Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

क्या एसिडिटी के कारण भी होता है हेयर लॉस? एक्सपर्ट से जानें

कई लोग यह श‍िकायत करते हैं क‍ि उन्‍हें अक्‍सर एस‍िड‍िटी रहती है और बाल भी तेजी से झड़ते हुए द‍िखते हैं। ऐसे में सवाल उठता है क‍ि क्‍या एस‍िड‍िटी से बाल झड़ते हैं? एस‍िड‍िटी एक पाचन समस्‍या है, जानें इसका संबंध हेयर लॉस के साथ है या नहीं?

आजकल एसिडिटी और हेयर फॉल दोनों ही बहुत आम समस्याएं बन चुकी हैं। गलत खानपान के कारण अक्‍सर लोग एस‍िड‍िटी का श‍िकार हो जाते हैं। कई लोग बार-बार होने वाली गैस, सीने में जलन और खट्टी डकारों से परेशान रहते हैं, वहीं दूसरी ओर बालों का झड़ना भी चिंता का कारण बनता जा रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या एसिडिटी के कारण हेयर लॉस हो सकता है? इस सवाल का जवाब जानने के ल‍िए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।

एस‍िड‍िटी के कारण पोषक तत्‍व के फायदे बालों को नहीं म‍िलते

एस‍िड‍िटी सीधे तौर पर हेयर लॉस का कारण नहीं बनती है, लेक‍िन खराब खानपान, पोषण की कमी, तनाव, नींद की कमी और पाचन से जुड़ी समस्याएं शरीर के साथ-साथ बालों की सेहत को भी प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक पाचन खराब रहने पर शरीर जरूरी पोषक तत्वों को सही तरीके से अब्‍जॉर्ब नहीं कर पाता जिसका असर बालों पर भी दिख सकता है। अगर पाचन लंबे समय तक खराब रहे, तो शरीर आयरन, प्रोटीन, विटामिन बी12 और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्वों की शरीर में कमी हो जाती है। ये पोषक तत्व बालों की मजबूती और ग्रोथ के लिए जरूरी होते हैं।

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खराब डाइजेशन और हेयर लॉस का संबंंध

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बालों की ग्रोथ एक ऐसी प्रक्रिया है ज‍िसके ल‍िए बालों की जड़ों को ग्रोथ फेज में बने रहने के लिए लगातार पोषक तत्व, ऑक्सीजन और सही मेटाबॉलिक संकेतों की जरूरत होती है। जब पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं करता, तो एक साथ तीन बड़ी समस्याएं हो सकती हैं-

  • शरीर जरूरी पोषक तत्वों को सही तरीके से अब्‍जॉर्ब नहीं कर पाता है।
  • मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है।
  • शरीर में सूजन और टॉक्सिन्स का जमाव बढ़ सकता है।

साल 2023 में Journal Of Clinical And Aesthetic Dermatology नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, पाचन तंत्र और स्कैल्प हेल्थ के बीच संबंध हो सकता है। स्‍टडी के मुताब‍िक, एसिडिटी, GERD, अपच और गट माइक्रोबायोम में गड़बड़ी जैसी समस्याएं पोषक तत्वों के अब्‍जॉर्ब होने की प्रक्र‍िया को प्रभावित कर सकती हैं जिसका असर बालों की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

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तनाव और गलत खानपान भी हैं हेयर लॉस के कारण

तनाव और चिंता कई लोगों में एसिडिटी को बढ़ा सकते हैं। यही तनाव बालों के झड़ने की समस्या को भी ट्रिगर कर सकता है। लगातार तनाव में रहने से हेयर फॉल बढ़ सकता है। बहुत ज्यादा जंक फूड, मसालेदार चीजें, तला-भुना भोजन और अनियमित खानपान एसिडिटी और हेयर फॉल दोनों से जुड़े हो सकते हैं। खराब डाइट बालों को जरूरी पोषण नहीं दे पाती है।

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हेयर लॉस से बचने के ल‍िए क्‍या करें?

  • प्रोटीन, आयरन, बायोटिन और विटामिन्स से भरपूर संतुलित आहार लें।
  • पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • बहुत ज्यादा तनाव लेने से बचें और अच्छी नींद लें।
  • बहुत टाइट हेयरस्टाइल बनाने से बचें, इससे बाल कमजोर हो सकते हैं।
  • अगर बाल तेजी से झड़ रहे हों, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।

निष्कर्ष:

एसिडिटी और हेयर लॉस का सीधा संबंध हमेशा नहीं होता, लेकिन एस‍िड‍िटी या पाचन समस्‍याओं के कारण पोषक तत्‍वों के फायदे बालों को नहीं म‍िल पाते ज‍िसके कारण हेयर लॉस हो सकता है। डाइजेशन को अच्‍छा रखें और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल फॉलो करें, तो बालों की समस्‍याओं से बच सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 26, 2026 19:03 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 26, 2026 19:03 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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