठराग्नि कहा जाता है यानी इसकी मदद से पाचन अग्नि को संतुलित करने में मदद मिलती है। साथ ही शरीर में सूजन कम करने में भी सहायक है।
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ज्वरहर गुणोंं वाला होता है नीम
Dr. Shrey Sharma के मुताबिक, आयुर्वेद में नीम को ज्वरहर प्रकृति का माना जाता है। ज्वरहर का मतलब होता है शरीर में बढ़ी हुई गर्मी को शांत करने वाला। बुखार जैसी स्थिति में इसका इस्तेमाल फायदेमंद होता है। नीम में कड़वाहट होती है, जिसे आयुर्वेद में शरीर की सफाई और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी माना जाता है। शरीर को डिटॉक्स करने में दो अंग अहम भूमिका निभाते हैं- लिवर और किडनी। साल 2021 में The Scientific World Journal नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, नीम का सेवन करने से लिवर और किडनी फंंक्शन को सपोर्ट मिलता है जिससे शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिल सकती है।
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लंंबे समय तक नीम के इस्तेमाल से बचें
शरीर या त्वचा की समस्याओंं के लिए सीमित समय तक ही नीम का इस्तेमाल करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा नीम का इस्तेमाल करेंगे, तो भूख में कमी, शरीर में ड्राईनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। प्रेग्नेंसी में नीम के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष:
आयुर्वेद के मुताबिक, नीम में ज्वरहर गुण होते हैं और यह रक्तशोधक होता है यानी यह खून को साफ करता है, शरीर की गर्मी शांत करता है और बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है। गर्मियों में त्वचा संबंधित समस्याओं में नीम का इस्तेमाल फायदेमंद होता है।
FAQ
नीम का सेवन कैसे करें?
सुबह चार से पांच नीम की पत्तियां धोकर चबा सकते हैं। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर, ड्रिंक की तरह सेवन कर सकते हैं या काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।नीम में मौजूद गुण कौन-कौन से हैं?
नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। नीम कफ और पित्त को संतुलित करने में मदद करता है।
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May 20, 2026 11:44 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 20, 2026 11:44 IST
Modified By : Yashaswi MathurMay 20, 2026 11:44 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma