Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

गर्म‍ियों में चेहरे पर बढ़ रहे हैं मुंहासे? जानें कौन से फूड्स बन सकते हैं कारण

गर्मियों में ज्‍यादा तला-भुना या मसालेदार खाने के कारण एक्‍ने की समस्‍या हो सकती है। जानें क‍िन फूड्स के कारण एक्‍ने होते हैं और गर्मि‍यों में क्‍या खाना चाह‍िए?

तेज धूप, पसीना और बढ़ती उमस के कारण त्वचा में ऑयल ज्यादा बनने लगता है। ऐसे में कई लोगों को पिंपल्स की समस्या बढ़ने लगती है, लेकिन सिर्फ मौसम ही नहीं, गर्मियों में खाई जाने वाली कुछ चीजें भी मुंहासों को ट्रिगर कर सकती हैं। कई समर फूड्स शरीर में गर्मी, ऑयल प्रोडक्शन या सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। आइए जानते हैं गर्मियों में अक्सर खाई जाने वाली कौन-सी चीजें एक्ने बढ़ाने का कारण बन सकती हैं? एक्‍ने का कारण बनने वाले फूड्स के बारे में जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

1. आइसक्रीम

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गर्मियों में आइसक्रीम खाना लगभग हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इसमें मौजूद ज्यादा शुगर और डेयरी कुछ लोगों में मुंहासों की समस्या बढ़ा सकती है। ज्यादा मीठी चीजें शरीर में इंसुलिन लेवल बढ़ाकर ऑयल ग्लैंड्स को ज्यादा एक्टिव कर सकती हैं। साल 2012 में BMC Dermatology नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, जिन लोगों को एक्ने की समस्या थी, उनमें दूध और आइसक्रीम खाने की मात्रा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा पाई गई। रिसर्चर्स ने पाया कि हाई ग्लाइसेमिक डाइट के साथ-साथ आइसक्रीम और दूध का अधिक सेवन एक्ने का कारण बन सकता है।

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2. कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस

गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिंक्स और मीठे पैकेज्ड जूस पीते हैं। इनमें हाई शुगर और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं, जो स्किन हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं। ज्यादा शुगर शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ा सकती है, जिससे एक्ने ट्रिगर हो सकते हैं।

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3. तले-भुने समर स्नैक्स

गर्मियों में शाम के समय पकौड़े, चिप्स और फ्राइड स्नैक्स खाना आम बात है। ज्यादा तेल और मसालेदार चीजें शरीर में सूजन बढ़ा सकती हैं, जिसका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है।

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4. अचार

अचार में नमक, तेल और मसाले काफी ज्यादा मात्रा में होते हैं। गर्मियों में ज्यादा अचार खाने से शरीर में पानी की कमी और सूजन की समस्या बढ़ सकती है। बहुत ज्यादा मसालेदार और ऑयली चीजें कुछ लोगों में स्किन इरिटेशन और पिंपल्स का कारण बन सकती हैं।

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गर्मि‍यों में एक्‍ने से बचने के ल‍िए क्‍या खाएं?

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  • दही और छाछ का सेवन करें। ये गट हेल्थ और पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
  • खीरा खाएं। यह शरीर को हाइड्रेट रखने और त्वचा को ठंडक देने में मदद कर सकता है।
  • तरबूज का सेवन करें क्‍योंक‍ि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है जो स्किन को हेल्दी रखने में म‍दद म‍िलती है।
  • नारियल पानी पिएं। यह शरीर को हाइड्रेट रखने और स्किन को फ्रेश बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। इनमें मौजूद विटामिन्स त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
  • मौसमी फलों का सेवन करें। ये एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
  • नट्स और सीड्स सीमित मात्रा में खाएं। ये हेल्दी फैट्स और स्किन न्यूट्रिएंट्स दे सकते हैं।
  • पर्याप्त पानी पीना जरूरी है क्‍योंक‍ि इससे शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलने में मदद मिल सकती है और एक्‍ने से बचाव होता है।

न‍िष्‍कर्ष:

गर्मि‍यों में आइसक्रीम, अचार, कोल्‍ड ड्र‍िंक्‍स, पैक्‍ड जूस, तले-भुने समर स्नैक्स एक्‍ने का कारण बन सकते हैं। गर्मी के मौसम में खीरा, तरबूज, दही, छाछ, नार‍ियल पानी, मौसमी फल जैसी चीजों का सेवन कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 27, 2026 17:54 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 27, 2026 17:54 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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