Thu Nov 5, 2026 | 01:26 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

बालों की जड़ों में छोटे-छोटे दाने और पस क्यों बनते हैं, क्या इससे परमानेंट बाल झड़ सकते हैं?

बालों की जड़ों में दाने और पस बनने लगे, तो यह सही स्थिति नहीं है। ऐसे में हेयर फॉल बढ़ सकता है और यह स्थायी समस्या भी हो सकती है।
बालों की जड़ों में छोटे-छोटे दाने और पस क्यों बनते हैं, क्या इससे परमानेंट बाल झड़ सकते हैं?
बालों की जड़ों में छोटे-छोटे दाने और पस क्यों बनते हैं, क्या इससे परमानेंट बाल झड़ सकते हैं?

आपने कई बार नोटिस किया होगा कि बालों की जड़ों में छोटे-छोटे दाने और पस हो जाते हैं। इनमें खुजली के साथ-साथ दर्द भी होने लगता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह की समस्या बालों की जड़ों में क्यों होने लगती है और क्या इसकी वजह से परमानेंट हेयर लॉस भी होता है?

इस बारे में राजौरी गार्डन स्थित Advanced Skin Clinic की Founder, Aesthetic Physician, Cosmetologist And Skin Specialist डॉ. करुणा मल्होत्रा बताती हैं, "स्कैल्प पर दाने होने के पीछे कई तरह के कारण होते हैं, जैसे स्कैल्प फॉलिकुलिटिस, स्कैल्प एक्ने और एलर्जिक रिएक्शन आदि। वैसे तो इन समस्याओं में दाने सही ट्रीटमेंट की मदद से ठीक हो जाते हैं। अगर दाने गंभीर हैं और लंबे समय तक इसका इलाज न किया जाए, तो संभवतः स्थायी रूप से हेयर लाॅस हो सकता है।"

बालों की जड़ों में छोटे-छोटे पस वाले दाने बनने के कारण

Can Small Bumps With Pus On The Scalp Cause Permanent Hair LossCan Small Bumps With Pus On The Scalp Cause Permanent Hair Loss

  • स्कैल्प फॉलिकुलिटिसः यह समस्या तब होती है, जब सिर के बालों की जड़ों में बैक्टीरिया, फंगस (ईस्ट) या छोटे कीटाणुओं की वजह से इंफेक्शन हो जाता है। इसमें बालों की जड़ों के पास लाल, दर्द वाले, खुजलीदार या पस भरे दाने हो जाते हैं। इसकी वजह से हेयर लाॅस भी हो सकता है।
  • स्कैल्प एक्नेः जब स्कैल्प में अतिरिक्त सीबम यानी प्राकृतिक तेल का उत्पादन बढ़ जाता है, पसीना या हैवी हेयर प्रोडक्ट का उपयोग किया जाता है, तो स्कैल्प में अपने आप दाने होने लगते हैं। इससे भी सिर में फुंसियां या सफेद दाने हो जाते हैं।
  • कांटेक्ट डर्मेटाइटिस या एलर्जीः यह समस्या भी हेयर प्रोडक्ट के ओवर यूज करने की वजह से होती है। इसमें हेयर डाई, शैंपू या अन्य हेयर प्रोडक्ट्स का यूज करना शामिल हैं। असल में, इन प्रोडक्ट्स में कई तरह के केमिकल का उपयोग होता है, जो कि स्कैल्प में रिएक्शन कर तेज खुजली और दाने होने का कारण बनते हैं।

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टेम्प्रेरी हेयर लाॅस Vs परमानेंट हेयर लाॅस

विशेषता टेम्प्रेरी हेयर लाॅस परमानेंट हेयर लाॅस
अस्थायी बालों का झड़ना जब समस्या सिर्फ त्वचा की ऊपरी सतह तक सीमित हो, तो इसमें हेयर फाॅल अस्थायी होता है।

यह समस्या तब होती है, जब इंफेक्शन ने स्कैल्प को गहराई तक प्रभावित किया है और समय पर उसका ट्रीटमेंट भी न हुआ हो।

फॉलिकल्स पर असर आमतौर पर सिर पर होने वाले पस वाले दानों के कारण जड़ें प्रभावित नहीं होती हैं। हालांकि, समस्या के कारण स्कैल्प में सूजन आ जाती है, लेकिन जड़ें नष्ट नहीं होती हैं। इसमें सू जड़ें तक नष्ट हो जाती हैं और प्रभावित हिस्से में गहरे निशान बनजन इतनी बढ़ जाती है कि समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इससेने लगते हैं।
झड़ने का लक्षण  इसमें हेयर फाॅल बढ़ जाता है और बाल पतले तथा बेजान भी हो जाते हैं, लेकिन स्कैल्प को स्थायी लाॅस नहीं होता है। जब समस्या गंभीर रूप ले ले तो जड़ें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। ऐसे में प्रभावित हिस्से में बाल उगना बंद कर देते हैं।
दोबारा बाल उगने की संभावना

जैसे-जैसे रिकवरी होती जाती है, वैसे-वैसे बाल फिर से ग्रो होने लगते हैं। एक समय बाद बाल सामान्य तरह से उगते हैं।

इसमें नए बाल दोबारा उगने की संभावना बिल्कुल नहीं होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक बार जड़ें नष्ट हो जाएं, तो उसमें नए बाल दोबारा नहीं उग सकते हैं।

Cureus Journal of Medical Science में प्रकाशित एक मेडिकल रिव्यू के अनुसार, गंभीर पस वाले दानों और संक्रमण के कारण जब जड़ें नष्ट होती हैं, तो उसे फॉलिकुलिटिस डिकैल्वेन्स (Folliculitis Decalvans) या सिकाट्रिशियल (स्कारिंग) एलोपेसिया कहा जाता है, जिससे स्थायी गंजापन होता है। ऐसा नहीं है कि इसका ट्रीटमेंट नहीं है। जैसे कि रिपोर्ट में बताया गया है, बालों के झड़ने का सही और स्थायी समाधान पाने के लिए शुरुआती चरण में सही कारण की पहचान (जैसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया, एलोपेसिया एरीटा या स्कारिंग एलोपेसिया) जरूरी है, जिसके लिए ट्राइकोस्कोपी और डिजिटल इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कब जाएं डॉक्टर के पास?

अगर आपके स्कैल्प पर हुए दानों में पस न हो, उसमें खुजली कम हो और दर्द भी न हो, तो ये समस्याएं अपने आप ठीक हो सकती हैं। हां, अगर यहां बताए गए संकेत नजर आ रहे हैं, तो इसे इग्नोर न करें-

  1. यदि दाने 7–10 दिनों से अधिक समय तक बने रहें या बार-बार लौट रहे हों, तो बिना पस या दर्द के भी ट्राइकोलॉजिस्ट/डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए।
  2. स्कैल्प में हुए दाने में बहुत ज्यादा दर्द हो और पस बनने लगे।
  3. दाने से अपने आप पस बहने लगे।
  4. अगर स्कैल्प के दाने तेजी से फैलने लगें।
  5. स्कैल्प में हो रहे दानों के कारण बुखार आ जाए।
  6. बाल पतले होने के साथ-साथ पैचेज भी नजर आएं।

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निष्कर्ष

स्कैल्प में हुए दानों को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर, अगर इसमें से पस निकल रहा है। कई बार यह इतना गंभीर हो जाता है कि बाल पतले हो झड़ने लगते हैं। कई बार प्रभावित हिस्से में पैच हो जाता है, जिसमें दोबारा बाल कभी नहीं उगते। इसलिए, कोशिश करें कि स्कैल्प में किसी भी तरह का दाना हो, तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या स्कैल्प में पास वाले दानों की समस्या एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कंघी शेयर करने से फैल सकती है?

    हां, विशेषकर जब यह समस्या संक्रामक स्टेफिलोकोकस बैक्टीरिया या टीनिया कैपिटिस (फंगस) के कारण हो।
  • स्कैल्प में पस और दानों की समस्या होने पर क्या नियमित हेयर ऑयलिंग लगाना चाहिए?

    नहीं, सिर में पस या दाने होने पर बालों में तेल लगाने से पूरी तरह बचना चाहिए।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 05, 2026 12:21 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra