Mon Sep 14, 2026 | 12:42 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

गणेश चतुर्थी 2026 पर मोदक हो या लड्डू, खरीदने से पहले जान लें मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे करें?

आज गणेश चतुर्थी है और इसी के साथ 10 दिनों तक मनने वाले गणेशोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। इस दौरान बाजार में तरह-तरह के मोदक और मिठाइयां मिलती हैं जिसमें कई बार मिलावट हो सकती है। आइए, जानते हैं मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे करें?

गणेश चतुर्थी के साथ गणेशोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। इस त्योहार में हर तरफ गणेश जी का पसंदीदा भोग मोदक और लड्डू को देखने को मिलता है। हालांकि, इन मिठाइयों में मिलावट हो सकती है जो कि सेहत के लिए नुकसानदेह है। दरअसल, घर के बने मोदक को बनाने के लिए गुड़, नारियल और चावल के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाले मोदक इन चीजों से नहीं बनते। बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मोदक मावा से बनते हैं और आजकल तो चॉकलेट मोदक भी आ गए हैं। हालाकि, सवाल यह है कि इस मिठाई की मिलावट का पता कैसे लगाएं? जानते हैं इस बारे में जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से।

मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे करें-How To Check Sweet Adulteration?

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि मिठाइयों में मिलावट की बात होते ही सबसे पहला ख्याल आता है मावा में होने वाली मिलावट की। मावा, जिससे आमतौर पर सारी मिठाइयां बनती हैं इसमें सबसे पहले वेजिटेबल ऑयल और स्टार्च की मिलावट होती है। इतना ही नहीं, कई बार इन मिठाइयों में खराब ड्राई फ्रूट्स, नकली केसर, फूड कलर और यूरिया की मिलावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में आप सबसे पहले आप मिठाइयों को छूकर या सूंघकर इनमें मिलावट की पहचान कर सकते हैं। जैसे

1. छूकर पता करें

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि मिलावट मिठाई का पता लगाने का सबसे आम तरीका ये है कि आप मिठाइयों को छूकर देखें।

  • जब आप फ्रेश और बिना मिलावट वाली मिठाइयों को छूकर देखेंगे तो इसका टैक्सचर ऑयली और दानेदार होता है।
  • आप मिठाई से थोड़ा सा तोड़कर मावा को हाथ पर रकड़ेंगे तो असली मावा चिकना महसूस होगा और इसमें से शुद्ध घी जैसी महक आएगी और हाथों पर ये इक्ट्ठा होने लगेगा।
  • नकली मावे से आपको अजीब सी खुशबू आएगी और रगड़ने पर ये पूरे हाथ में लिसलिसा महसूस होगा जैसे कोई फैटी चीज हाथों से चिपक गई हो।

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2. टेस्ट से पता करें

न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि बिना टेस्ट किए मिठाई कभी न लें। पुराने लोग यही तरीका अपनाते थे। दरअसल, असली मावा का स्वाद हल्का मीठा होता है और यह मुंह में ऊपर की ओर चिपकता नहीं है। जबकि, मिलावटी मावा मुंह में ऊपर की ओर चिपक जाएगा। साथ ही इसका स्वाद अजीब लग सकता है। फ्रेश मिटाइयों का स्वाद आपको अलग से अच्छा लगेगा जबकि मिठाइयां पुरानी होंगी तो इनमें से सीलन जैसी गंध आएगी और इसका स्वाद थोड़ा खट्टा महसूस होगा।

जांच का तरीका असली मिठाई में मावा की पहचान मिलावटी मिठाई में मावा की पहचान
छूकर  टेक्सचर ऑयली और दानेदार होता है। रगड़ने पर चिकना लगता है और शुद्ध घी की महक आती है। अजीब खुशबू आती है और रगड़ने पर हाथों में फैट की तरह लिसलिसा (चिपचिपा) महसूस होता है।
चखकर  स्वाद हल्का मीठा होता है और यह मुंह में ऊपर (तालू पर) नहीं चिपकता। मुंह में ऊपर चिपक जाता है। स्वाद अजीब या खट्टा लग सकता है और सीलन जैसी गंध आ सकती है।
स्टार्च की जांच गर्म पानी और आयोडीन नमक मिलाने पर रंग में कोई खास बदलाव नहीं होता। मावा में 3 चम्मच गर्म पानी और आयोडीन नमक मिलाने पर इसका रंग नीला हो जाता है।
 यूरिया की जांच पानी, अरहर/सोयाबीन दाल और लाल लिटमस पेपर से जांचने पर रंग नहीं बदलता। मिश्रण में 30 सेकंड के लिए लाल लिटमस पेपर डुबोने पर, पेपर का रंग लाल से नीला हो जाता है।
चांदी के वर्क की जांच उंगलियों के बीच रगड़ने पर असली चांदी का वर्क आपकी स्किन में मिल जाता है। नकली एल्युमीनियम फॉइल रगड़ने पर एक छोटी सी गोली का रूप ले लेती है।

