Mon Oct 12, 2026 | 12:07 AM IST

Medically Reviewed by Dr Chanchal Sharma , BAMS-Ayurveda

हल्दी वाला दूध चोट को सच में जल्दी ठीक करता है? एक्सपर्ट से जानें क्या हैं इसके पीछे तथ्य

हल्दी वाला दूध पीने के कई फायदे हैं और सदियों से दादी-नानियां चोट को जल्दी ठीक होने के लिए इसे पीने की सलाह देती आई हैं। आज हम एक्सपर्ट से बात करके जानेंगे कि क्या हल्दी वाला दूध चोट को सच में जल्दी ठीक करता है?
हल्दी वाला दूध चोट को सच में जल्दी ठीक करता है? एक्सपर्ट से जानें क्या हैं इसके पीछे तथ्यहल्दी वाला दूध चोट को सच में जल्दी ठीक करता है? एक्सपर्ट से जानें क्या हैं इसके पीछे तथ्य

हां, हल्दी वाला दूध पीने से चोट ठीक करने में मदद मिलती है। दरअसल, हल्दी में मिलने वाला कंपाउंड, कर्क्यूमिन (Curcumin) दर्दनाशक गुणों से भरपूर है। ये कंपाउंड एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि शरीर की अंदरूनी चोट को कम करने के साथ, चोट की सूजन को दूर करने में मददगार है। इसके अलावा हल्दी मांसपेशियों और हड्डियों की अंदरूनी हीलिंग में भी मददगार है कैसे? इस बारे में हमने डॉ. चंचल शर्मा (Ayurvedic Dr. Chanchal Sharma, Director and Gynecologist, Asha Ayurveda) से बात की।

हल्दी वाला दूध चोट को सच में जल्दी ठीक करता है?

हल्दी वाला दूध चोट ठीक करने में सच में मददगार है। डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि हल्दी वाले दूध में मौजूद कर्क्यूमिन (Curcumin), एक एंटीऑक्सीडेंट है जो कि शरीर में गर्मी पैदा करने के साथ मांसपेशियों और हड्डियों की हीलिंग में मदद करता है और इन्हें आराम पहुंचाता है। जब आप गर्म दूध में मिलाकर इसे लेते हैं तो इसका प्रोटीन और पोषक तत्व मिलकर शरीर के टिश्यूज को ठीक करने में मदद करते हैं जिससे रिकवरी तेज हो जाती है।

  • इसके अलावा मोच की समस्या में भी हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद है। गर्म दूध के साथ लेने से शरीर को पोषण मिलता है और रिकवरी की प्रक्रिया बेहतर होती है।
  • साथ ही ध्यान देने वाली बात ये है कि हल्दी का मुख्य एक्टिव इंग्रीडिएंट कर्क्यूमिन है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को जड़ से कम करता है। इसके अलावा दूध में मौजूद फैट शरीर में कर्क्यूमिन के अवशोषण  को आसान बनाती है।
  • हल्दी, पानी वाले घाव को भी ठीक करने में बेहद मददगार है। हल्दी के खास एंजाइम्स COX-2 और 5-LOX जैसे इन्फ्लेमेटरी एंजाइम्स को दबाते हैं जो ऐसे केमिकल्स बनाते हैं जिनसे किसी भी चोट के बाद घाव में फ्लूइड जमा होता है, गर्मी और दर्द होता है। इससे घाव बढ़ने की जगह कंट्रोल रहता है।

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चोट वाली जगह की सूजन कम हो जाती है

करक्यूमिन से शरीर में उन खास एंजाइम को रोकता है जिनसे सूजन होती है, जिससे चोट वाली जगह के आस-पास की सूजन कम हो जाती है। दरअसल, यह घाव की सूजन को कम करता है, इंफेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है और कोलेजन बनाने में मदद करता है जिससे घाव वाली जगह पर नई त्वचा आ जाती है।

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नैचुरल हीलिंग प्रोसेस तेज हो जाता है

