छोटे बच्चों को दूध पिलाने के बाद कई बार उनके मुंह से थोड़ा-सा दूध बाहर निकल आता है। कभी डकार के साथ दूध निकलता है, तो कभी दूध पिलाने के कुछ देर बाद बच्चे के कपड़े गीले हो जाते हैं। जो पहली बार पेरेंट्स बने हैं, उन्हें ये देखकर बहुत टेंशन हो जाती है। कई बार पेरेंट्स को लगता है कि शिशु उल्टी कर रहा है, क्या सच में ऐसा होता है? क्या उसका दूध पच नहीं रहा या पेट में परेशानी है? इस बारे में Dr. Yatish Singh, Consultant Paediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, Indirapuram से बात की। उन्होंने बताया कि अगर फटा हुआ दूध कभी-कभार निकलता है, तो नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन हर बार दूध निकलने को नॉर्मल समझना नहीं है। इसे स्पिटिंग अप या रिगर्जिटेशन (Regurgitation) कहा जाता है।
दूध पीने के बाद बच्चा दूध क्यों निकालता है?
Mayo Clinic के मुताबिक, शिशुओं में दूध निकालने की आदत पहले तीन महीनों में ज्यादा होती है। इसका कारण खाने की नली और पेट के बीच की मांसपेशी का पूरी तरह से विकसित न होना है। कई बार इस वजह से शिशु दूध को बाहर निकाल देते हैं। कई बार ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि शिशु का पेट पूरी तरह से भरा होता है।
Dr. Yatish Singh कहते हैं, “छोटे शिशुओं का डाइजेशन जन्म के शुरुआती महीनों में विकसित नहीं होता। इस वजह से पेट में मौजूद थोड़ा दूध वापस भोजन नली से होते हुए मुंह तक आ सकता है। इस रिफ्लक्स या स्पिटिंग अप कहा जाता है। मुंह से दूध निकलने के कई कारण हो सकते हैं।”
- कभी-कभी बच्चा एक बार में जरूरत से ज्यादा दूध पी लेता है। इससे उसका पेट ज्यादा भर सकता है और थोड़ा दूध वापस बाहर आ सकता है।
- ब्रेस्टफीडिंग या बोतल से दूध पीते समय बच्चा कुछ हवा भी निगल सकता है। बाद में डकार आने के साथ थोड़ा दूध निकल सकता है।
- अगर शिशु को दूध पीने के तुरंत बाद बच्चे को लिटा दिया जाए, तो भी शिशुओं में दूध वापस मुंह तक आ सकता है।
बच्चे का दूध निकालना कब सामान्य माना जाता है?
Dr. Yatish Singh ने बताया कि अगर बच्चा दूध पीने के बाद थोड़ा दूध निकालता है, लेकिन खुश और एक्टिव रहता है, तो आमतौर पर टेंशन की बात नहीं होती। दूध पीने के बाद फटा दूध निकालने के पर शिशु के इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए।
- अगर बच्चा ब्रेस्टफीडिंग या फॉर्मूला दूध ठीक से ले रहा है, तो चिंता की कोई बात नहीं होती।
- अगर बच्चा कभी-कभी दूध निकालता है, लेकिन उसका वजन सामान्य तरीके से बढ़ रहा है, तो यह सामान्य रिफ्लक्स हो सकता है।
- अगर शिशु पेशाब पर्याप्त मात्रा में कर रहा है और उसका हाइड्रेशन सही है।
baby spitting up milk after feeding
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कितने महीने तक बच्चे का दूध निकालना सामान्य हो सकता है?
Dr. Yatish Singh कहते हैं, “शिशु का फटा दूध निकलना शुरुआती महीनों में ज्यादा देखा जाता है। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका डाइजेशन विकसित होता है और दूध वापस आने की समस्या धीरे-धीरे कम हो सकती है। ज्यादातर 6 से 12 महीने की उम्र तक यह परेशानी कम हो जाती है, लेकिन अगर दूध निकालने की समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।”
शिशु का दूध निकालना और उल्टी में क्या फर्क है?
