Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

डार्क चॉकलेट खाने से महिलाओं को मिलते हैं कई खास फायदे, एक्सपर्ट से जानें इनके बारे में

Benefits Of Dark Chocolate For Women: डार्क चॉकलेट खाने से महिलाओं के पीरियड क्रैंप्स कम होते हैं, मूड बेहतर होता है और स्किन को भी फायदे मिलते हैं। आखिर ऐसा होता क्यों है यानी चॉकलेट में मौजूद कौन-से तत्व लाभकारी हैं, जानें इस लेख में।

आमतौर पर लोग डार्क चॉकलेट को सिर्फ एक ट्रीट मानते हैं और सेलिब्रेशन के तौर पर इसका सेवन करते हैं,  लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए डार्क चॉकलेट बहुत फायदेमंद है? इसमें मौजूद तरह-तरह के पोषक तत्व महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हैं। अगर आप जानना चाहते हैं, कैसे? Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से जानें इसका जवाब।

महिलाओं के लिए डार्क चॉकलेट खाने के फायदे

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पीरियड्स क्रैंप्स में मददगार

जी, हां! आपने सही पढ़ा। वैसे भी आपने देखा होगा कि जब पीरियड के दिनों में महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग और क्रैंप्स होते हैं, तो अक्सर इससे निपटने के लिए उन्हें मीठे खाने की क्रेविंग होने लगती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम होता है, जो कि मसल्स को रिलैक्स करता है। साथ ही ब्लोटिंग को भी दूर भगाता है।

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मूड में सुधार

साल 2022 में The Journal of Nutritional Biochemistry में प्रकाशित रिसर्च पेपर के अनुसार, रोजाना कोको वाले डार्क चॉकलेट का सेवन किया जाए, तो इससे मूड बेहतर होता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि डार्क चॉकलेट के सेवन से तनाव, उदासी और चिड़चिड़ापन जैसी नकारात्मक भावनाओं में कमी आती है। वास्तव में जब आप 85 फीसदी वाले डार्क चॉकलेट का सेवन करते हैं, तो इससे आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है, जो आंत के स्वास्थ्य और मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है।

चमकदार त्वचा

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आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि डार्क चॉकलेट का सेवन करने से त्वचा की प्राकृतिक चमक में भी सुधार होता है। दरअसल, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, विशेषकर फ्लेवेनॉइड्स और पॉलीफेनोल्स होते हैं। ये तत्व त्वचा को बाहरी प्रदूषण और हानिकारक तत्वों से बचाव करते हैं। यही नहीं, सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन किया जाए, तो इसकी वजह से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और ऑक्सीजन सप्लाई भी बेहतर होती है। ऐसे में स्किन सेल्स में सभी जरूरी पोषक तत्व पहुंच जाते हैं, जो कि त्वचा की प्राकृतिक चमक को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं।

एक दिन में कितनी मात्रा में डार्क चॉकलेट का सेवन करें?

विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं के लिए एक दिन में 20 से 30 ग्राम यानी एक से दो छोटे स्क्वायर डार्क चॉकलेट का सेवन किया जाना पर्याप्त होता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर किसी को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है, जैसे एसिड रिफ्लक्स, कैफीन से एलर्जी और माइग्रेन, तो इसका सेवन करने से बचें। यही नहीं, अगर किसी को किडनी डिजीज है और कोई महिला ब्रेस्टफीड करा रही हैं या प्रेग्नेंट हैं, तो उन्हें भी डार्क चॉकलेट नहीं खाना चाहिए।

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निष्कर्ष

डार्क चॉकलेट सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सेहत में सुधार करते हैं, स्किन के नेचुरल ग्लो को बढ़ाते हैं। इसके बावजूद, यह ध्यान रखें कि किसी भी चीज की अति सही नहीं है। इसी तरह, डार्क चॉकलेट का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करें। हां, अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डाॅक्टर से सलाह लेकर इसका सेवन किया जा सकता है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या मेनोपॉज के दौरान डार्क चॉकलेट खाना फायदेमंद है?

    मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को मूड स्विंग्स होते हैं। डार्क चॉकलेट में मौजूद मैग्नीशियम और जिंक मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। 
  • क्या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं डार्क चॉकलेट खा सकती हैं?

    ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को डार्क चॉकलेट का सेवन करने से बचना चाहिए। इसमें कैफीन और थियोब्रोमाइन जैसे तत्व होते हैं, जो ब्रेस्ट मिल्क के माध्यम से बच्चे तक पहुंच सकते हैं, जो कि उनकी नींद को बाधित कर सकता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 09, 2026 08:29 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 09, 2026 08:29 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi

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