हल्दी की खास बात ये है कि इसके बायोएक्टिव इंग्रीडिएंट कर्क्यूमिन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है। यह फ्री रेडिकल्स को बेअसर करती है और चोट वाले टिश्यू के आस-पास ऑक्सीडेटिव डैमेज को रोकता है, जिससे नैचुरल हीलिंग प्रोसेस तेजी से काम कर पाता है।

डायबिटीज के घावों के लिए भी फायदेमंद

Pharmaceutical जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें तो जो घाव लंबे समय तक नहीं भरते, जैसे कि शुगर के मरीजों के पैरों के घाव (Diabetic Foot Ulcers)। शुगर के मरीजों में इसे ठीक करने में भी करक्यूमिन बहुत असरदार साबित होता है। हालांकि, थोड़ी मात्रा में इसे घाव पर लगाने से घाव, इसके छोटे कणों को सोख लेती है जिससे घान बिना किसी दाग के और भी जल्दी भर जाता है। इतना ही नहीं यह स्टडी बताती है कि हल्दी यानी करक्यूमिन घाव भरने के लिए एक बेहतरीन नेचुरल दवा है और नैनोटेक्नोलॉजी की मदद से इसे शरीर के लिए और भी ज्यादा असरदार और तेज बनाया जा सकता है।

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हल्दी वाला दूध पीने का सही तरीका

डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि आजकल बाजार में मिलावटी हल्दी पाउडर भी आ रहे हैं जबकि अगर आप साबूत हल्दी लेकर इसे पीस लें और 1 कप दूध में आधा चम्मच भी डालकर पिएं तो सेहत से जुड़े कई फायदे पा सकते हैं। इसके अलावा हल्दी के बेहतर अवशोषण के लिए डॉ. चंचल शर्मा इसे चुटकी भर काली मिर्च के साथ लेने की सलाह देती है। इसके अलावा थोड़ा सा शहद मिलाना भी मददगार साबित हो सकता है।

चोट में हल्दी वाला दूध पीने का सही समय क्या है?

डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि वैसे तो आप इसे कभी भी पी सकते हैं लेकिन शरीर का हीलिंग प्रोसेस रात में शुरू होता है सोने के बाद। ऐसे में अगर आप सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं तो आपको बेहतर फायदे मिल सकते हैं। इस प्रकार से रात को सोने से 30 मिनट पहले हल्दी वाला दूध पिएं।

निष्कर्ष:

अंत डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं इसके फायदों के बावजूद एक बड़ी समस्या यह है कि यह पानी में आसानी से नहीं घुलता है। इसलिए हमारा शरीर इसे सीधे तौर पर अच्छे से सोख नहीं पाता है और इसका असर जल्दी खत्म हो जाता है इससे अच्छी हीलिंग के लिए इसे लंबे समय तक लें। इतना ही नहीं इस बात का ध्यान रखें कि इसे ज्यादा मात्रा में लेने से एसिडिटी हो सकती है। इसके अलावा हल्दी गर्म होती है जिससे शरीर की गर्मी बढ़ सकती है। तो हल्दी वाला दूध इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि सपोर्टिव थेरेपी है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और जांच जरूरी है।

FAQ

  • चेहरे पर हल्दी लगाना चाहिए या नहीं?

    चेहरे पर हल्दी नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा पर जलन की समस्या होती है। इसके अलावा त्वचा लाल होकर काफी हद तक अंदर तक प्रभावित हो सकती है।
  • हल्दी से कौन-कौन सी बीमारी ठीक होती है?

    हल्दी से शरीर का दर्द, चोट, जोड़ों का दर्द और एक्ने जैसी समस्याओं में कमी आ सकती है। इसके अलावा ये इम्यूनिटी बूस्टर है इसलिए आप सर्दी-जुकाम में इसका सेवन कर सकते हैं।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 09, 2026 20:34 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Chanchal Sharma