अनिद्रा की शिकायत हमारी जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है जिससे बचना संभव नहीं है, इसे केवल कंट्रोल किया जा सकता है। जिन लोगों को अनिद्रा की शिकायत होती है वे तरह-तरह के नुस्खों को आजमाते हैं और इन्हीं में से एक प्रचलित उपाय है कैमोमाइल चाय का सेवन। यह एक हर्बल चाय है जिसे कैमोमाइल पौधे के सूखे फूलों को गर्म पानी में भिगोकर बनाया जाता है। कैमोमाइल चाय में फ्लेवोनॉयड्स, कम मात्रा में कार्ब्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि क्या इस चाय का सेवन करने से वाकई अनिद्रा की शिकायत दूर होती है? बेहतर जानकारी के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
अनिद्रा का पक्का इलाज नहीं है कैमोमाइल
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कैमोमाइल चाय में एपिजेनिन (Apigenin) पाया जाता है जो कि एक तरह का फ्लेवोनॉयड है और इससे नर्वस सिस्टम को शांत रखने में मदद मिलती है जिससे रिलैक्स महसूस होता है, लेकिन इससे नींद न आने की समस्या दूर नहीं होती है। साल 2024 में Journal Of Complementary & Integrative Medicine में प्रकाशित एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, कैमोमाइल को डाइट में शामिल करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। हालांकि, कैमोमाइल से नींद की अवधि में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। स्टडी के अनुसार, कैमोमाइल को अनिद्रा का पक्का इलाज नहीं कहा जा सकता।
कैमोमाइल का अनिद्रा पर खास फर्क नहीं दिखा
साल 2011 में BMC Complementary And Alternative Medicine में प्रकाशित एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि कैमोमाइल एक्सट्रैक्ट लंबे समय तक अनिद्रा से जूझ रहे लोगों की नींद में सुधार करता है या नहीं। प्रतिभागियों को कैमोमाइल और प्लेसिबो दिया गया और नतीजों में कोई खास अंतर नहीं देखने को मिला।
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क्या कैमोमाइल चाय पीने से एंग्जाइटी दूर होती है?
कैमोमाइल चाय पीने से नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है, लेकिन यह एंग्जायटी का स्थायी इलाज नहीं हो सकता। कैमोमाइल टी को हेल्दी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। साल 2024 में Clinical Nutrition Research में प्रकाशित सिस्टेमैटिक रिव्यू के मुताबिक, 10 में से 9 अध्ययनों में कैमोमाइल लेने से एंग्जाइटी के लक्षणों में सुधार देखा गया। स्टडी में बताया गया कि कैमोमाइल टी नर्वस सिस्टम को सपोर्ट करता है, लेकिन इसे एंग्जाइटी का इलाज नहीं समझना चाहिए।
कैफीन फ्री ड्रिंक है
कैमोमाइल चाय में कैफीन नहीं होता। यही वजह है कि इसे रात के समय पीने वाले पेय के रूप में चुना जाता है। सोने से करीब 30 से 60 मिनट पहले एक कप कैमोमाइल चाय ले सकते हैं। इसे बहुत ज्यादा गर्म न पिएं और इसमें ज्यादा चीनी मिलाने से बचें।
अनिद्रा से बचने के लिए चुनें ये उपाय
कैमोमाइल चाय को नींद के लिए इस्तेमाल करते समय केवल चाय पर निर्भर रहने के बजाय सोने का समय तय रखना, रात में मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करना, शाम के बाद कैफीन से बचना और सोने से पहले शांत वातावरण बनाना भी जरूरी है।
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इन बातों का ध्यान रखें
- इसका सेवन करने से नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद मिलती है, लेकिन अनिद्रा की शिकायत के लिए यह सही इलाज नहीं है।
- इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है और यह कैफीन-फ्री ड्रिंक है इसलिए सेहत के लिए फायदेमंद है।
- कैमोमाइल के फूलों में फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) मौजूद होते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं।
किन लोगों को कैमाेमाइल टी के सेवन से बचना चाहिए?
- जो लोग ब्लड थिनर्स ले रहे हैं, उन्हें कैमोमाइल टी के सेवन से बचना चाहिए।
- जिन लोगों को कैमोमाइल टी से एलर्जी है उन्हें भी इससे बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को भी कैमोमाइल टी के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।
निष्कर्ष:
कैमोमाइल चाय का सेवन करने से अनिद्रा की समस्या दूर नहीं होती, लेकिन इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करते हैं जिससे बेहतर नींद के लिए शरीर को सपोर्ट मिलता है। कैफीन फ्री ड्रिंक होने के कारण इसे सोने से कुछ समय पहले पिया जा सकता है। कई लोग इसे एंग्जाइटी घटाने का तरीका भी मानते हैं, लेकिन इसे पीकर डिप्रेशन या तनाव कम नहीं होता। रात को अच्छी नींद लेने से स्ट्रेस घट सकता है। अच्छी नींद के लिए समय पर सोएं, स्क्रीन को दूर रखें और सोते समय अपने आस-पास शांत वातावरण बनाएं।
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FAQ
क्या कैमोमाइल चाय सिरदर्द में राहत देती है?
कैमोमाइल चाय सिरदर्द का सीधा इलाज नहीं है, लेकिन इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स से रिलैक्स महसूस होता है और सिरदर्द कम हो सकता है।क्या कैमोमाइल चाय के सेवन से सूजन घटती है?
कैमोमाइल चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस चाय को किसी खास शारीरिक लाभ के लिए पीने के बजाय हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
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Sep 23, 2026 15:32 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha
