Wed Oct 28, 2026 | 03:28 PM IST

Medically Reviewed by Dt Divya Gandhi , Therapeutic Diet (Diabetes & PCOD)

क्या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं? बता रहे हैं एक्सपर्ट

Protein And Gut Health: जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, आप कितनी मात्रा में प्रोटीन ले रहे हैं तथा अन्य पोषक तत्वों को डाइट में कितनी जगह दे रहे हैं, यह बात भी मायने रखती है।
क्या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं? बता रहे हैं एक्सपर्टक्या जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं? बता रहे हैं एक्सपर्ट

इसमें कोई दो राय नहीं है कि प्रोटीन हमारी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता सेहत को खराब कर सकती है। इसलिए, आप प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं या अधिक मात्रा में, इसकी जानकारी होना आवश्यक है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं?

इस बारे में Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी बताती हैं, "अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। खासकर, इसकी वजह से किडनी स्टोन, किडनी पर दबाव और शरीर में अन्य पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। ऐसे में पेट से जुड़ी समस्याएं भी होने का जोखिम भी बना रहता है।"

क्या अत्यधिक प्रोटीन का सेवन पाचन तंत्र को प्रभावित करता है?

Can Consuming Too Much Protein Cause Stomach IssuesCan Consuming Too Much Protein Cause Stomach Issues

न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी कहती हैं, "हां, यह सच है कि अगर कोई अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करता है, तो इसका पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल, जब आप प्रोटीन अधिक मात्रा में लेते हैं, तो इसकी वजह से फाइबर अपने आप डाइट में कम हो जाता है। ऐसे में पाचन तंत्र धीमे काम करता है। नतीजतन, ब्लोटिंग, पाचन क्षमता का कमजोर होना और कब्ज जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं। यहां तक कि जो लोग सप्लीमेंट के रूप में प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन शेक में मौजूद लैक्टोज या आर्टिफिशियल स्वीटनर्स/पॉलीओल्स (जैसे सुक्रालोज, सोर्बिटोल) के कारण पाचन से जुड़ी समस्या होती है। ऐसे में गैस, पेट में दर्द और क्रैंपिंग की समस्या का जोखिम भी बढ़ जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि किडनी के मरीज अतिरिक्त मात्रा में कभी भी प्रोटीन का सेवन न करें। हां, अगर उन्हें इसे अपनी डाइट में शामिल करना है, तो एक्सपर्ट की सलाह लेना न भूलें।"

जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने के शुरुआती संकेत और लक्षण

How Consuming Too Much Protein Cause Stomach IssuesHow Consuming Too Much Protein Cause Stomach Issues

न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी बताती हैं, जरूरत से प्रोटीन लेने पर शरीर में कुछ संकेत नजर आने लगते हैं, जैसे-

  • पाचन संबंधी परेशानीः प्रोटीन की अधिकता और फाइबर की कमी के कारण ब्लोटिंग, गैस, मतली जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
  • डिहाइड्रेशनः जब आप प्रोटीन अधिक मात्रा में लेते हैं, तो इसकी वजह से किडनी को हार्ड वर्क करना पड़ता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या होने लगती है। ऐसे में शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है।
  • मुंह से बदबू आनाः प्रोटीन की अधिकता के कारण मुंह से बदबू आने की समस्या भी होने लगती है। असल में ज्यादा प्रोटीन और लो कार्ब्स वाली डाइट शरीर को कीटोसिस की अवस्था में ले जा सकती है, जिससे मुंह से मैटेलिक बदबू आने लगती है।

प्रोटीन और गट हेल्थः क्या वैज्ञानिक शोध कहते हैं?

साल 2022 में National Library Of Medicine में प्रकाशित वैज्ञानिक रिपोर्ट से पता चलता है कि स्वस्थ व्यक्ति में अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से कोई गंभीर दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते हैं। हालांकि, सप्लीमेंट के रूप में अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से कुछ लोगों में मतली/उल्टी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल असुविधा, सिरदर्द या लिवर/किडनी से जुड़े बायोमार्कर्स में अस्थायी बदलाव दर्ज किए गए। हालांकि, खुराक और अवधि का कोई स्पष्ट व सुरक्षित पैमाना तय नहीं हो सका।

पाचन को दुरुस्त रखने के लिए प्रोटीन का सही संतुलन कैसे बनाएं?

पाचन को दुरुस्त रखने के लिए प्रोटीन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्वों को भी डाइट का हिस्सा बनाएं, जैसे-

  • एक चौथाई प्लेट में प्रोटीन शामिल करें। इसके लिए चिकन, मछली, अंडा, लो फैट डेयरी, पनीर आदि अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
  • कॉम्प्लेक्स कार्ब्स सहित फाइबर लेना भी आवश्यक है। अपनी एक चौथाई या एक तिहाई प्लेट में साबुत अनाज, किनोवा, ब्राउन राइस, मिलेट्स आदि शामिल करें।
  • फल और सब्जियों को कभी भी नजरअंदाज न करें। अपनी थाली में रंग-बिरंगी सब्जियां और फल शामिल करें। इनकी मदद से आपको मिनरल्स, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जिससे पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।

विशेषज्ञों की रायः प्रोटीन के सेवन में किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आप उन लोगों में से हैं, जो प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना न भूलें, जैसे-

  1. 2025-2030 Dietary Guidelines for Americans में यह बताया गया है कि वयस्कों को प्रतिदिन अपने शरीर के वजन के अनुसार प्रति किलोग्राम 1.2 से 1.6 ग्राम प्रोटीन खाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
  2. ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से अपने आप मसल्स बिल्ड नहीं हो जाती हैं। हालांकि, Harvard Health Publishing के अनुसार, प्रोटीन एमीनो एसिड से बनते हैं। ये हड्डियों, कार्टिलेज, मांसपेशियों, रक्त, त्वचा, एंजाइम, हार्मोन और विटामिन का निर्माण करते हैं। इसके बावजूद, इसका संतुलन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
  3. प्रोटीन का सेवन दिन भर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में करें। एक बार में बहुत अधिक प्रोटीन लेना सही नहीं है।
  4. नाश्ते की शुरुआत प्रोटीन से करना सही होता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर संतुलित रहता है।

निष्कर्ष

प्रोटीन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, लेकिन इसकी अधिकता शरीर के लिए सही नहीं है। इसलिए, हमेशा सभी तरह के पोषक तत्वों को अपनी डाइट में शामिल करें। अपनी डाइट की थाली को बैलेंस्ड रखें। इससे सेहत बेहतर होती है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी नहीं होती है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या खाली पेट केवल प्रोटीन शेक पीने से एसिडिटी या पेट दर्द हो सकता है?

    हां, बिना किसी फाइबर या कार्ब्स के केवल प्रोटीन शेक लेने से गैस्ट्रिक एसिड तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में सीने में जलन और ऐंठन हो सकती है।
  • प्रोटीन के साथ पर्याप्त पानी न पीने से कब्ज की समस्या क्यों बढ़ जाती है?

    प्रोटीन मेटाबॉलिज्म से बने यूरिया और नाइट्रोजन को बाहर निकालने के लिए शरीर आंतों से पानी सोख लेता है, जिससे मल सख्त और सूखा हो जाता है। इसी वजह से व्यक्ति को कब्ज की समस्या हो जाती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 28, 2026 14:05 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dt Divya Gandhi