Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या यूरिक एसिड में घी खा सकते हैं? एक्सपर्ट से जानें

हाई यूरिक एसिड में घी का सेवन किया जा सकता है क्योंकि इसमें प्यूरिन नहीं होता। लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही लें। जानें घी के फायदे, नुकसान और सही मात्रा।

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कई लोग हाई यूरिक एसिड की समस्या से परेशान रहते हैं, जो एक आम समस्या है। इसके कारण लोगों को जोड़ों में दर्द होने, सूजन आने, लाल होने और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे राहत के लिए अक्सर लोगों को बैलेंस डाइट लेने और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान कई लोग घी का सेवन भी करते हैं, लेकिन क्या वाकई में हाई यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित व्यक्ति घी का सेवन कर सकता है? इस स्थिति में घी खाना सही है या नहीं? Ms Pravalika Londe, Senior Clinical Nutritionist, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन दोनों ही बताती हैं कि घी में बहुत से पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। लेकिन इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

क्या यूरिक एसिड में घी खा सकते हैं?

Ms Pravalika Londe के अनुसार, "हां, हाई यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित लोग घी का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसे कम मात्रा में बैलेंस डाइट के साथ लें। घी एक हेल्दी फैट है और इसमें प्यूरिन नहीं होता है। यह स्वास्थ्य के लिए कई तरीकों से फायदेमंद है। बता दें, प्यूरिन एक वेस्ट प्रोडक्ट है, जो शरीर में टूटकर यूरिक एसिड बनाता है, इसलिए घी सीधे तौर पर यूरिक एसिड के स्तर को नहीं बढ़ाता है।"

2022 में Nutrients में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, शरीर में दो-तिहाई प्यूरिन खुद बनता है, जबकि कुछ हिस्सा हमें खाने-पीने की चीजों से मिलता है।

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डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, "हाई यूरिक एसिड की स्थिति में घी खाया जा सकता है। इससे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर नहीं बढ़ता है, लेकिन ध्यान रहे, इसे सीमित मात्रा में ही लें। घी से पाचन में सुधार करने में भी मदद मिलती है।"

2024 में Journal of Ayurveda and Integrative Medicine के रिव्यू के अनुसार, घी में 99.5% फैट और 0.5% मॉइस्चर होता है। इसका मतलब यह है कि घी में प्रोटीन नहीं होता या न के बराबर होता है और प्यूरिन प्रोटीन के टूटने से बनता है। इसलिए घी में प्यूरिन नहीं होता।

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पाचन और मेटाबॉलिज्म में सुधार करे

Ms Pravalika Londe कहती हैं कि, "घी का सेवन मॉडरेट यानी सीमित मात्रा में करना चाहिए। इससे पाचन और मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है, जिससे यूरिक एसिड के स्तर को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।" बैलेंस डाइट में घी का सेवन करने से यह शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करता है। बेहतर मेटाबॉलिज्म के कारण यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित रखना आसान हो सकता है, जिससे जोड़ों के दर्द की समस्या भी कम हो सकती है।

सूजन कम करे

घी में मौजूद शॉर्ट चेन फैटी एसिड (SCFAs) और कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड (CLA) के कारण इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये गुण गठिया (गाउट) जैसी समस्या में होने वाले जोड़ों के दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। घी का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

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ज्यादा घी खाने से हो सकती है परेशानी 

Ms Pravalika Londe के अनुसार, "घी का सेवन करना फायदेमंद होता है, लेकिन अगर घी का सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।" 

बढ़ सकता है वजन

Ms Pravalika Londe आगे बताती हैं कि, "ज्यादा घी खाने से वजन बढ़ सकता है। ज्यादा वजन होने के कारण शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने और गाउट अटैक के खतरे को बढ़ाता है।"

मेटाबॉलिज्म होता है प्रभावित

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन बताती हैं कि, चाहे वह हेल्दी फैट ही क्यों न हो, ज्यादा मात्रा में फैट लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो सकता है। इसके कारण शरीर के यूरिक एसिड को बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है, जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बढ़ने का कारण बन सकता है।

यूरिक एसिड में कितनी मात्रा में घी लेना सही है?

Ms Pravalika Londeबताती हैं कि, “घी का सेवन सीमित मात्रा में करना फायदेमंद होता है। आमतौर पर रोज लगभग 1/2 चम्मच तक घी लेना सही माना जाता है, हालांकि यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और डाइट पर भी निर्भर करता है। इसलिए बेहतर है जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही घी का सेवन करें।” इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर, पाचन की समस्या और हार्ट से जुड़ी समस्याएं हैं, तो इन लोगों को घी का सेवन डॉक्टर के बताए अनुसार ही करना चाहिए। 

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घी का इस्तेमाल कैसे करें?

डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन कहती हैं कि, ध्यान रहे, घी का इस्तेमाल एक्स्ट्रा फैट के रूप में नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे मक्खन या प्रोसेस्ड ऑयल जैसे अनहेल्दी फैट्स की जगह इस्तेमाल करना चाहिए। 

यूरिक एसिड में घी खाने के साथ इन बातों का रखें ध्यान

Ms Pravalika Londe बताती हैं कि, "घी यूरिक एसिड की स्थिति में नुकसानदायक नहीं है। अगर इसे सीमित मात्रा में हेल्दी डाइट के साथ शामिल किया जाए तो।” घी खाने के साथ कुछ बातों का खास ध्यान रखना भी जरूरी हो जाता है।

  • घी को हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त फूड्स के साथ शामिल करें। 
  • शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें।
  • लो प्यूरिन युक्त फूड्स को खाएं।
  • नियमित रूप से हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
  • वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

हाई यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित व्यक्ति को अगर घी खाने पर परेशानी होने या कोई दूसरा फूड खाने से एलर्जी होने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा भी अगर किसी व्यक्ति को यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने के कारण जोड़ों में अचानक से तेज दर्द होने, लाल होने, सूजन आने, अकड़न होने, पैरों के अंगूठे और टखनों में दर्द होने, चलने-फिरने में परेशानी होने, स्किन के रंग में बदलाव आने, बार-बार यूरिन आने, यूरिन में जलन होने, यूरिन से खून आने, पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने और किडनी स्टोन की समस्या महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके। इसके अलावा, इस दौरान डॉक्टर की सलाह के साथ ही डाइट लें। 

निष्कर्ष

हाई यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित लोग घी का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। घी में प्यूरिन नहीं होता है। इसका सेवन करने से पाचन में सुधार करने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए बैलेंस डाइट लें, नियमित एक्सरसाइज करें, पर्याप्त पानी पिएं, कम प्यूरिन वाला खाना खाएं और वजन को नियंत्रित रखें। ध्यान रहे, हाई यूरिक एसिड की समस्या के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की कोशिश करें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • यूरिक एसिड में घी खाना चाहिए या नहीं?

    यूरिक एसिड में घी का सेवन सीमित मात्रा में किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रहे, इसका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें। ऐसा करने से स्वास्थ्य को नुकसान भी हो सकता है।
  • यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए?

    यूरिक एसिड की स्थिति में डाइट में आंवला, संतरा, चेरी, जामुन, तोरी, लौकी, दलिया और ओट्स जैसे साबुत अनाज, दूध और दही जैसे फूड्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। इससे स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। 
  • शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के क्या लक्षण हैं?

    शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को जोड़ों में दर्द होने, रेडनेस होने, जोड़ों में सूजन आने, पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने, बार-बार यूरिन आने और यूरिन में बदलाव आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • यूरिक एसिड में क्या परहेज करना चाहिए?

    हाई यूरिक एसिड के कारण व्यक्ति को रेड मीट, सीफूड, अल्कोहल, शुगरी ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड्स और प्यूरिन युक्त फूड्स का सेवन करने से बचें। इन फूड्स से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • यूरिक एसिड का दर्द कहां-कहां होता है?

    शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर व्यक्ति को घुटनों, अंगूठे और पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है। हाई यूरिक एसिड के कारण शरीर के इन हिस्सों को छूने से भी दर्द होता है। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 23, 2026 22:11 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Apr 23, 2026 22:11 IST

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