Fri Sep 11, 2026 | 07:29 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या डिहाइड्रेशन की वजह से जिम परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है? जानें एक्सपर्ट से

Does Dehydration Affect Gym Performance: डिहाइड्रेशन की वजह से कमजोरी, थकान और सिरदर्द की समस्या हो जाती है। इसका असर जिम परफॉर्मेंस पर भी देखने को मिलता है।

Dehydration During Workout: डिहाइड्रेशन का मतलब है कि बॉडी में पर्याप्त मात्रा में पानी न होना। बॉडी का डिहाइड्रेट होना सही नहीं होता है। इससे सिरदर्द, थकान और कमजोरी जैसी कई परेशानियां होने लगती हैं। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए नियमित रूप से पानी पीते रहें और दिन भर में फ्लूइड इनटेक भी बढ़ाएं। क्या आप जानते हैं कि बॉडी डिहाइड्रेट हो तो शारीरिक गतिविधियों पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डिहाइड्रेशन की वजह से जिम परफॉर्मेंस भी इफेक्ट होती है? आइए, जानते हैं इस बारे में Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी क्या कहते हैं।

क्या डिहाइड्रेशन की वजह से जिम परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है?

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Johns Hopkins Medicine में प्रकाशित एक लेख की मानें, तो यह पूरी तरह सच है कि डिहाइड्रेशन की वजह से जिम परफॉर्मेंस पर नेगेटिव असर पड़ता है। असल में, डिहाइड्रेटेड होने के कारण शरीर थकान और कमजोरी से भर जाता है। कुछ लोगों को डिहाइड्रेशन की वजह से सिरदर्द भी होता है। ऐसे में जिम में वर्कआउट करना किसी चुनौती की तरह हो जाता है। इस कंडीशन में रेगुलर फिजिकल एक्टिविट करने से मसल्स फटीग होने लगता है, जिससे चोट लगने का रिस्क भी बढ़ जाता है। Better Health Channel में प्रकाशित एक लेख से इस बात की पुष्टि भी होती है कि डिहाइड्रेशन की वजह से सिरदर्द, थकान, कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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डिहाइड्रेशन की वजह से जिम परफॉर्मेंस कैसे इफेक्ट होती है?

स्ट्रेंथ में कमी

इसका जिक्र हमने पहले ही किया है कि डिहाइड्रेशन की वजह से सिरदर्द, थकान और कमजोरी होने लगती है। ऐसे में अपने आप स्ट्रेंथ में कमी आने लगती है। जाहिर है, जब स्ट्रेंथ और पॉवर कम होगी, तो जिम में वर्कआउट करना आसान नहीं रह जाता है।

मसल्स क्रैंप

डिहाइड्रेशन न सिर्फ थकान और कमजोरी को बढ़ाता है, बल्कि मसल्स फटीग का कारण भी बनता है। जिम में वर्कआउट करते हुए मसल्स में दर्द होने लगता है। इस वजह से आप लंबे समय तक वर्कआउट करने में भी सक्षम नहीं रह जाते हैं। यही नहीं, डिहाइड्रेशन की वजह से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस हो जाता है, जिससे मसल्स इंपेयर हो जाते हैं और मसल्स इंजुरी का रिस्क भी बढ़ जाता है।

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धीमी रिकवरी

कहने की जरूरत नहीं है कि कई बार वर्कआउट के दौरान मसल्स इंजुरी या सामान्य चोट लगती है। अगर आप बैलेंस्ड डाइट लेते हैं, प्रोटीन इनटेक सही रखते हैं, तो इससे रिकवरी की गति भी सामान्य होती है। वहीं, अगर आप अक्सर डिहाइड्रेटेड रहते हैं, तो इसकी वजह से आपकी रिकवरी धीमी हो जाती है।

निष्कर्ष

जिम परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कई तरह के फैक्टर्स जिम्मेदार होते हैं। जैसे अगर आपने हाल-फिलहाल में जिम में वर्कआउट शुरू किया है, तो अपनी परफॉर्मेंस सुधारने में समय लग सकता है। जिम में रेगुलर वर्कआउट करना और इंस्ट्रक्टर की मदद से सही मूव्स करना ही आपकी जिम परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकता है। वहीं, अगर आप डिहाइड्रेशन का ध्यान नहीं रखते हैं, तो इससे भी आपकी जिम परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए बॉडी को हमेशा हाइड्रेटेड रखें।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या जिम से डिहाइड्रेशन हो सकता है?

    जिम से डिहाइड्रेशन हो सकता है अगर आप वर्कआउट करते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं। वैसे भी जिम में वर्कआउट करते हुए काफी पसीना बहता है। ऐसे में शरीर से इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस हो जाता है, जो कि बॉडी डिहाइड्रेट कर देता है।
  • जिम जाने के क्या-क्या नुकसान हैं?

    जिम जाने का अपने आपमें कोई नुकसान नहीं है। हां, अगर आप सही तरह से एक्सरसाइज नहीं करते हैं, तो मांसपेशियों में दर्द और चोटें, जोड़ों में दर्द, थकान, नींद की समस्या और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • डिहाइड्रेशन से जल्दी कैसे रिकवर करें?

    अगर आपकी बॉडी डिहाइड्रेटेड है, तो पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा, नींबू पानी, नारियल पानी, शिकंजी या अन्य पौष्टिक पेय पदार्थों का सेवन करना भी फायदेमंद हो सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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