3. मिठाइयों में हो सकती है स्टार्च की मिलावट

Consumer Education and Research Centre के अनुसार मिलावटी मिठाइयों में अक्सर स्टार्च की मिलावट हो सकती है। इसके लिए आपको करना ये है कि थोड़े से मावा को 3 चम्मच गर्म पानी में मिलाएं। इसके ऊपर से सफेद आयोडीन नमक डाल लें। अगर मावा का रंग नीला हो जाए, तो समझें कि इसमें स्टार्च की मिलावट है।

4. मावा में यूरिया की मिलावट

त्योहार के दिनों में अक्सर मावा में यूरिया की मिलावट देखी जाती है। ऐसे में आप घर पर भी इस मिलावट की पहचान कर सकते हैं जैसे-

  • 1 चम्मच मावा लें और इसे पानी में मिलाएं।
  • इस मिश्रण में ऊपर से आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर की दाल डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
  • अब इसमें 30 सेकंड के लिए लाल लिटमस पेपर डुबोएं।
  • अगर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाता है, तो यह यूरिया की मौजूदगी का संकेत है।

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5. मिठाइयों के वर्क की जांच करें

मिठाइयों में किए गए वर्क की जांच करना बेहद जरूरी है। वैसे तो इसे चांदी की परत से सजाया जाता है लेकिन कभी-कभी सस्ते के चक्कर में एल्युमीनियम फॉयल का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आप घर पर ही इन मिठाइयों की जांच कर सकते हैं जैसे-

  • चांदी के वर्क को अपनी उंगलियों के बीच धीरे से रगड़ें।
  • असली चांदी आपकी स्किन में मिल जाएगी जबकि एल्युमीनियम से बनी नकली फॉइल एक छोटी सी गोली बन जाएगी।

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मिलावटी मिठाई खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं?

साल 2023 में प्रकाशित Foods जर्नल की स्टडी बताती है कि व्यापारी ज्यादा पैसा कमाने के लिए खाने को आकर्षक बनाने वाले नकली रंग डालते हैं, लंबे समय तक ताजा दिखाने के लिए कैमिकल्स मिलाते हैं और अच्छी क्वालिटी के खाने में सस्ती और खराब चीजें मिला देते हैं। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जैसे-

  • अपच, एसिडिटी, उल्टी और दस्त
  • नकली घी और तेल के इस्तेमाल से दिल की सेहत प्रभावित हो सकती है। इससे हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या बढ़ सकती है।
  • नकली वर्क वाली मिठाइयों को खाने से लिवर और किडनी पर असर पड़ सकता है इसलिए मिलावट की पहचान करना जरूरी है।

निष्कर्ष:

अंत में न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि मिलावटी मिठाइयों से बचना बेहद जरूरी है क्योंकि इससे सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। ऐसे में थोड़ी मेहनत करके आप घर पर ही मोदक और लड्डू बना लें जो कि शुद्ध होगा और इसे खाकर आपको अपने सेहत की चिंता नहीं होगा। साथ ही बाहर से खरीदे मिठाई की तुलना में इसका स्वाद भी बेहतर होगा।

FAQ

  • ज्यादा मिठाई खाने से क्या होता है?

    ज्यादा मिठाई खाने से शुगर बढ़ सकता है और आपको डायबिटीज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ये हार्मोनल हेल्थ को भी प्रभावित कर सकता है।
  • डायबिटीज में कौन सी मिठाई खा सकते हैं?

    डायबिटीज में आप ड्राई फ्रूट्स से बनी मिठाई खा सकते हैं या स्टीविया के इस्तेमाल से बनी शुगर फ्री मिठाई खा सकते हैं। हालांकि, ज्यादा मात्रा में इनके सेवन से बचें।

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Disclaimer

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 14, 2026 11:32 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Sep 14, 2026 11:32 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Archana Jain

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