कई लोग थायराइड से परेशान रहते हैं। यह समस्या आम हो चुकी है। थायराइड की हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइडिज्म जैसीदोनों ही स्थितियों में व्यक्ति को थकान होने, वजन में बदलाव आने, घबराहट होने, बेचैनी होने, स्किन के ड्राई होने और सुस्ती होने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में हेल्दी डाइट लेना बेहद जरूरी हो जाता है। कई लोग अपने दिन की शुरुआत कॉफी के साथ करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती तो है, लेकिन कुछ स्थितियों में परेशानी का कारण भी बन सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या थायराइड की स्थिति में कॉफी का सेवन किया जा सकता है? Ms Pravalika Londe, Senior Clinical Nutritionist, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन दोनों का कहना है कि थायराइड में इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है।
कॉफी थायराइड के लिए सही है या नहीं?
Ms Pravalika Londe के अनुसार, “हाइपोथायराइडिज्म (जब थायराइड हार्मोन कम बनता है) और हाइपरथायराइडिज्म (जब थायराइड हार्मोन ज्यादा बनता है) दोनों ही स्थितियों में कॉफी का सेवन किया जा सकता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और सावधानियों के साथ लेना चाहिए। इस दौरान कॉफी का सेवन सही मात्रा में और सही समय पर ही करना चाहिए। यह पूरी तरह से व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।”
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैनके अनुसार, “थायराइड की दोनों ही स्थिति में कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में और सावधानियों के साथ किया जा सकता है। लेकिन इसका अधिक सेवन करने से बचें।”
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हाइपोथायराइडिज्म में कॉफी के प्रभाव
Ms Pravalika Londeके अनुसार, “हाइपोथायराइडिज्म में शरीर की गतिविधियां धीमी हो जाती हैं। इसके कारण व्यक्ति को सुस्ती होने, थकान होने, काम पर फोकस करने में परेशानी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं होती हैं। इस स्थिति में कॉफी का सेवन करने से ब्रेन को एक्टिव करने, सतर्कता यानी अलर्टनेस बढ़ सकती है और थकान कम महसूस हो सकती है।”
“लेकिन ध्यान रहे, अगर आप कॉफी को लेवोथायरॉक्सिन (Levothyroxine) या एल्ट्रॉक्सिन (Eltroxin) जैसी थायराइड की दवा के तुरंत बाद पीते हैं और इनके बीच अंतर नहीं रखते हैं, तो शरीर में यह दवा के असर को कम कर सकती है। ऐसा करने से शरीर में दवा का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता है। इसलिए जरूरी है कि दवा लेने के बाद कम से कम 60 मिनट का अंतर रखकर ही कॉफी पिएं।”
2023 में Frontiers In Endocrinology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रोज 2 कप से कम कॉफी पीने से सबक्लिनिकल हाइपोथायराइडिज्म का खतरा कम हो जाता है।

हाइपोथायराइडिज्म ज्यादा कॉफी पीने के नुकसान
Ms Pravalika Londe के अनुसार, “इस स्थिति में कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। अगर इसका अधिक सेवन किया जाए तो चिंता (एंग्जायटी) बढ़ सकती है, नींद खराब हो सकती है और पाचन पर भी असर पड़ सकता है। ये सभी चीजें धीरे-धीरे हाइपोथायराइडिज्म के लक्षणों को और खराब कर सकती हैं।
- बढ़ती है एंग्जायटी
- नींद होती है खराब
- पाचन तंत्र होता है प्रभावित
इस दौरान अगर व्यक्ति की नींद पूरी नहीं होती है तो थकान और भी ज्यादा महसूस होने लगती है।”
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हाइपरथायराइडिज्म में कॉफी का प्रभाव
Ms Pravalika Londe के अनुसार, “हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति में शरीर पहले से ज्यादा एक्टिव होता है। इस दौरान कॉफी, (जिसमें कैफीन होता है।) का सेवन करने से हाइपरथायराइडिज्म के कारण होने वाले हार्टबीट तेज होने, घबराहट होने, बेचैनी होने, नींद में बाधा आने और पसीना आने जैसे लक्षणों को और भी बढ़ा सकता है। इस समस्या से परेशान लोगों को कॉफी के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
इस स्थिति में कॉफी का सेवन और ज्यादा सावधानी से करना चाहिए। अगर हाइपरथायराइडिज्म में बहुत ज्यादा कॉफी पी जाए, तो इससे दिल की धड़कन (पल्पिटेशन) और नींद से जुड़ी समस्या बढ़ सकती है, जो कि पूरे स्वास्थ्य और रिकवरी पर असर डालती है।”
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थायराइड की दोनों स्थितियों में कॉफी की सही मात्रा