Dr. Yatish Singh ने कहा कि अगर शिशु थोड़ी मात्रा में फटा हुए दूध बाहर निकालता है, तो यह स्पिटिंग अप है, लेकिन अगर पेट की मांसपेशियों पर जोर पड़ सकता है और दूध के साथ कुछ और भी निकल रहा है, तो यह उल्टी है। इसे सामान्य स्पिटिंग अप समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
दूध पीने के बाद किन लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है?
Dr. Yatish Singh के मुताबिक, दूध पीने के बाद इन लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
- अगर बच्चे की उल्टी हरे रंग की है या उसमें खून दिखाई देता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- अगर दूध पीने के बाद बच्चा बार-बार जोर से उल्टी करता है, तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है।
- शिशु पर्याप्त दूध नहीं पी रहा, बार-बार दूध पीने से मना कर रहा है या उसका वजन नहीं बढ़ रहा, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
- शिशु का पेट असामान्य रूप से फूला हो, वह बहुत सुस्त दिखाई दे या सामान्य से अलग व्यवहार करे, तो इसे हल्के में न लें।
- अगर तीन महीने के शिशु को 100.4°F या उससे ज्यादा बुखार हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
दूध पीने के बाद उल्टी करने पर क्या करें?
Dr. Yatish Singh ने कहा कि दूध पीने के बाद अगर शिशु बार-बार उल्टी कर रहा है या दूध बाहर निकाल रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। मां को दूध पिलाने की आदतों में बदलाव करना चाहिए।
- बच्चे की जरूरत के अनुसार दूध पिलाएं। अगर बच्चा बार-बार ज्यादा दूध पीने के बाद निकालता है, तो डॉक्टर की सलाह से फीडिंग की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
- दूध पिलाते समय और बाद में शिशु को डकार दिलाने की कोशिश करें।
- दूध पिलाने के बाद बच्चे को करीब 20 से 30 मिनट तक गोद में सीधा रख सकते हैं।
- दूध पीने के तुरंत बाद बच्चे के पेट पर प्रेशर डालने या जोर से हिलाने से बचें।
- रिफ्लक्स होने पर भी बच्चे को सोते समय पीठ के बल लिटाएं।
क्या दूध पीने के बाद निकालना नॉर्मल है?
Dr. Yatish Singh कहते हैं, “सबसे पहले पेरेंट्स को यह देखना चाहिए कि शिशु दूध निकाल रहा है या उल्टी कर रहा है। हालांकि, अगर हर बार दूध पीने के बाद दूध निकाल रहा है, तो यह नॉर्मल नहीं है। अगर शिशु उल्टी कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा, 6 महीने के बाद भी दूध निकालने पर डॉक्टर से चेक कराना जरूरी है।”
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निष्कर्ष
छोटे बच्चों का दूध पीने के बाद थोड़ा-बहुत दूध निकालना आम बात है और ज्यादातर मामलों में उम्र बढ़ने के साथ कम हो जाता है, लेकिन अगर शिशु लगातार उल्टी कर रहा है या दूध की मात्रा काफी ज्यादा है, तो डॉक्टर को दिखाएं। इसके साथ, पेरेंट्स को शिशु के दूध पिलाने की आदतों में बदलाव करनके देखना चाहिए। इससे भी कई बार फर्क पड़ सकता है।
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FAQ
क्या गाय के दूध के प्रोटीन से एलर्जी के कारण भी शिशु बार-बार दूध निकालता है?
अगर शिशु को गाय के दूध के प्रोटीन से एलर्जी है, तो दूध पलटने के साथ-साथ पॉटी में खून या म्यूकस, शरीर पर एक्जिमा या चकत्ते, पेट में मरोड़ और लगातार दस्त जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में फार्मूला मिल्क या ब्रेस्टफीडिंग ही कराना बेहतर रहता है।क्या दूध निकालने वाले शिशु को बिना डॉक्टर की सलाह के ग्राइप वाटर, हींग का पेस्ट या एंटासिड देना चाहिए?
छोटे शिशुओं का डाइजेशन और लिवर बहुत सेंसिटिव होते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह लिए एंटासिड या ग्राइप वाटर देने से पेट का प्राकृतिक एसिडिक संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे आंतों का इंफेक्शन और निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है।
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Oct 28, 2026 16:07 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr. Yatish Singh
