पाटला पेड़ के फल, फूल, जड़ और पत्तियां हैं औषधीय गुणों से भरपूर, आयुर्वेदाचार्य से जानें इनके फायदे और प्रयोग

पाटला पेड़ के जड़, फल, फूल और पत्तियां सभी में औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसके सेवन से कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। जानें पाटला पौधे के फायदे 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 19, 2021Updated at: Apr 19, 2021
पाटला पेड़ के फल, फूल, जड़ और पत्तियां हैं औषधीय गुणों से भरपूर, आयुर्वेदाचार्य से जानें इनके फायदे और प्रयोग

आयुर्वेद में कई पेड़-पौधों का इस्तेमाल तरह-तरह के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। इन्हीं में से एक है पाटला का पेड़ (Patala Tree)। इस पेड़ के जड़, पत्तियां, फल और फूल का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है। पाटला पेड़ का वानस्पतिक नाम Stereospermum Chelonoides है। इसे अंग्रेजी में रोज फ्लावर फ्रैग्नेंट (Rose Flower Fragnant) कहा जाता है। इसके हिंदी में पाटला के अलावा पाढ़ल (Padhal), पारल (Paral), पडरिंगा (Paderinga) और पाडर (Pader) के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा इसे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग नामें से जाना जाता है। पाटला का पेड़ एसिडिटी, बवासीर को करने में फायदेमंद होता है। यह माइग्रेन में होने वाले सिरदर्द से भी राहत दिलाता है। इसके अलावा पाटला का पेड़ त्वचा रोगों को ठीक करने, हिचकी रोकने, पथरी को निकालने में भी फायदेमंद होता है। पाटला पेड़ के जड़, पत्तियों, फूलों और फलों का इस्तेमाल वात रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके सेवन से कई दूसरी तरह की बीमारियों को भी ठीक किया जा सकता है। पाटला का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients) शरीर को कई लाभ पहुंचाते हैं। राम हंस चेरीटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा से जानें पाटला पेड़ के फायदे और इसे इस्तेमाल करने का तरीका (Benefits and Uses of Patala Tree)-

पाटला पेड़ के उपयोगी भाग (Useful Parts of Patala Tree)

  • - फल (Fruit)
  • - छाल (Bark)
  • - फूल  (Flower)
  • - जड़ (Root)
  • - पत्तियां (Leaves)
patala

कैसे करें पाटला पेड़ की पहचान (How to Identify Patla Tree)

पाटला का पेड़ एक मध्यम आकार का पेड़ है। पाटला पेड़ के फूलों का रंग पीला (Yellow), सफेद (White) और लाल (Red) होता है। पाटला के फूलों का इस्तेमाल आयुर्वेद में औषधि के रूप में किया जाता है। इसके अलावा इसके फल, छाल, जड़ और पत्तियों का इस्तेमाल भी औषधि के रूप में किया जाता है। 

पाटला पेड़ के फायदे (Benefits of Patala Tree)

पाटला के पेड़ का इस्तेमाल कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। यह माइग्रेन, हिचकी को ठीक करने में कारगर होता है। इतना ही नहीं पाटला का पेड़ पथरी को खत्म करने में भी फायदेमंद होता है।

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पेट के रोग दूर करे (Relief in Stomach Disease)

आजकल की बिजी और खराब जीवनशैली की वजह से कई लोग पेट से जुड़े रोगों से परेशान हैं। इसमें गैस (Gas), एसिडिटी (Acidity) और कब्ज (Constipation) की समस्या बेहद सामान्य होती है। लेकिन ये समस्याएं कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती हैं। ऐसे में पेट के रोगों को दूर करना जरूरी होता है। पाटला के छाल का शरबत इन सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। अकसर आयुर्वेद में पेट के रोगों को दूर करने के लिए इस पेड़ का इस्तेमाल किया जाता है।

माइग्रेन के दर्द से दिलाए राहत (Relief From Migraine Pain)

आजकल सिरदर्द की समस्या से कई लोग परेशान हैं। कभी-कभी सिरदर्द बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे में इसका समय से इलाज करवाना जरूरी होता है। माइग्रेन भी सिरदर्द की एक बड़ी वजह है। आयुर्वेद में पाटला के बीजों का इस्तेमाल सिरदर्द को दूर करने के लिए किया जाता है। पाटला के बीजों के इस्तेमाल से बहुत जल्दी सिरदर्द में आराम मिलता है।

हिचकी रोके (Stop Hiccups)

हिचकी की समस्या से राहत पाने के लिए पाटला के चूर्ण का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। हिचकी आने पर अगर आप पाटला के फल और फूल के चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर खाते हैं, तो हिचकी कुछ ही समय में रूक हो जाती है। हिचकी की समस्या बेहद सामान्य है, लेकिन ज्यादा देर तक हिचकी आने से व्यक्ति परेशान हो जाता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। 

त्वचा संबंधी रोगों में उपयोगी (Useful in Skin Diseases)

गलत खानपान, टेंशन और अवसाद की वजह से त्वचा संबंधी रोगों में बढ़ी तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही हैं। ऐसे में इन रोगों को दूर करना जरूरी होता है। आयुर्वेद में त्वचा रोगों से निजात पाने के लिए पाटला की छाल का इस्तेमाल किया जाता है। आप भी इसके इस्तेमाल से अपने त्वचा रोग दूर कर सकते हैं। यह इंफेक्शन और फोड़े-फुंसियों को ठीक करने में मदद करता है। 

skin disease

पथरी ठीक करने में लाभकारी (Beneficial in Healing Stones)

आयुर्वेद में पाटला का इस्तेमाल पथरी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। इसके चर्ण में पथरी नाशक गुण पाए जाते हैं। इसलिए इसके सेवन से पथरी टूट-टूटकर शरीर से बाहर निकल जाती है। अगर आप पथरी की समस्या से परेशान हैं, तो इसका सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन एक बार आप आयुर्वेद डॉक्टर से सलाह जरूर लें। वे आपको इसे खाने का सही तरीका बताएंगे, जिससे पथरी से जल्दी राहत मिल सकती है। 

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यूटीआई समस्याओं में राहत दिलाए (Relief in UTI Problems)

यूटीआई से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने में भी पाटला उपयोगी हो सकता है। यह पेशाब करते समय होने वाले जलन और दर्द में राहत दिलाता है। इसके सेवन से आपको कुछ ही दिनों में फायदा मिल सकता है। यह मूत्रमार्ग संबंधी समस्याओं को नष्ट करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। 

जोड़ों के दर्द में आराम दिलाए पाटला (Relief in Joints Pain)

joints pain

आजकल शारीरिक गतिविधियों की कमी की वजह से जोड़ों में दर्द की समस्या काफी बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में समय रहते इसका इलाज जरूरी होता है। पाटला के पेड़ के उपयोगी हिस्सा का चूर्ण खाने और काढ़ा पीने से इस समस्या से राहत मिल सकती है। यह सभी तरह के वात रोगों को दूर करने में भी फायदेमंद होता है।

पाटला के पेड़ के उपयोगी भागों के इस्तेमाल से कई तरह के रोगों को दूर किया जा सकता है। वैसे तो यह एक सुरक्षित औषधि है, लेकिन आपको इसका सेवन आयुर्वेद डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। अगर आपको कोई गंभीर रोग हैं या आप गर्भवती हैं तो इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसका सेवन डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए। असीमित मात्रा में इसका सेवन करने से बचें। क्योंकि अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। इसलिए इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करें। 

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