Thu Oct 29, 2026 | 12:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

क्या पान खाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

Home Remedies for Mouth Ulcer: मुंह में छाले होने पर कुछ घरेलू उपचार कारगर तरीके से मददगार साबित हो सकते हैं। ऐसे में पान खाना, कैसे इन छाले के दर्द और उपचार में कारगर है, जानते हैं एक्सपर्ट से।
क्या पान खाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानेंक्या पान खाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें

मुंह में छाले, फूड इंफेक्शन और पेट की गर्मी की वजह से हो सकते हैं। ऐसे में खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है और कुछ लोग तक इस हद तक परेशान हो जाते हैं कि उन्हें बोलने में भी दिक्कत होती है। ऐसे में हर बार दवा लेने से अच्छा है कि आप कुछ घरेलू उपचारों को भी ट्राई करें जैसे पान। पान में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो कि मुंह के छालों को कम करने के साथ ओरल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। इसके अलावा भी पान खाने के कई फायदे हैं, जिस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की।

क्या पान खाने से मुंह के छाले ठीक होते हैं?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि पान खाने से मुंह के छाले ठीक कर सकता है। आगे डॉ. श्रेय बताते हैं कि बेसिकली पान में जो कत्था और जो सुपारी होता है वो माउथ अल्सर में कारगर तरीके से काम करता है। मतलब इसमें एस्ट्रिजेंट गुण होते हैं। इसका तिक्त कषाय रस मुंह के छाले को कम करने के साथ माउथ अल्सर के दर्द और जलन को कम करने में मददगार है। इसके अलावा भी पान में कई प्रकार के गुण होते हैं जो कि ओरल हेल्थ के लिए कारगर है, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

1. पॉलीफेनॉल और स्टेरोल से भरपूर है पान

पान के पत्ते में पॉलीफेनॉल और स्टेरॉल होते हैं, जो कि असल में एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होते हैं। यह मुंह के टिशूज को आराम पहुंचाते हैं और मामूली सतही संक्रमण को कम करते हैं। डॉ. श्रेय कहते हैं कि अक्सर छाने किसी इंफेक्शन की वजह से होते हैं, ऐसे में पान के यह दोनों गुण, इंफेक्शन को बढ़ने से रोकते हैं और छोलों को जल्दी ठीक होने में मदद करते हैं।

इसे भी पढ़ें: मुंह में बार-बार छाले होना इन 5 बीमारियों का संकेत हो सकता है, डॉक्टर से जानें कब हो जाएं सतर्क

2. पेट को ठंडक देता है पान

पान में पेट को ठंडक प्रदान करने वाले गुण होते हैं जो कि पेट ठंडा करने के साथ मुंह के छालों की जलन को भी कम करते हैं। इसके अलावा बनानेकी पारंपरिक विधि में गुलकंद का इस्तेमाल किया जाता है जो कि माउथ अल्स को कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा पान में दाला जाने वाला मेन्थॉल भी दर्द को कम करने और घाव को ठंडक पहुंचाने में मददगार है। जब आप इसे खाते हैं तो इसकी ठंडक माउथ अल्सर के दर्द और जलन को कम करने में मदद कर सकती है।

paanpaan

3. पान के मसाले भी हैं माउथ अल्सर में फायदेमंद

आमतौर पर पान में डाल जाने वाले मसाले जैसे इलायची, लौंग और सौंफ, यह सभी हल्के एस्ट्रिंजेंट के रूप में काम करते हैं। इलायची, लौंग और सौंफ, तीनों ही एंटीमाइक्रोबिल गुणों से भरपूर हैं जो कि माउथ अल्सर को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा लौंग की ठंडक, पेट को ठंडा करने के साथ दर्द से निजात दिलाने में मददगार है। डॉ. श्रेय कहते हैं कि सौंफ को हमेशा से ही ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है।

इसे भी पढ़ें: मुंह के छालों से हो गए हैं परेशान? इन 6 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से मिलेगा आराम

Biomed Research International में बताया गया है कि सौंफ में एनेथोल, फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड जैसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जिनमें हल्के एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। यह माउथ अल्सर को कम करने के साथ दर्द से निजात दिलाने में मददगार है।

Dental Research Journal की मानें, तो इलायची में सूजन-रोधी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होते हैं। इलायची के एसेंशियल ऑयल और अर्क में सिनेओल, फ्लेवोनोइड्स और टेरपेनॉइड्स जैसे सक्रिय यौगिक होते हैं, जो मुंह के टिशूज में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते है, जिससे इंफेक्शन के कारण प्रभावित माउथ टिशूज को आराम मिलता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आप मुंह में छाले होने पर पान खा रहे हैं तो आपको चूना और सुपारी से बचना चाहिए। दरअसल, चूने में कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और सुपारी में अत्यधिक क्षारीय (alkaline) गुण होता है। साथ ही सुपारी खुरदरी भी होती है। यह दोनों मुंह के कोमल टिशूज को जला सकते हैं, मुंह के छालों को बिगाड़ सकते हैं और जलन पैदा कर सकते हैं। इसलिए मुंह में छाले होने पर अगर आप पान खा रहे हैं तो इसमें इन दो चीजों के परहेज का ख्याल रखें।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर आपको रह-रहकर मुंह के छाले परेशान करते हैं या हर कुछ दिनों पर हो जाते हैं तो आपको अपने मुंह की पूरी जांच करवानी चाहिए। यह किसी विटामिन की कमी और शरीर की किसी समस्या से जुड़ी हो सकती है। साथ ही अगर मुंह का कोई छाला 2 से 3 सप्ताह के भीतर ठीक नहीं होता है, उससे खून आता है, या बहुत तेज दर्द होता है, तो घरेलू नुस्खों के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। इस समस्या को नजरअंदाज करना आपकी पूरी सेहत प्रभावित कर सकती है।

FAQ

  • मुंह में छाले किसकी कमी के कारण होते हैं?

    मुंह में छाले विटामिन बी12, फोलेट और जिंक जैसे विटामिन की कमी से हो सकते हैं। इसके अलावा पेट की गर्मी भी मुंह के छालों की वजह बन सकती है।
  • क्या पेट खराब होने से मुंह में छाले हो जाते हैं?

    अगर आपको लगातार एसिडिटी की दिक्कत रहती है या आपका पाचन क्रिया सही से काम नहीं करता है, साथ ही कब्ज की समस्या रहती है तो आपको मुंह के छाले परेशान कर सकते

Read Next

→ ये 5 जड़ी-बूटियां हाई यूरिक एसिड को कम करने में है कारगर, खुद आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताए हैं लाभ

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 29, 2026 11:29 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma