यूरिक एसिड बढ़ने पर हर व्यक्ति को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। खासकर, शराब का सेवन तो कभी नहीं करना चाहिए। फिर भी आपने देखा होगा कि ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो यूरिक एसिड बढ़ने पर शराब का सेवन करते हैं। वैसे तो शराब का सेवन किसी को भी नहीं करना चाहिए। इसका हमारे ओवर ऑल हेल्थ पर बहुत बुरा असर पड़ता है। हम इस लेख में VNA Hospital के यूरोलॉजी, सेक्सोलॉजी और इनफर्टिलिटी विभाग के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. विनीत मल्होत्रा से जानेंगे कि हाई यूरिक एसिड में शराब पीने से क्या होता है और शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है?
यूरिक एसिड में शराब का क्या असर होता है?
हाई यूरिक एसिड होने पर शराब का सेवन करने से कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती हैं, जैसे-
गाउट पेन का बढ़ना

यूरिक एसिड के बढ़ने की वजह से गाउट पेन बढ़ सकता है। The Lancet Journal और The American Journal of Medicine में प्रकाशित रिपोर्टों से पता चलता है कि हाई यूरिक एसिड में शराब का सेवन करने की वजह से गाउट का दर्द बढ़ सकता है। वैसे भी शराब और गाउट पेन का आपस में गहरा संबंध हैं। रिपोर्टों में बताया गया है कि शराब का सेवन करने से डोज-रिस्पॉन्स प्रभाव पैदा होता है। इसे सरल शब्दों में समझें कि कोई व्यक्ति जितना ज्यादा शराब पिएगा, गाउट (जोड़ों के दर्द) का जोखिम भी उतना ही ज्यादा बढ़ेगा।
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यूरिक एसिड बाहर न निकल पाना
Frontiers In Nutrition Journal में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार जब शरीर से पर्याप्त मात्रा में यूरिक एसिड बाहर नहीं निकल पाता है, तभी इसका स्तर बढ़ता है। शराब का सेवन करने से यही समस्या होने लगती है। असल में, शराब का सेवन करने से लैक्टिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। जानकारी के लिए बता दें कि लैक्टिक एसिड शरीर में बनने वाला एक बाई प्रोडक्ट है। शरीर शराब को मेटाबोलाइज करते समय लैक्टिक एसिड का उत्पादन बढ़ा सकता है, जिससे इसकी मात्रा बढ़ जाती है। बहरहाल, लैक्टिक एसिड और यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने की वजह से किडनी की यूरिक एसिड निकालने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोतरी
Metabolism - Clinical and Experimental में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शराब का सेवन करने से न सिर्फ यूरिक एसिड का प्रोडक्शन बढ़ने लगता है, बल्कि इसे बाहर निकलने से भी रोकता है। दरअसल, जब शराब पीने से लिवर इसे तोड़ने में जुट जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान शरीर में प्यूरिन के टूटने की गति तेज हो जाती है। नतीजतन यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोतरी होने लगती है। यही नहीं, शराब की वजह से किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कमजोर हो जाती है। इसी वजह से जिस रफ्तार से यूरिक एसिड बनता है, उस गति से फिल्टर नहीं होता है और शरीर में इसकी मात्रा बढ़ती रहती है।
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बॉडी का डिहाइड्रेट होना
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आपने नोटिस किया होगा कि शराब का सेवन करने से पेशाब की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है। ऐसे में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करके नहीं निकाल पाती है। 2005 में Clinica Chimica Acta में प्रकाशित जर्नल के अनुसार बार-बार पेशाब आने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी की कमी होने पर ब्लड में यूरिक एसिड का वॉल्यूम बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में नुकीले क्रिस्टल बनने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। नतीजतन, जोड़ों में दर्द, अर्थराइटिस आदि समस्याएं होने लगती हैं।
स्वास्थ्य से जुड़े अन्य खतरे
नियमित शराब और हाई यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने की वजह से सिर्फ गाउट या जोड़ों में दर्द की शिकायत नहीं होती है। यह कॉम्बीनेशन किडनी डिजीज और हृदय रोगों के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
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क्या सभी तरह की शराब यूरिक एसिड बढ़ाती है?
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डॉ. विनीत मल्होत्रा की मानें, तो हर तरह की शराब ही सेहत को नुकसान पहुंचाती है। हालांकि, यूरिक एसिड के स्तर में बढ़ोतरी की बात करें, तो बीयर सबसे ज्यादा हानिकारक मानी जाती है। असल में इसमें सबसे ज्यादा मात्रा में प्यूरिन होता है। इसलिए, अगर किसी को पहले से ही यूरिक एसिड से जुड़ी प्रॉब्लम है, तो उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। 2015 में The American Journal of Medicine में प्रकाशित स्टडी की मानें, तो व्हिस्की या रम भी यूरिक एसिड के लेवल को बढ़ा देते हैं। आपने देखा होगा कि कुछ लोग कभी-कभी शराब का सेवन करते हैं। उन्हें लगता है कि कभी-कभार शराब पीने से यूरिक एसिड पर असर नहीं पड़ता है, जबकि ऐसा नहीं है। सच्चाई यह है कि कभी-कभार शराब पीने से भी गाउट के लक्षण उभर सकते हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने पर कितनी मात्रा में शराब पी सकते हैं?
हाई यूरिक एसिड में शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित है। इस स्थिति में शराब नहीं पी जानी चाहिए। इससे किडनी और लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसका असर पूरे स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेषकर, गाउट पेन बढ़ सकता है। यह रोजमर्रा के कामकाज में भी अड़चनें पैदा कर सकता है। वैसे भी शराब पीने से बॉडी डिहाइड्रेट होती है और किडनी फंक्शन पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में किडनी यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालने के बजाय उसे वापस ब्लड में भेजने लगती है। इससे जोड़ों में क्रिस्टल जमा होने लगते हैं, जो कि गाउट (Gout) या जोड़ों में दर्द का कारण बनते हैं।
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क्या शराब पीने की आदतें बदलने से यूरिक एसिड का स्तर संतुलित हो सकता है?
हाई यूरिक एसिड होने पर शराब पीना बिल्कुल सही नहीं है। हां, अगर शराब पीने की अपनी आदतों में सुधार किया जाए, तो इसका पॉजिटिव असर सेहत पर पड़ सकता है। शराब छोड़ने या कम करने से शरीर में यूरिक एसिड प्रोडक्शन के स्तर में कमी आ सकती है। असल में, जब शराब (खासकर बीयर और डिस्टिल्ड लिकर) का सेवन कम या बंद कर दिया जाए, तो प्यूरिन प्रोडक्शन कम हो जाता है। शराब छोड़ने से किडनी भी अच्छी तरह से काम कर पाती है और रक्त से अतिरिक्त यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में सक्षम होती है। यही नहीं, डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं, "शराब से दूरी बनाने पर शरीर में हाइड्रेशन के स्तर में सुधार होता है, जो क्रिस्टल्स को बनने से रोकने में मदद करता है। हालांकि, सिर्फ आदत बदलना काफी नहीं है। इसके साथ-साथ संतुलित आहार, रेगुलर एक्सरसाइज और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी होता है। शराब को पूरी तरह छोड़कर हेल्दी जीवनशैली अपनाने पर कुछ ही हफ्तों में यूरिक एसिड के स्तर में गिरावट देखी जा सकती है, जिससे गाउट और जोड़ों के दर्द का जोखिम कम हो जाता है।"
शराब पीने से यूरिक एसिड बढ़ने पर कब जाएं डॉक्टर के पास

हाई यूरिक एसिड जैसी स्थिति में शराब पीने की वजह से शरीर में कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे जोड़ों में तेज दर्द होना, रेडनेस, पैर के अंगूठों में दर्द होना, पेशाब के दौरान जलन या पीठ दर्द होना। ये सभी ऐसे लक्षण हैं, जो बता रहे हैं कि शराब पीने की वजह से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। इस स्थिति में बहुत जरूरी है कि व्यक्ति जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाए और अपना इलाज कराए। डॉक्टर यह सलाह भी देते हैं कि अगर पहले से ही किसी को हाई यूरिक एसिड में शराब पीने की वजह से किसी भी तरह की शारीरिक समस्या हो, तो उन्हें पहली फुर्सत में प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए। इस संबंध में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
निष्कर्ष
यूरिक एसिड बढ़ना अपने आप में एक गंभीर समस्या है, क्योंकि यह न सिर्फ जोड़ों में दर्द और गाउट जैसी समस्याओं को बढ़ाता है। इसके साथ-साथ किडनी और लिवर फंक्शन भी प्रभावित होते हैं। वहीं, अगर कोई यूरिक एसिड में शराब का सेवन भी करता है, तो यह बिल्कुल सही नहीं है। शराब पीने से किडनी और लिवर फंक्शन धीमे हो जाते हैं, जिससे यूरिक एसिड शरीर से बाहर नहीं निकल पाता है और दूसरी ओर इनका प्रोडक्शन भी बढ़ता रहता है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कोशिश करें कि अपनी जीवनशैली में सुधार करें और शराब पीने से बुरी आदतों को बदल दें।
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FAQ
यूरिक एसिड बार-बार क्यों बढ़ता है?
हाई यूरिक एसिड या हाइपरयूरिसेमिया का मुख्य कारण प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे रेड मीट, दालें, शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना है। इसके अलावा, जब किडनी सही तरह से यूरिक एसिड को फिल्टर करके शरीर से बाहर नहीं निकाल पाता है, तब भी इसका स्तर बढ़ने लगता है।यूरिक एसिड को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?
यूरिक एसिड बनना एक प्रक्रिया है। इसे पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है। आप इसे अपनी जीवनशैली की मदद से संतुलित बनाए रख सकते हैं, जैसे नियमित रूप से खूब पानी पिएं, प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थ से दूर रहें, रोजाना व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें आदि।क्या यूरिक एसिड बढ़ने पर बीयर पीना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर बीयर का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। बीयर में प्यूरिन होता है, जो कि शरीर में यूरिक एसिड के उत्पादन को तेजी से बढ़ाती है।क्या वाइन पीना बीयर के मुकाबले सुरक्षित है?
वाइन पिएं या बीयर, दोनों ही गाउट की कंडीशन को खराब कर सकते हैं। अगर किसी को गाउट की समस्या है तो उन्हें किसी भी तरह का हार्ड ड्रिंक नहीं लेना चाहिए, चाहे बियर हो या वाइन। इससे यूरिक एसिड की समस्या बढ़ सकती है।क्या शराब छोड़ने से यूरिक एसिड का स्तर कम हो सकता है?
हां, शराब छोड़ने से यूरिक एसिड के स्तर में बदलाव देखा जा सकता है। इससे न केवल जोड़ों के दर्द कम हो जाते हैं, बल्कि किडनी को भी डैमेज होने से बचाया जा सकता है।
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Apr 22, 2026 16:05 IST
Modified By : Meera Tagore Apr 22, 2026 16:05 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Vineet Malhotra