Ms Pravalika Londe के अनुसार, “हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म दोनों ही स्थितियों में कॉफी का सेवन सीमित मात्रा में करना सेफ माना जाता है। इस दौरान व्यक्ति दिन में 1 से 2 कप कॉफी तक पी सकता है। इसके अलावा, ध्यान रहे, शाम या रात में कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए। लेकिन हर व्यक्ति की सहनशीलता अलग-अलग हो सकती है। बता दें, रात में कॉफी पीने से नींद प्रभावित होती है, जिससे शरीर को आराम नहीं मिल पाता और थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।”
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, “कॉफी पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसे समझदारी के साथ लेना चाहिए। कॉफी का सेवन दिन में 1-2 कप तक किया जा सकता है, लेकिन अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी कोई भी परेशानी है, तो कॉफी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।”
कॉफी पीते समय इन बातों का रखें ध्यान
Ms Pravalika Londe के अनुसार, "थायराइड में कॉफी पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसका सेवन खाली पेट नहीं करना चाहिए। अच्छे स्वास्थ्य के लिए हमेशा बैलेंस्ड लाइफस्टाइल को फॉलो करें। साथ ही, डॉक्टर की सही सलाह के अनुसार ही कॉफी का सेवन करना बेहतर होता है। इसके अलावा, कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए -
- दवा लेने के तुरंत बाद तो बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए।
- कॉफी और दवाइयों के बीच कम-से-कम 60 मिनट का अंतर जरूर रखें।”
2025 के The Link Between Coffee and Health किताब में बताया गया है कि कॉफी और दवाइयों के इंटरेक्शन (Interactions) से दवा का प्रभाव कम या ज्यादा हो सकता है। क्लिनिकल नजरिए से ऐसी कई स्थितियां हैं जब कॉफी का सेवन सीमित करना या दवा और कॉफी के बीच अंतर रखना जरूरी हो जाता है। ऐसे में इनके इंटरेक्शन से होने वाले खतरे या साइड इफेक्ट को कम करने के लिए कैफीन की अधिक मात्रा से बचना चाहिए।
खाली पेट कॉफी क्यों नहीं पीनी चाहिए?
खाली पेट कॉफी का सेवन करने से व्यक्ति को एसिडिटी और पेट में जलन होने की समस्या बढ़ सकती हैं। साथ ही, पाचन तंत्र पर बुरा असर हो सकता है।
2025 के Bioedunis Journal के अनुसार, कॉफी का अधिक सेवन करने से पाचन से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसमें गैस्ट्रिक जलन और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल असुविधा शामिल है।
डॉक्टर से कब मिलें?
थायराइड की स्थिति में कॉफी का सेवन करने पर जी मिचलाने, दिल की धड़कन के तेज होने, नींद न आने और बेचैनी होने कॉफी का सेवन करने से बचें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलावा, थकान, कमजोरी, स्किन के ड्राई होने, बेचैनी और घबराहट होने पर भी डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष
थायराइड की स्थिति में कॉफी का सेवन करना पूरी तरह नुकसानदायक नहीं होता है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। ध्यान रहे, कॉफी और दवा के बीच 1 घंटे का अंतर रखें, दिन में 1-2 से ज्यादा कप कॉफी का सेवन करने से बचें, खाली पेट कॉफी न पिएं। इसके अलावा, हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में अगर शरीर ज्यादा एनर्जेटिक लगे या हाइपरथायराइडिज्म की स्थिति में इसके लक्षण बढ़ते दिखें तो इन समस्याओं को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। थायराइड की स्थिति में बैलेंस लाइफस्टाइल को फॉलो करें।
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FAQ
कॉफी किसे नहीं पीनी चाहिए?
हाई ब्लड प्रेशर, एसिडिटी, अल्सर, एंग्जायटी और अनिद्रा होने जैसी समस्या में व्यक्ति को कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।थायराइड बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए?
थायराइड की स्थिति में व्यक्ति को कच्ची गोभी, ब्रोकली, सोया दूध, सोयाबीन,चीनी, प्रोसेस्ड फूड, कैफीन, ऑयली फूड्स और मैदा जैसे फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए।थायराइड में क्या खाना चाहिए?
थायराइड में व्यक्ति को आयोडीन, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों से युक्त फल, सब्जियों, साबुत अनाज और नट्स को डाइट में शामिल करें। इनसे स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।थायराइड में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए?
थायराइड की स्थिति में आड़ू, स्ट्रॉबेरी और नाशपाती जैसे फलों का सेवन करने से बचना चाहिए। खासकर हाइपोथायराइडिज्म की स्थिति में।
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Apr 23, 2026 23:04 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 23, 2026 23:04 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain