कई महिलाओं को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ उनके पीरियड फ्लो में बदलाव हो गया है। वहीं, कुछ महिलाएं इस तरह की बातों को बेबुनियादी मानती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में पीरियड फ्लो बदल जाता है या यह महज एक मिथक है? आइए, जानते हैं इस संबंध में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता क्या बताती हैं?
क्या वाकई बढ़ती उम्र में पीरियड फ्लो बदल जाता है?
-1780462450229.jpg)
पीरियड फ्लो कभी भी एक जैसा नहीं होता है। स्ट्रेस, हार्मोनल बदलाव, नींद की कमी जैसी तमाम बातें पीरियड फ्लो को बदल सकती हैं। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या वाकई बढ़ती उम्र में पीरियड फ्लो बदल जाता है? इस बारे में डाॅ. शोभा कहती हैं, "हां, यह सच है कि अधिक उम्र में पीरियड फ्लो बदल जाता है। दरअसल, हार्मोन में बदलाव, जीवनशैली के कारकों और गर्भावस्था के कारण महिलाओं में पीरियड फ्लो स्वाभाविक रूप से बदल जाता है।" डाॅ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं कि सामान्य तौर पर किशोरावस्था में पीरियड साइकिल अनियमित होता है और फ्लो हैवी हो सकता है। 20-30 की उम्र में यह स्थिर हो जाता है।
इसे भी पढ़ें: क्या उम्र बढ़ने के साथ आपके पीरियड्स इर्रेगुलर हो सकते हैं? खुद समझा रहे हैं डॉक्टर
किस उम्र में होता है कैसा पीरियड फ्लो
किशोरावस्था में
20 साल की उम्र से पहले महिलाएं किशोरावस्था से गुजर रही होती हैं। यह वही उम्र है जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं, तो शुरुआती कुछ सालों तक फ्लो काफी अनियमित हो सकता है। वास्तव में, इस उम्र में शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर स्थिर हो रहा होता है। इसलिए, कभी फ्लो बहुत हैवी हो जाता है, तो कभी लाइट हो जाता है।
20 से 30 साल की उम्र के बीच
20 से 30 साल की उम्र के बीच महिलाओं में पीरियड फ्लो काफी स्थिर और नियमित हो जाता है। हालांकि, कई महिलाएं इसी उम्र में सेक्शुअली एक्टिव होती हैं और गर्भावस्था से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं। यह भी पीरियड फ्लो को प्रभावित करता है। यही नहीं, डिलीवरी के बाद भी कई महिलाओं को पहले से अधिक हैवी या लंबे समय तक ब्लीडिंग हो सकती है।
इसे भी पढ़ें: क्या 30 साल की उम्र के बाद अनियमित पीरियड्स होना नॉर्मल है? जानें क्या है सच
पेरिमेनोपॉज
40 की उम्र के बाद महिलाएं पेरिमेनोपॉज से गुजरती हैं। यह मेनोपॉज के ठीक पहले का चरण होता है। इस दौरान अंडाशय से हार्मोन का उत्पादन तेजी से घटता-बढ़ता रहता है। इसी वजह से पीरियड फ्लो स्थिर नहीं रहता है। कुछ महीने फ्लो बहुत ज्यादा हो सकता है, तो कुछ महीनों में सिर्फ स्पॉटिंग भी हो सकती है।
निष्कर्ष
उम्र के साथ पीरियड फ्लो में बदलाव आना पूरी तरह नॉर्मल है। विशेषकर पेरिमेनोपाॅज की स्थिति में महिलाओं का पीरियड साइकिल भी बदल जाता है और पीरियड फ्लो पर भी असर दिखता है। इसकी मूल वजह शरीर की उम्र बढ़ने और हार्मोनल बदलावों को माना जा सकता है। हालांकि, अगर महिला की उम्र कम है, फिर भी पीरियड फ्लो लाइट है, तो इस तरह की स्थिति में डाॅक्टर से संपर्क किया जाना जरूरी है।
All Image Credit: Freepik
FAQ
क्या उम्र बढ़ने पर पीरियड्स का फ्लो कम हो जाता है?
हां, पेरिमेनोपॉज के दौरान हार्मोनल कमी के कारण महिलाओं में पीरियड फ्लो कम और अनियमित हो जाता है।डिलीवरी के बाद पीरियड्स में क्या बदलाव आता है?
डिलीवरी के बाद गर्भाशय का आकार बदल जाता है और हार्मोन भी तेजी से शिफ्ट होने लगते हैं। ऐसे में महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक हैवी ब्लीडिंग होती है और कुछ मामलों में ऐंठन भी महसूस हो सकती है।पीरियड फ्लो कम होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
अगर 40 की उम्र के बाद अचानक बहुत ज्यादा हैवी ब्लीडिंग होने लगे, पैड 1-2 घंटे में ही बदलना पड़े या दो पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग और स्पॉटिंग हो, तो डॉक्टर से मिलने में देरी न करें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jun 03, 2026 10:24 IST
Modified By : Meera Tagore Jun 03, 2026 10:24 IST
Modified By : Meera TagoreJun 03, 2026 10:24 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta