Fri Sep 11, 2026 | 07:30 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

क्या यूरिक एसिड पूरी तरह ठीक हो सकता है? जानें डॉक्टर से

यूरिक एसिड पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता मगर इसे मैनेज किया जा सकता है । इसके लिए यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कारणों के आधार पर मरीज को अपनी जीवनशैली में बदलाव करने होते हैं।

यूरिक एसिड एक प्यूरिन नाम के केमिकल के टूटने से बनने वाला एक बाई प्रोडक्ट होता है, जो शरीर से किडनी के जरिए बाहर निकलता है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे जोड़ों में दर्द होना, चलने-फिरने में दिक्कतें, पेट और किडनी के आसपास दर्द, थकान आदि। बहरहाल, जब किसी का यूरिक एसिड बढ़ता है, तो  व्यक्ति के जेहन में यही सवाल आता है कि क्या यूरिक एसिड को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है? । इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने VNA Hospital में Principal Consultant, Urology, Sexology, Andrology डॉ. विनीत मल्होत्रा से बात की।

क्या यूरिक एसिड से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है?

यूरिक एसिड को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसका बनना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, इसे स्वस्थ जीवनशैली और सही खानपान से मैनेज किया जा सकता है। इसे सरल भाषा में समझते हैं। हम सबके शरीर में एक सीमित मात्रा में यूरिक एसिड होता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसलिए, यह कहना गलत होगा कि इसे स्थायी रूप से ठीक नहीं किया जा सकता है और न ही इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। हां, इसे मैनेज किया जा सकता है। हालांकि, यह जानना भी जरूरी है कि यूरिक एसिड होने के पीछे क्या कारण हैं। जैसे अगर खानपान की बुरी आदतें या अत्यधिक शराब के सेवन के कारण यूरिक एसिड बढ़ा है, तो जीवनशैली में इन बदलावों को करके यूरिक एसिड को संतुलित किया जा सकता है। इसी तरह, अन्य कारणों को मैनेज करके यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

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यूरिक एसिड बढ़ने के कारण

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डॉ. विनीत मल्होत्रा यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कुछ कारणों को जिम्मेदार बताते हैं, जैसे-

  • खराब डाइटः यूरिक एसिड का एक मुख्य कारण आपका खराब डाइट होता है। अगर कोई लंबे समय तक प्यूरिन युक्त आहार का सेवन करता है, जैसे रेड मीट, ऑर्गन मीट, शेलफिश, शुगरी ड्रिंक्स आदि तो यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
  • शराब का सेवनः वैसे तो शराब का सेवन हर स्थिति में हानिकारक माना जाता है। यूरिक एसिड बढ़ने में इसका भी बहुत बड़ा योगदान होता है। शराब का सेवन करने से प्यूरिन के टूटने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और शरीर से बाहर जाने की गति धीमी हो जाती है। इसी वजह से गठिया या गाउट जैसी समस्या ट्रिगर हो जाती है। शराब जैसे बीयर में प्यूरिन की मात्रा अधिक होने के कारण शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा बना रहता है।
  • किडनी संबंधी समस्याः अगर किसी को किडनी संबंधी समस्या है, तो इसका फंक्शन अपने आप कमजोर हो जाता है। इसका मतलब है कि किडनी शरीर के अपशिष्ट पदार्थों (Waste products) को उतनी मात्रा में फिल्टर नहीं कर पाता है, जितना कि जरूरी है। इससे भी शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। Kidney International Reports की मानें, क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के लगभग 60% रोगियों में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ (Hyperuricemia) पाया जाता है और लगभग 25% रोगियों को गाउट (Gout) की समस्या होती है। जैसे-जैसे किडनी की बीमारी बढ़ती है, शरीर से यूरिक एसिड बाहर निकलना कम हो जाता है, जिससे इसकी मात्रा और बढ़ जाती है।
  • मोटापाः WHO के अनुसार, “मोटापा अपने आप में एक बीमारी है। यह एक गंभीर समस्या है, जो कि कई अन्य बीमारियों का कारण बनता है, जैसे डायबिटीज, थायरॉइड, हाई ब्लड प्रेशर आदि।” इसी तरह देखा जाए तो मोटापा कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। वहीं, Heliyon A Cell Press Journal की मानें, तो मोटापा एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन गया है और हाइपरयूरिसीमिया (hyperuricemia) के लिए एक जोखिम कारक है। हाइपरयूरिसीमिया एक ऐसी मेडिकल कंडीशन है, जिसमे ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। 
  • अनुवांशिकः जी, हां! यह सच है कि अगर किसी के परिवार में यूरिक एसिड की समस्या है, तो संभवतः भावी पीढ़ी को भी यह बीमारी होने का जोखिम बना रहता है। Cleveland clinic के अनुसार, गाउट और मेटाबॉलिक इश्यूज जैसी समस्याएं अनुवांशिक हो सकती हैं, जो यूरिक एसिड के स्तर से जुड़ी होती हैं।

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यूरिक एसिड कैसे मैनेज करें?

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चूंकि यूरिक एसिड का कोई स्थायी इलाज नहीं होता है। इसलिए, बेहतर है कि आप इसे मैनेज करने की कोशिश करें-

  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएंः यूरिक एसिड बढ़ने पर जरूरी है कि आप नियमित रूप से और पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं। आप जितना अधिक पानी पिएंगे, शरीर से उतनी ही मात्रा में यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकल जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार आमतौर पर 2–3 लीटर पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।
  • डाइट में बदलाव करेंः यूरिक एसिड को मेंटेन करने के लिए बहुत जरूरी है कि आप ऑर्गन मीट, रेड मीट जैसी चीजों से पूरी तरह दूर हो जाएं। इसके साथ-साथ फ्रुक्टोज और शुगरी ड्रिंक से भी दूरी बनाए रखनी चाहिए। ये ऐसी चीजें हैं, जो यूरिक एसिड के प्रोडक्शन को बढ़ा सकती हैं। वहीं, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का सेवन करना फायदेमंद माना जा सकता है।
  • वजन संतुलित रखेंः अपने वजन को संतुलित रखना बहुत जरूरी है। अगर किसी का वजन बहुत ज्यादा है, तो कोशिश करें कि धीरे-धीरे इसमें कमी आए। इससे यूरिक एसिड प्रोडक्शन में भी कमी नजर आने लगती है। वजन कम करने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज भी करें। एक्सपर्ट्स की मानें, तो वॉकिंग, स्विमिंग और साइक्लिंग जैसे लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकते हैं।
  • तनाव मैनेज करेंः क्रॉनिक स्ट्रेस भी यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित कर सकता है। दरअसल, तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। ऐसे में प्यूरीन का यूरिक एसिड में टूटने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

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यूरिक एसिड बढ़ने पर कब जाएं डॉक्टर के पास?

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यूरिक एसिड बढ़ने पर मरीज को अपने शरीर में नजर आ रहे लक्षणों पर गौर करना चाहिए। जैसे जोड़ों में अचानक और तेज दर्द (विशेषकर पैर के अंगूठे, टखने या घुटने में), सूजन, रेडनेस या जोड़ों में गर्माहट महसूस होती है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। ये गाउट के शुरुआती लक्षण हैं। इसके अलावा, अगर शरीर में किडनी स्टोन के लक्षण जैसे पीठ दर्द, पेशाब के दौरान दर्द, बार-बार गाउट का दर्द बढ़ना, तो भी आप इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से संपर्क करें। विशेषज्ञ यह सलाह भी देते हैं कि यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में गंभीर दर्द हो, लगातार कंडीशन बिगड़े, तो जल्द से जल्द ब्लड टेस्ट करवाएं। इससे यूरिक एसिड के स्तर की सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, यह समझ आएगा कि कहीं संक्रमण का खतरा तो नहीं है या सूजन बढ़ तो नहीं रही है।

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निष्कर्ष

जैसा कि आप यह समझ ही गए होंगे कि यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, किडनी से जुड़ी बीमारी आदि होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए कोशिश करें कि यूरिक एसिड का स्तर संतुलित रहे। इसके लिए आप अपनी जीवनशैली को मैनेज करें, तनाव बढ़ने न दें और प्यूरिन युक्त खाद्य पदार्थों से दूर रहें। अगर कभी संदेह हो या कोई लक्षण नजर आए, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें।

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FAQ

  • यूरिक एसिड को जड़ से कैसे खत्म करें?

    यूरिक एसिड को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है। यह व्यक्ति की जीवनशैली पर निर्भर करता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए जीवनशैली में बदलाव करें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं और कम प्यूरिन वाले आहार लें। वजन नियंत्रित रखने से भी यूरिक एसिड के स्तर में कमी लाई जा सकती है।
  • शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के क्या कारण हैं?

    यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं। इनका जिक्र हमने लेख में पहले भी किया है। हालांकि, कई बार शरीर में यूरिक एसिड किडनी से जुड़ी बीमारी के कारण भी होता है। खानपान भी इसके लिए जिम्मेदार होता है।
  • क्या चाय पीने से यूरिक एसिड बढ़ता है?

    हां, अधिक चीनी वाली चाय और मीठे पेय यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं। असल में, चीनी में मौजूद फ्रुक्टोज सीधे तौर पर यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ाता है।
  • यूरिक एसिड में रात को क्या खाना चाहिए?

    यूरिक एसिड की मात्रा कितनी ज्यादा है, यह जानना मरीज के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर किसी मरीज को इस तरह की समस्या है, तो उन्हें डॉक्टर की सलाह पर ही अपना डाइट चार्ट प्लान करना चाहिए। आमतौर पर यूरिक एसिड के मरीज रात में लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स (जैसे टोंड दूध, दही), फाइबर से भरपूर सलाद (खीरा, टमाटर), और हल्का भोजन (जैसे दलिया या मूंग दाल की खिचड़ी) खा सकते हैं।

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Disclaimer

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Apr 18, 2026 11:15 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Apr 18, 2026 11:15 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra

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